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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 53 · 57/129

कीर्तन 51–100

कीर्तन 53 · Kirtan 53

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

15 source linesपुस्तक पृष्ठ 107–108PDF 118–119

मेरी प्रेम अगाधे राधे श्री राधे,

(जय नँदनंदन सुखधाम . . .)

मेरी प्रेम अगाधे राधे श्री राधे,

मेरी प्रेम अगाधे राधे श्री राधे।

तोहिं भूलूँ नहिं राधे पल छिन आधे,

मैं तो भूला मायावश तुम ना भूलो राधे।

मेरी प्यारी प्यारी बरसाने वारी राधे,

मेरी अति भोरी भारी सुकुमारी राधे।

मेरी श्री वृषभानुदुलारी राधे,

तोपै वारी वारी वारी बलिहारी राधे।

Source page 108

ऐसी मेरी बरसाने वारी प्यारी राधे,

जाके पाछे पाछे डोलें बनवारी राधे।

जब जब निकसत असवारी राधे,

बनवारी बोलें जय हो, जय हो प्यारी राधे।

भुक्ति माँगूँ नहिं मुक्ति नहिं माँगूँ राधे।

कृपा माँगूँ तू “कृपालु” करु कृपा राधे।।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३057
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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