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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 96 · 100/129

कीर्तन 51–100

कीर्तन 96 · Kirtan 96

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

19 source linesपुस्तक पृष्ठ 155–156PDF 166–167

मेरी ठकुरानी राधारानी, मेरी ठकुरानी राधारानी।

(मम प्रियतम...)

मेरी ठकुरानी राधारानी, मेरी ठकुरानी राधारानी।

मेरी ठकुरानी राधारानी, मेरी ठकुरानी राधारानी॥

गुरु ने जनाइ तब जानी, मेरी ठकुरानी राधारानी।

गुरु ने जनाइ तब जानी, मेरी ठकुरानी राधारानी।।

मेरी स्वामिनी राधारानी, मेरी ठकुरानी राधारानी।

जाकी उमा रमा नौकरानी, मेरी ठकुरानी राधारानी।।

ब्रजरानी अवढरदानी, मेरी ठकुरानी राधारानी।

जय हो जय हो जय हो राधारानी, मेरी ठकुरानी राधारानी।।

जाकी ब्रह्म करें अगवानी, मेरी ठकुरानी राधारानी।

मेरे मन ने “कृपालु” मानी, मेरी ठकुरानी राधारानी।।

Source page 156

राधा माधव राधा माधव, राधा माधव राधा माधव।

राधा माधव राधा माधव, राधा माधव राधा माधव।

श्री राधा मम शरणं, श्री राधा मम शरणम्।

श्री राधा मम शरणं, श्री राधा मम शरणम्।

कुरु श्री राधा स्मरणं, कुरु श्री राधा स्मरणम्।

कुरु श्री राधा स्मरणं, कुरु श्री राधा स्मरणम्।

भज श्री राधा रमणं, भज श्री राधा रमणम्।

भज श्री राधा रमणं, भज श्री राधा रमणम्।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३100
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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