कीर्तन 1–50
कीर्तन 41 · Kirtan 41
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
राधे राधे बोल श्याम भाजे चले आयेंगे।
Source page 94
सात स्वर्ग पाँच अपवर्ग ठुकरायेंगे।
बैकुण्ठ की भी कामना ना उर लायेंगे।
प्रियतम के सुख में ही सुख पायेंगे।
ब्रजरस में ही नित मन को डुबायेंगे।
रमा रमापति को भी उर ना बसायेंगे।
पिय ठुकरावें हम प्यार किये जायेंगे।
पिय कभु जनि आवें हम रोये जायेंगे।
पिय नहिं आयेंगे तो प्यारी को बुलायेंगे।
प्यारी जब आयेंगी तो प्यारे भाजे आयेंगे।
प्रेम मगन तनु सुधि बिसरायेंगे।
कभू तो हँसेंगे कभू आँसू बहायेंगे।
राधेजू के गुनगन मुरलि में गायेंगे।
राधेजू की छवि लखि बलि बलि जायेंगे।
“जय हो” “जय हो” कहि कहि भुजन उठायेंगे।
राधे नाम लै के मुरछित ह्वै जायेंगे।
