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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 41 · 45/129

कीर्तन 1–50

कीर्तन 41 · Kirtan 41

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

21 source linesपुस्तक पृष्ठ 93–94PDF 104–105

राधे राधे बोल श्याम भाजे चले आयेंगे।

(कुंज कदंबनि डार . . .)

राधे राधे बोल श्याम भाजे चले आयेंगे।

एक बार आ गये तो कभू नहिं जायेंगे।

Source page 94

सात स्वर्ग पाँच अपवर्ग ठुकरायेंगे।

बैकुण्ठ की भी कामना ना उर लायेंगे।

प्रियतम के सुख में ही सुख पायेंगे।

ब्रजरस में ही नित मन को डुबायेंगे।

रमा रमापति को भी उर ना बसायेंगे।

पिय ठुकरावें हम प्यार किये जायेंगे।

पिय कभु जनि आवें हम रोये जायेंगे।

पिय नहिं आयेंगे तो प्यारी को बुलायेंगे।

प्यारी जब आयेंगी तो प्यारे भाजे आयेंगे।

प्रेम मगन तनु सुधि बिसरायेंगे।

कभू तो हँसेंगे कभू आँसू बहायेंगे।

राधेजू के गुनगन मुरलि में गायेंगे।

राधेजू की छवि लखि बलि बलि जायेंगे।

“जय हो” “जय हो” कहि कहि भुजन उठायेंगे।

दोउ दृग आनंद जल बरसायेंगे।

राधे नाम लै के मुरछित ह्वै जायेंगे।

राधा भाव गहि श्याम “श्याम-श्याम” गायेंगे।

हम तो “कृपालु” राधे श्याम नाम गायेंगे।।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३045
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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