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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 15 · 19/129

कीर्तन 1–50

कीर्तन 15 · Kirtan 15

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

16 source linesपुस्तक पृष्ठ 34–35PDF 45–46

तोपै वारी वारी प्यारी, बरसाने वारी।

(बलिहार बलिहार . . .)

तोपै वारी वारी प्यारी, बरसाने वारी।

प्यारी प्यारी भोरी भारी, बरसाने वारी।

नथबेसर वारी प्यारी, बरसाने वारी।

वृषभानुदुलारी प्यारी, बरसाने वारी।

Source page 35

मैं तो वारी वारी प्यारी, बरसाने वारी।

जय हो जय हो तेरी प्यारी, बरसाने वारी।

तू ही मेरी गति मति प्यारी, बरसाने वारी।

पाछा छोड़ूँ न तेरा प्यारी, बरसाने वारी।

मैं तो शरण-शरण प्यारी, बरसाने वारी।

मैं तो तेरी ही थी प्यारी, बरसाने वारी।

मैं तो तेरी ही हूँ प्यारी, बरसाने वारी।

मैं रहूँगी तेरी ही प्यारी, बरसाने वारी।

आ जा आ जा आ जा प्यारी, बरसाने वारी।

तेरी बलिहारी मेरी प्यारी, बरसाने वारी।

लूटो तुम भी “कृपालु” प्यारी, बरसाने वारी ।।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३019
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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