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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 100 · 104/129

कीर्तन 51–100

कीर्तन 100 · Kirtan 100

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

48 source linesपुस्तक पृष्ठ 160–163PDF 171–174

जय श्री वृषभानुदुलार की, जय अलबेली सरकार की।

जय स्वामिनि नंदकुमार की, जय अधाधुंध दरबार की।

जय अति भोरी सुकुमार की, जय करु णा की भंडार की।

जय महाभाव साकार की, जय निराधार आधार की।

जय शक्ति ह्लादिनी सार की, जय मूरत रूप सिंगार की।

जय दीनन की रखवार की, जय पतितन की पतवार की।

जय प्रेम रूप रस सार की, जय छवि सोरह सिंगार की।

जय मम “कृपालु” सरकार की, जय सखियन प्राणाधार की।।

मेरी राधेरानी प्रेम रूप रसखानी।

मेरी राधेरानी वृन्दावन ठकुरानी।।

मेरी ठकुरानी महरानी राधेरानी।

विहरति नित वृन्दावन रजधानी।।

मेरी राधेरानी मेरी राधेरानी।

मेरी गति मति रति एक राधेरानी॥

Source page 161

राधेरानी सम बस एक राधेरानी।

सब मिलि बोलो जय हो जय हो राधेरानी॥

तू ही मेरी थी मेरी है राधेरानी।

तेरा पाछा न छोड़ूँ मैं राधेरानी॥

आजा आजा आजा मेरी राधेरानी।

आके ना जा ना जा मेरी राधेरानी॥

राधेरानी महरानीहूँ की महरानी।

जाकी कोटि कमला, भवानी नौकरानी।।

राधे गोविन्दा गोविन्दा राधे गोविन्दा।

राधे गोविन्दा गोविन्दा राधे गोविन्दा।।

राधे गोविन्दा गोविन्दा राधे गोविन्दा।

राधे आनन्दकन्दा वृन्दावन चन्दा।।

राधे गोविन्दा गोविन्दा राधे गोविन्दा।

राधे सत्घन चिद्घन सुखकंदा।।

गुरु गोविन्दा गोविन्दा गुरु गोविन्दा।

गुरु गोविन्दा गोविन्दा गुरु गोविन्दा।।

Source page 162

भज पद द्वन्द्वा गुरु गोविन्दा।

भज पद द्वन्द्वा गुरु गोविन्दा।।

गुरु भजु भजु भजु कह गोविन्दा।

गुरु कह भजु भजु भजु गोविन्दा।।

भजो गिरिधर गोविन्द गोपाला,

भजो मुरली मनोहर नन्दलाला।

राधे गोविन्दा राधे गोविन्दा,

राधे राधे राधे राधे गोविन्दा।

राधे गोविन्दा गोविन्दा राधे गोविन्दा,

राधे आनन्द कन्दा वृन्दावन चन्दा।

प्यारी प्यारी भोरी भारी सुकुमारी प्यारी,

बोलो जय हो जय हो जय हो बरसाने वारी।

कहा कहूँ मेरी प्यारी केतिक प्यारी,

जाके पाछे पाछे डोलें ब्रह्म बनवारी।

मेरी प्यारी छवि तो हैं एतिक प्यारी,

परछाईं लखि गिरैं भू पै बनवारी।

Source page 163

चुवे ब्रजरस तनु रोम रोम प्यारी,

पियें ब्रजनारी ललचायें बनवारी।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३104
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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