कीर्तन 101–125
कीर्तन 114 · Kirtan 114
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्यामा श्याम श्यामा श्याम।
Source page 181
श्याम भजे श्यामा श्यामा, श्यामा भजे श्याम श्याम।
कभू श्याम बने श्यामा, कभू श्यामा बने श्याम।
श्याम कहे भजु श्यामा, श्यामा कहे भजु श्याम।
श्याम चाहे सुख श्यामा, श्यामा चाहे सुख श्याम।
श्याम ते सरस श्यामा, श्यामा ते सरस श्याम।
नित नई नई लागे दोउ, श्यामा श्याम।
हैं सुगन्ध सम श्यामा, कस्तूरी सम श्याम।
हैं सफेदी सम श्यामा, दूध सम जानो श्याम।
दाहिका सों जनु श्यामा, अग्नि सम जानो श्याम।
श्याम बिनु आधी श्यामा, श्यामा बिनु आधे श्याम।
