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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 52 · 56/129

कीर्तन 51–100

कीर्तन 52 · Kirtan 52

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

24 source linesपुस्तक पृष्ठ 106–107PDF 117–118

मेरी प्यारी प्यारी बरसाने वारी प्यारी,

(जय नँदनंदन . . .)

मेरी प्यारी प्यारी बरसाने वारी प्यारी,

मेरी ब्रजरस बरसाने वारी प्यारी।

मेरी रँगीली महलवारी सुकुमारी।

प्यारी भोरी भारी नथबेसर वारी,

हैं रँगीली प्यारी रँगीली महलवारी।

जय हो जय हो जय हो बरसाने वारी प्यारी,

जय हो जय हो जय हो रँगीली महल वारी।

हैं रँगीली प्यारी रँगीली महलवारी,

मेरी प्यारी ऊँचे महल अटावारी।

मेरी प्यारी बरसाने वारी भोरी भारी,

मेरी भानुदुलारी ब्रजरसवारी।

मेरी प्यारी प्यारी चूनरिवारी प्यारी,

जापर नित वारी वारी बनवारी।

जब चले मेरी प्यारी जू की असवारी,

पाछे चलि जय हो, जय हो बोले बनवारी।

Source page 107

जब सोरहो सिंगार करें मेरी प्यारी,

लखि हाय प्यारी! कहि गिरें बनवारी।

जब सजि धजि बैठें सखि बिच प्यारी,

लखि बनवारी बोले प्यारी बलिहारी।

मेरी प्यारीजू की छवि ऐसी प्यारी,

जेहि लखि प्यारिहुँ वारी वारी वारी।

जब ललिता विशाखा चापैं पग प्यारी,

ललचाय “कृपालु” ठाढ़ो बनवारी।।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३056
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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