कीर्तन 51–100
कीर्तन 52 · Kirtan 52
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
मेरी प्यारी प्यारी बरसाने वारी प्यारी,
मेरी प्यारी प्यारी बरसाने वारी प्यारी,
मेरी ब्रजरस बरसाने वारी प्यारी।
हैं रँगीली प्यारी रँगीली महलवारी।
जय हो जय हो जय हो बरसाने वारी प्यारी,
जय हो जय हो जय हो रँगीली महल वारी।
हैं रँगीली प्यारी रँगीली महलवारी,
मेरी प्यारी बरसाने वारी भोरी भारी,
मेरी प्यारी प्यारी चूनरिवारी प्यारी,
Source page 107
जब सोरहो सिंगार करें मेरी प्यारी,
लखि हाय प्यारी! कहि गिरें बनवारी।
जब सजि धजि बैठें सखि बिच प्यारी,
लखि बनवारी बोले प्यारी बलिहारी।
मेरी प्यारीजू की छवि ऐसी प्यारी,
जेहि लखि प्यारिहुँ वारी वारी वारी।
