कीर्तन 51–100
कीर्तन 86 · Kirtan 86
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
बरसाने वारी राधे, भोरी भारी प्यारी राधे।
बरसाने वारी राधे, भोरी भारी प्यारी राधे।
सुकुमारी प्यारी राधे, वारी वारी प्यारी राधे।
नथवारी प्यारी राधे, प्यारी प्यारी प्यारी राधे।
पिय प्यारी प्यारी राधे, बलिहारी प्यारी राधे।
प्यारे ते प्यारी राधे, प्राणों ते प्यारी राधे।
तू ही हमारी राधे, मैं भी तिहारी राधे।
बनवारी वारी राधे, ब्रजनारी वारी राधे।
अति ही “कृपालु” राधे, मन में बसा ले राधे।।
मेरी भोरी भारी प्यारी, भानुदुलारी।
मैं तो तोपै वारी वारी, बरसानेवारी।
शरण शरण प्यारी, सुधि लो हमारी।
मैं भी तो हूँ तेरी प्यारी, तू ही तो हमारी।
