कीर्तन 1–50
कीर्तन 23 · Kirtan 23
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
राधे राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
(प्यारी प्यारी भोरी भारी.....)
राधे राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
राधे भुक्ति मुक्ति नौ दो ग्यारह करा दे।
राधे कर्म ज्ञान भक्ति तत्त्व बता दे।
राधे कर्म ज्ञान व्यर्थ क्यों हैं बता दे।
Source page 51
गोपी जैसा निष्काम प्रेम सिखा दे।
राधे भक्ति रस का प्याला पिला दे।
राधे श्यामा श्याम रस घोल पिला दे।
राधे राधे तुम बिनु जीना ना दे।
राधे राधे रसिकन पग धूरि दिला दे।
राधे राधे टुक निज झलक दिखा दे।
राधे राधे ब्रज रस चसका लगा दे।
राधे राधे मन ब्रजरस में डुबा दे।
आना नहिं चाहो तो जो आके बता दे।
