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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 73 · 77/129

कीर्तन 51–100

कीर्तन 73 · Kirtan 73

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

15 source linesपुस्तक पृष्ठ 126–127PDF 137–138

मैं तो प्यारी प्यारी प्यारी पर वारी वारी जाऊँ,

(श्री गोविन्द गोविन्द बोल . . .)

मैं तो प्यारी प्यारी प्यारी पर वारी वारी जाऊँ,

मैं तो बरसाने वारी पर वारी वारी जाऊँ।

मैं तो भानुदुलारी पर वारी वारी जाऊँ,

मैं तो ब्रजरसवारी पर वारी वारी जाऊँ।

Source page 127

मैं तो महलन वारी पर वारी वारी जाऊँ,

जापै बनवारी वारी वापै वारी वारी जाऊँ।

मैं तो वारी नथवारी पर वारी वारी जाऊँ,

मैं तो बेसरवारी पर वारी वारी जाऊँ।

मैं तो भोरे मुखवारी पर वारी वारी जाऊँ,

मैं तो चूनरि वारी पर वारी वारी जाऊँ।

मैं तो भोरी भारी प्यारी पर वारी वारी जाऊँ,

मैं तो अति सुकुमारी पर वारी वारी जाऊँ।

मैं तो घूँघटवारी पर वारी वारी जाऊँ,

मैं तो री “कृपालु” प्यारी पर वारी वारी जाऊँ।।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३077
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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