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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 70 · 74/129

कीर्तन 51–100

कीर्तन 70 · Kirtan 70

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

15 source linesपुस्तक पृष्ठ 124–125PDF 135–136

राधारानी जू को चाकर चक्रपानी।

(मतवारी प्यारी . . .)

राधारानी जू को चाकर चक्रपानी।

जाकी कोटि भवानी वानी नौकरानी।

तू तो मेरी थी है रहेगी भी राधारानी।

मैं हूँ राधारानी जू की मेरी राधारानी।

तजो आनाकानी अपना लो राधारानी।

मैं तो हो गई हो गई राधारानी की दीवानी।

हो “कृपालु” मो कृपालु पर राधारानी।।

मेरे युगल किशोर, मेरे युगल किशोर।

मेरे युगल किशोर, गोपीजन चितचोर।

मेरे युगल किशोर, करु मोपै कृपा कोर।

Source page 125

मेरे युगल किशोर, दोऊ ठाकुर मोर।

मेरे युगल किशोर, तू भी मोर मैं भी तोर।

मेरे युगल किशोर, मोहिं ब्रज रस बोर।

मेरे युगल किशोर, एक श्याम इक गौर।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३074
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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