कीर्तन 101–125
कीर्तन 110 · Kirtan 110
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
आजा आजा आजा कुंजबिहारी,
राधेरानी, राधेरानी, राधेरानी, राऽऽधे राऽधे, राधेरानी।
महरानी राधेरानी वरदानी, प्रेमरूप ब्रज रस खानी।
महरानी राधारानी, प्रेमरूप रस खानि, वृन्दावन ठकुरानी।
प्यारी प्यारी भोरी भारी सुकुमारी,
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जय हो प्रानन प्यारी, जय हो प्रानन प्यारी,
जय हो प्रानन प्यारी, बोलें बनवारी।
प्यारी प्यारी भोरी भारी सुकुमारी,
