कीर्तन 51–100
कीर्तन 74 · Kirtan 74
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
मैं तो वारी बनवारी पर, वारी वारी वारी।
(मैं तो प्यारी प्यारी प्यारी पर वारी वारी जाऊँ)
मैं तो वारी बनवारी पर, वारी वारी वारी।
बनवारी मेरी प्यारी पर, वारी वारी वारी॥
Source page 128
जो भी मेरी प्यारी जू पै जाये वारी वारी वारी।
मैं तो वापै पुनि पुनि जाऊँ वारी वारी वारी।।
मेरी प्यारी पर जाये प्यारी वारी वारी वारी।
ऐसी प्यारी प्यारी प्यारी पर वारी वारी वारी॥
रस बरसाने वारी पर वारी वारी वारी।
बरसाने वारी प्यारी पर वारी वारी वारी॥
मैं तो प्यारीजू की यारी पर वारी वारी वारी।
मैं तो यार बनवारी पर वारी वारी वारी।।
आगे आगे प्यारी चलैं वाके पाछे ब्रजनारी।
वाके पाछे पाछे चलैं चोरी चोरी बनवारी।।
सोरहो सिंगार करि बैठे जब मेरी प्यारी।
सिर नीचे करि देखें चोरी चोरी बनवारी।।
बनवारी हूँ को मोहिं एक चितवनि प्यारी।।
मैं तो वाई ब्रजरज पर वारी वारी वारी।
जाको प्यारी सिर डारे जायें वारी वारी वारी।।
