कीर्तन 101–125
कीर्तन 108 · Kirtan 108
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
मेरो प्यारो प्यारो प्यारो मुरली वारो,
मेरो प्यारो प्यारो प्यारो मुरली वारो,
जय हो जय हो जय हो वो तो प्राण हमारो।
नीलो नीलो तनु पीलो पीलो पट वारो,
जय हो जय हो जय हो वो तो नैनन तारो।
कहा कहूँ मेरो प्यारो एतिक प्यारो,
कैसे बताऊँ प्यारो ऐतिक प्यारो,
प्यारो चह देखन प्यारी तनु धारो।
प्यारो कारो तन कारी कामरि वारो,
प्यारो रास हित शिव गोपी तनु धारो,
प्यारो लखि रमा रमापतिहुँ बिसारो।
Source page 173
प्यारो पावे प्यारी रस प्यारी रस प्यारो,
हम बड़भागी पावें रस प्यारी प्यारो।
