कीर्तन 51–100
कीर्तन 70 · Kirtan 70
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
राधारानी जू को चाकर चक्रपानी।
तू तो मेरी थी है रहेगी भी राधारानी।
मैं हूँ राधारानी जू की मेरी राधारानी।
मैं तो हो गई हो गई राधारानी की दीवानी।
हो “कृपालु” मो कृपालु पर राधारानी।।
मेरे युगल किशोर, मेरे युगल किशोर।
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मेरे युगल किशोर, दोऊ ठाकुर मोर।
मेरे युगल किशोर, तू भी मोर मैं भी तोर।
