कीर्तन 1–50
कीर्तन 36 · Kirtan 36
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
आजा आजा आजा मेरे गोविन्द राधे,
(धुन ः- प्यारी प्यारी भोरी भारी)
आजा आजा आजा मेरे गोविन्द राधे,
आजा आजा आजा मेरे गोविन्द राधे,
शिशु बनि रोने का शब्द सुना दे।
आजा आजा आजा मेरे गोविन्द राधे,
जग शिशु जनु शिशु बनि के दिखा दे।
Source page 84
आजा आजा आजा मेरे गोविन्द राधे,
आजा आजा आजा मेरे गोविन्द राधे,
आजा आजा आजा मेरे गोविन्द राधे,
आजा पुनि मुरली की तान सुना दे।
आजा आजा आजा मेरे गोविन्द राधे,
आजा मोहिं साँचो “कृपालु” बना दे।।
माधव राधे राधे, राधे राधे माधव।
राधे कृष्ण राधे कृष्ण राधे कृष्ण राधे,
राधे बिनु कृष्ण आधे कृष्ण बिनु राधे।
सोते सोते बोलें श्याम रोम रोम राधे,
सोती बोलें श्याम श्याम रोम रोम राधे।
Source page 85
जय जय भानुनंदिनी जय जय नँदनन्दन,
जय जय ब्रज गोपी जन जय जय श्री वृन्दावन।
जय जय श्यामा जय जय श्याम जय जय ब्रजधाम,
जय जय ब्रजबाम जय जय प्रेम निष्काम।
जय जय श्यामा जय जय श्याम जय जय ब्रजबाम,
तीनों मिलि रास करें वृन्दावन धाम।
जय जय श्यामा जय जय श्याम जय जय ब्रजबाम,
जय जय लीला धाम श्री वृन्दावन धाम।
श्यामा श्याम नाम रूप लीला गुण धाम,
ब्रजबाम सब एक भिन्न भिन्न नाम।
जय जय मेरे गुरुवर, जय जय मेरे गिरिधर।
Source page 86
