कीर्तन 1–50
कीर्तन 8 · Kirtan 8
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,
(गुरुः कृपालुर्मम शरणम् . . .)
प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,
जय हो जय हो जय हो बरसाने वारी प्यारी।
आगे आगे प्यारी चले पाछे ब्रजनारी,
ब्रजनारी पाछे पाछे चले बनवारी।
भुजन उठाय बोले पिय जय हो प्यारी।
प्यारी को बुलाओ रो के भाजी आवें प्यारी,
बिनुहिं बुलाये भाजे आवें बनवारी।
ब्रजरस चुवे रोम रोम तनु प्यारी,
पियें ब्रजनारी ललचायें बनवारी।
