कीर्तन 1–50
कीर्तन 11 · Kirtan 11
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
मेरी राधारानी राधारानी, मेरी राधारानी राधारानी।
मेरी राधारानी राधारानी, मेरी राधारानी राधारानी।
महरानीहूँ की महरानी, मेरी राधारानी राधारानी।
जस महरानी राधारानी, तस महरानी राधारानी।
अस महरानी राधारानी, कोटि कमला हैं नौकरानी।
अस महरानी राधारानी, नौकरानी है भवानी बानी।
श्री वृंदावन ठकुरानी, मेरी महरानी राधारानी।
ठाकुरहूँ की ठकुरानी, रटें राधारानी राधारानी।
दिव्य ब्रज रस वरदानी, मेरी महरानी राधारानी।
सारे ब्रज की है महरानी, मेरी महरानी राधारानी।
पूर्णब्रह्म करें अगवानी, मेरी ठकुरानी राधारानी।
Source page 19
गुरु की कृपा ते जानी, तू ही मेरी राधारानी।
मेरी ठकुरानी राधारानी, मैं हूँ राधारानी की दीवानी।
रही अनजानी अब जानी, राधारानी सम राधारानी।
मेरी सुनु तजु आनाकानी, मेरी राधारानी राधारानी।
मेरी स्वामिनि राधारानी, मेरी ठकुरानी राधारानी।
जय हो, जय हो, बोलें चक्रपानी, मेरी राधारानी राधारानी।
मादन ब्रज रस खानी, मेरी महरानी राधारानी।
हैं “कृपालु” अति ठकुरानी, मेरी महरानी राधारानी।।
मेरी ठकुरानी राधारानी, मेरी ठकुरानी राधारानी।
मेरी स्वामिनी राधारानी, मेरी स्वामिनी राधारानी।
मेरी जीवनि राधारानी, मेरी जीवनि राधारानी।
मेरी प्राण श्री राधारानी, मेरी प्राण श्री राधारानी।
जीवन जीव राधारानी, जीवन जीव राधारानी।
