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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 86 · 90/129

कीर्तन 51–100

कीर्तन 86 · Kirtan 86

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

15 source linesपुस्तक पृष्ठ 143PDF 154

बरसाने वारी राधे, भोरी भारी प्यारी राधे।

(तेरा नाम सुन के . . .)

बरसाने वारी राधे, भोरी भारी प्यारी राधे।

सुकुमारी प्यारी राधे, वारी वारी प्यारी राधे।

नथवारी प्यारी राधे, प्यारी प्यारी प्यारी राधे।

पिय प्यारी प्यारी राधे, बलिहारी प्यारी राधे।

प्यारे ते प्यारी राधे, प्राणों ते प्यारी राधे।

तू ही हमारी राधे, मैं भी तिहारी राधे।

बनवारी वारी राधे, ब्रजनारी वारी राधे।

अति ही “कृपालु” राधे, मन में बसा ले राधे।।

मेरी भोरी भारी प्यारी, भानुदुलारी।

मैं तो तोपै वारी वारी, बरसानेवारी।

शरण शरण प्यारी, सुधि लो हमारी।

मैं भी तो हूँ तेरी प्यारी, तू ही तो हमारी।

बरसाने वारी प्यारी, तू ही तो है हमारी।

इक दिन कृपा करोगी, यह है भरोसा भारी।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३090
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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