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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 72 · 76/129

कीर्तन 51–100

कीर्तन 72 · Kirtan 72

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

9 source linesपुस्तक पृष्ठ 126PDF 137

प्यारी प्यारी भोरी भारी बरसाने वारी प्यारी।

(मतवारी प्यारी चाल)

प्यारी प्यारी भोरी भारी बरसाने वारी प्यारी।

तोपै वारी वारी ब्रज रस बरसाने वारी।

मोको चाहे अपनाये चाहे ठुकराये प्यारी।

तेरा पाछा नहिं छोडूँ मैं हठिला शिशु प्यारी।

तेरे सारे शिशु गुन वारे खरे खरे प्यारी।

उन खरों संग मुझ खोटे को चला दे प्यारी।

मोहिं सारा जग झूठेहिं “कृपालु” कह प्यारी।

मेरे इस झूठे नाम को बना दे साँचु प्यारी।।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३076
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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