कीर्तन 1–50
कीर्तन 14 · Kirtan 14
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
जय हो जय हो अलबेली सरकार, बलिहार बलिहार।
भोरी भारी प्यारी प्यारी सरकार, बलिहार बलिहार।
बरसाने वारी प्यारी सरकार, बलिहार बलिहार।
तेरी महिमा अपरंपार, बलिहार बलिहार।
तो पै कोटि प्राण दउँ वार, बलिहार बलिहार।
तेरे पाछे डोले नंदकुमार, बलिहार बलिहार।
जाके संग लख लख ब्रजनार, बलिहार बलिहार।
जाको किंकर नंदकुमार, बलिहार बलिहार।
तेरी ब्रह्म करे जयकार, बलिहार बलिहार।
तू प्रेम रूप रस सार, बलिहार बलिहार।
तेरा अधाधुंध दरबार, बलिहार बलिहार।
सब सरकारों की सरकार, बलिहार बलिहार।
तू है कृपा रूप साकार, बलिहार बलिहार।
चह दिव्य प्रेम सरकार, बलिहार बलिहार।
कछु घटि न जाय दे प्यार, बलिहार बलिहार।
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टुक झलक दिखा दे इक वार, बलिहार बलिहार।
तू तो करु णा की अवतार, बलिहार बलिहार।
तू तो पराशक्ति अवतार, बलिहार बलिहार।
तू तो ह्लादिनी शक्ति हुँ सार, बलिहार बलिहार।
क्यों कृपण हमारिहिं बार, बलिहार बलिहार।
कहा घटि जाय दे दे टुक प्यार, बलिहार बलिहार।
करूँ पुनि पुनि जय जयकार, बलिहार बलिहार।
नहिं उऋण कबहुँ उपकार, बलिहार बलिहार।
तव चाकर नंदकुमार, बलिहार बलिहार।
तव ब्रह्म न पायो पार, बलिहार बलिहार।
विधि हरि हर कर जयकार, बलिहार बलिहार।
तव आरति ब्रह्म उतार, बलिहार बलिहार।
हौं चह न पदारथ चार, बलिहार बलिहार।
चह तव सेवा सरकार, बलिहार बलिहार।
चह देखन नित्य विहार, बलिहार बलिहार।
तू निराधार आधार, बलिहार बलिहार।
जय हो तेरा दीनन दरबार, बलिहार बलिहार।
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चह महल टहल सरकार, बलिहार बलिहार।
अब जाऊँ न तजि तव द्वार, बलिहार बलिहार।
तू ही मेरी थी भी है भी सरकार, बलिहार बलिहार।
टुक हमरिहुँ ओर निहार, बलिहार बलिहार।
सुनु निज शिशु करु ण पुकार, बलिहार बलिहार।
लूटो दै के अँसुवन उपहार, बलिहार बलिहार।
करु अपनो विरद विचार, बलिहार बलिहार।
अब खोल कृपा भंडार, बलिहार बलिहार।
पाछा छोडूँ नहिं सरकार, बलिहार बलिहार।
लागि छूटे नहिं दे या ना दे प्यार, बलिहार बलिहार।
तू महाभाव साकार, बलिहार बलिहार।
तू मादन रस अवतार, बलिहार बलिहार।
जाके बहे तनु ब्रजरस धार, बलिहार बलिहार।
जय हो ब्रजरस बाँटनिहार, बलिहार बलिहार।
तूने पाई नहिं अपनिहूँ पार, बलिहार बलिहार।
पार पाने वाला डूबा मझधार, बलिहार बलिहार।
तोय तू ही जाननिहार, बलिहार बलिहार।
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तोपै हौं पुनि पुनि बलिहार, बलिहार बलिहार।
जय हो बोलें पिय बारंबार, बलिहार बलिहार।
कहि नेति श्रुतिहुँ गइ हार, बलिहार बलिहार।
तोहिं श्रुति कह अगम अपार, बलिहार बलिहार।
तू ही चारिहूँ श्रुति की सार, बलिहार बलिहार।
