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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 115 · 119/129

कीर्तन 101–125

कीर्तन 115 · Kirtan 115

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

17 source linesपुस्तक पृष्ठ 181–182PDF 192–193

जय हो जय हो जय हो प्यारी बरसाने वारी।

(मेरो राधारमण, मेरो जीवन धन)

जय हो जय हो जय हो प्यारी बरसाने वारी।

रस बरसाने वारी बरसाने वारी।

प्यारी प्यारी भोरी भारी बरसाने वारी।

ब्रजरस वारी प्यारी बरसाने वारी।

Source page 182

अति सुकुमारी प्यारी बरसाने वारी।

मेरी प्रानन प्यारी बरसाने वारी।

नथबेसर वारी बरसाने वारी।

नीलाम्बर वारी बरसाने वारी।

सिर चूनरि वारी बरसाने वारी।

गोरी गोरी भोरी भोरी बरसाने वारी।

प्रियतम चित चोरी बरसाने वारी।

ब्रजरस मँह बोरी बरसाने वारी।

मेरी प्यारी सम प्यारी बरसाने वारी।

टुक झलक दिखा दे बरसाने वारी।

मेरी लगन लगा दे बरसाने वारी।

ब्रजरस दे “कृपालु” बरसाने वारी॥

ब्रज रस माधुरी · भाग ३119
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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