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जय श्री राधे जय नँदनंदन,
(गोविन्द जय जय . . .)
जय श्री राधे जय नँदनंदन,
जय गोपीजन जय वृन्दावन।
जय सतघन चितघन जय सुखघन,
जय नँदनंदन जय राधा धन।
भज जीवन धन राधारमन मन,
गोपन गोपिन गोधन को धन।
भानुनन्दिनी अरु नन्दनन्दन,
बिहरत नित “कृपालु” वृन्दावन।
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