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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 75 · 79/129

कीर्तन 51–100

कीर्तन 75 · Kirtan 75

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

13 source linesपुस्तक पृष्ठ 129PDF 140

राधे गोविन्द गोविन्द राधे राधे राधे राधे।

(मैं तो प्यारी प्यारी प्यारी पर वारी वारी जाऊँ)

राधे गोविन्द गोविन्द राधे राधे राधे राधे।

गोविन्द गोविन्द राधे राधे राधे राधे॥

तुम भी भूलो नहिं कभु मोहि गोविन्द राधे।

मैं भी भूलूँ नहिं भूलेहुँ पल छिन आधे॥

तो पै जाऊँ वारी वारी गोविन्द राधे राधे।

बलिहारी बलिहारी गोविन्द राधे राधे॥

शरण शरण तेरी, गोविन्द राधे राधे।

जय हो जय हो तेरी, गोविन्द राधे राधे॥

तू ही मेरा, तू ही मेरा, गोविन्द राधे राधे।

मैं भी तेरा, मैं भी तेरा, गोविन्द राधे राधे॥

तू ही “कृपालु” गति गोविन्द राधे राधे।

अपनाए ठुकराए गोविन्द राधे राधे॥

ब्रज रस माधुरी · भाग ३079
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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