जाको भृत्य जगत भरतार, बलिहार बलिहार।
तव डर डर नंदकुमार, बलिहार बलिहार।
जय हो जय हो भोरी भारी सरकार, बलिहार बलिहार।
जय हो जय हो गोरी गोरी सरकार, बलिहार बलिहार।
जय हो विधि हरि हर बलिहार, बलिहार बलिहार।
जय हो सनकादिक बलिहार, बलिहार बलिहार।
जय हो शुक शंकर बलिहार, बलिहार बलिहार।
जय हो जाने देखा तोहिं बलिहार, बलिहार बलिहार।
जय हो मैं भी तू भी वे भी बलिहार, बलिहार बलिहार।
जय हो छोरा छोरी सब बलिहार, बलिहार बलिहार।
जय हो धनि जो भी तोपै बलिहार, बलिहार बलिहार।
जय हो रसिक रँगीली सरकार, बलिहार बलिहार।
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जय हो तेरा नहीं कोऊ आधार, बलिहार बलिहार।
जय हो नित नई नई सरकार, बलिहार बलिहार।
जय हो सब बोलो प्यारी जयकार, बलिहार बलिहार।
जय हो प्यारी पर प्यारी बलिहार, बलिहार बलिहार।
जय हो जाकि हरि करे जयकार, बलिहार बलिहार।
जय हो तेरा न बना जो धिक्कार, बलिहार बलिहार।
जय हो मुक्ति न चह तव प्यार, बलिहार बलिहार।
क्यों कृपण “कृपालुहिं” बार, बलिहार बलिहार।।
जय हो जय हो अलबेली सरकार, बलिहार बलिहार।
जय हो कनक मुकुट सिर धार, बलिहार बलिहार।
जय हो मणि दुति मुकुट निहार, बलिहार बलिहार।
जय हो चन्द्रकला सिर धार, बलिहार बलिहार।
जय हो चूनरि जरिन किनार, बलिहार बलिहार।
जय हो वेणी अति घुंघरार, बलिहार बलिहार।
जय हो वेणी सुमन सिंगार, बलिहार बलिहार।
जय हो लर मोतिन छविदार, बलिहार बलिहार।
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जय हो कर्णफूल श्रुति धार, बलिहार बलिहार।
जय हो भृकुटी कुटिल निहार, बलिहार बलिहार।
जय हो दृगन सहज कजरार, बलिहार बलिहार।
जय हो दृगन सलज रतनार, बलिहार बलिहार।
जय हो चितवनि बह रसधार, बलिहार बलिहार।
जय हो मुक्ताहल भलधार, बलिहार बलिहार।
जय हो नथ बेसर छविदार, बलिहार बलिहार।
जय हो लर मोतिन नथ धार, बलिहार बलिहार।
जय हो अधर सहज अरु णार, बलिहार बलिहार।
जय हो मुसकनि जादू डार, बलिहार बलिहार।
जय हो चिबुक कृष्ण तिलधार, बलिहार बलिहार।
जय हो मणि कंकण छविदार, बलिहार बलिहार।
जय हो कर चूरिन दुतिदार, बलिहार बलिहार।
जय हो कर करपत्र सँवार, बलिहार बलिहार।
जय हो मुंदरिन दुति बलिहार, बलिहार बलिहार।
जय हो करतल मेहँदी सार, बलिहार बलिहार।
जय हो विविध मणिन उर हार, बलिहार बलिहार।
Source page 34
जय हो उर कंचुकि छविदार, बलिहार बलिहार।
जय हो कटि नीलाम्बर धार, बलिहार बलिहार।
जय हो मणि किंकिणि छविदार, बलिहार बलिहार।
जय हो किंकिणि धुनि झनकार, बलिहार बलिहार।
जय हो कनकन नूपुर धार, बलिहार बलिहार।
जय हो नूपुर धुनि झनकार, बलिहार बलिहार।
जय हो बिछुवनि छवि छविदार, बलिहार बलिहार।
जय हो पग जावक अरु णार, बलिहार बलिहार।
जय हो भाल दिठौना डार, बलिहार बलिहार।
