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श्री राधे बरसाने वारी,
(गोविन्द जय जय . . .)
श्री राधे बरसाने वारी,
शरण शरण राधे शरण तिहारी।
श्री राधे बरसाने वारी,
ब्रज रस की बरसाने वारी।
श्री राधे बरसाने वारी,
शरणागत अपनाने वारी।
श्री राधे बरसाने वारी,
पतितन हृदय लगाने वारी।
Source page 140
श्री राधे बरसाने वारी,
अस सरकार न भोरी भारी।
श्री राधे बरसाने वारी,
जाको चाकर कृष्ण मुरारी।
श्री राधे बरसाने वारी,
जाको नाम जपत बनवारी।
श्री राधे बरसाने वारी,
जेहि पग धर हरि मुकुट उतारी।
श्री राधे बरसाने वारी,
जाकी कर जयकार मुरारी।
श्री राधे बरसाने वारी,
जाकी पद रज हरि सिर धारी।
श्री राधे बरसाने वारी,
जाके पद पर गिर गिरिधारी।
श्री राधे बरसाने वारी,
जाको लखि हरि सुरति बिसारी।
श्री राधे बरसाने वारी,
जापै हौं “कृपालु” बलिहारी।।
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