कीर्तन 51–100
कीर्तन 63 · Kirtan 63
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
मेरी राधारानी राधारानी राधारानी।
मेरी राधारानी राधारानी राधारानी।
Source page 117
तेरी माया ने भुलाया मोहिं राधारानी।
तूने काहे को भुलाया मोहिं राधारानी।
तेरी कृपा ते ही बने तेरा राधारानी।
तेरा पाछा नहीं छोड़ूँ अब राधारानी।
जग हो कुपूत कुमाता न राधारानी।
मैं बुरा हूँ किन्तु तेरा ही हूँ राधारानी।
तेरे बिनु जीना जीना नहिं राधारानी।
आजा चोरी चोरी चुपके ते राधारानी।
इक बार तू है मेरा कहु राधारानी।
मैं तो तेरा था हूँ रहूँगा भी राधारानी।
इक दिन आना होगा तोहिं राधारानी।
ना दरस दे तो रोना दे दे राधारानी।
तेरी रु चि महँ रु चि राखूँ राधारानी।
तेरी दासी दासी दासी बनुँ राधारानी।
