कीर्तन 1–50
कीर्तन 24 · Kirtan 24
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्यामा भजें श्याम श्याम, श्याम भजें श्यामा,
(प्यारी प्यारी भोरी भारी . . .)
श्यामा भजें श्याम श्याम, श्याम भजें श्यामा,
धनि धनि गोपीजन भजें श्याम श्यामा।
श्यामा पावें श्याम रस, श्याम रस श्यामा,
धनि गोपी जन पावें रस श्याम श्यामा।
श्यामा बिच श्याम बसें श्याम बिच श्यामा,
चाहे भजो श्याम चाहे भजो श्याम श्यामा।
श्यामा कहें श्याम भजो श्याम कहें श्यामा,
मेरी मानो तो “कृपालु” भजो श्यामश्यामा।।
प्यारे प्यारे गोविन्द प्यारी प्यारी राधे।
प्यारे प्यारे गोविन्द भोरी भारी राधे।
Source page 53
जय जय श्याम जय जय श्यामा, जय जय ब्रजबामा,
जय जय श्याम जय जय श्यामा, जय जय ब्रजबामा,
तीनों मिली विहरत वृन्दावन धामा।
Source page 54
प्रियवर गुरुवर माई डियर गिरिधर,
गुरु कह हरि भज हरि कह गुरु भज,
श्रुति कह हरि गुरु दोउन कहँ भज।
