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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 79 · 83/129

कीर्तन 51–100

कीर्तन 79 · Kirtan 79

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

37 source linesपुस्तक पृष्ठ 134–136PDF 145–147

नँदनंदन बनवारी की जय जय,

(गोविन्द जय जय गोपाल जय जय . . .)

नँदनंदन बनवारी की जय जय,

श्री वृषभानुदुलारी की जय जय।

यशुमति अजिर बिहारी की जय जय,

कीरति घर उजियारी की जय जय।

वृन्दाविपिन बिहारी की जय जय,

श्री बरसाने वारी की जय जय।

तन नीले पट पीले की जय जय,

पट नीले तन पीले की जय जय।

नटवारी छवि प्यारी की जय जय,

नथवारी सुकुमारी की जय जय।

अलबेले सरकार की जय जय,

अलबेली सरकार की जय जय।

नटखट नंदकुमार की जय जय,

भोरी भानुदुुलार की जय जय।

Source page 135

निभृत निकुंज बिहारी की जय जय,

प्रियतम प्रानन प्यारी की जय जय।

जगमोहन मोहन की जय जय,

मोहन मन मोहिनि की जय जय।

मेरे प्राणहुँ प्राण की जय जय,

प्राणहुँ प्राणहुँ प्राण की जय जय।

मनिहारी लिलिहारी की जय जय,

गौर ग्वाल छवि न्यारी की जय जय।

रूप सिंधु रस सार की जय जय,

प्रेम सुधा रसधार की जय जय।

श्री ब्रजराजकुमार की जय जय,

मूरति जनु शृंगार की जय जय।

ब्रज गोपिन रिझवार की जय जय,

मोहन मदन मुरारी की जय जय।

प्यारी प्यारी प्यारी की जय जय,

चिन्मय रास बिहारी की जय जय।

प्यारी ब्रजरस वारी की जय जय,

नवल निकुंज बिहारी की जय जय।

Source page 136

आनँद घन तनु वारी की जय जय,

निज मन मोहन हारी की जय जय।

मोहन मोहन वारी की जय जय,

मम “कृपालु” सरकार की जय जय।।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३083
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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