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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 92 · 96/129

कीर्तन 51–100

कीर्तन 92 · Kirtan 92

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

29 source linesपुस्तक पृष्ठ 150–152PDF 161–163

रँगीली महलवारी मेरी प्यारी,

(राधेरानी राधेरानी राधेरानी . . .)

रँगीली महलवारी मेरी प्यारी,

रँगीली महलवारी मेरी प्यारी।

भोरी भारी सुकुमारी बरसाने वारी,

भोरी भारी सुकुमारी बरसाने वारी।

प्यारी पर वारी वारी वारी बनवारी,

प्यारी पर वारी वारी वारी बनवारी।

प्यारी पर जो भी वारी वापैं हौं वारी,

प्यारी पर जो भी वारी वापैं हौं वारी।

Source page 151

बलिहारी प्यारी पै “कृपालु” प्यारी प्यारी,

बलिहारी प्यारी पर प्यारीहूँ हैं वारी।।

(राधेरानी राधेरानी राधेरानी . . .)

श्यामा श्याम, श्यामा श्याम, श्यामा श्याम, श्यामा श्याम,

श्यामा श्याम, श्यामा श्याम, श्यामा श्याम, श्यामा श्याम।

मेरी श्यामा मेरे श्याम, मेरी श्यामा मेरे श्याम,

मेरी श्यामा मेरे श्याम, मेरी श्यामा मेरे श्याम।

सुमिरहु श्यामा श्याम, सुमिरहु श्यामा श्याम,

सुमिरहु श्यामा श्याम, सुमिरहु श्यामा श्याम।

गावहु श्यामा श्याम, ध्यावहु श्यामा श्याम,

जानहु श्यामा श्याम, मानहु श्यामा श्याम।

भावहु श्यामा श्याम, पावहु श्यामा श्याम।

मेरे ठाकुर श्याम मेरी ठकुरानी श्यामा,

मेरे ठाकुर श्याम मेरी ठकुरानी श्यामा।

मेरे ठाकुर श्याम श्याम ठकुरानी श्यामा,

मेरे ठाकुर श्याम श्याम ठकुरानी श्यामा।

Source page 152

जय जय ठाकुर श्याम जय जय ठकुरानी श्यामा,

जय जय ठाकुर श्याम जय जय ठकुरानी श्यामा।

श्यामा कह भजु श्याम श्याम कह भजु श्यामा,

श्यामा कह भजु श्याम श्याम कह भजु श्यामा।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३096
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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