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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 39 · 43/129

कीर्तन 1–50

कीर्तन 39 · Kirtan 39

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

57 source linesपुस्तक पृष्ठ 89–92PDF 100–103

रस बरसाने वारी, प्यारी बरसाने वारी।

मेरी प्यारी प्यारी प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

प्यारी प्यारी भोरी भारी, प्यारी बरसाने वारी।

भोरी भारी सुकुमारी, प्यारी बरसाने वारी।

Source page 90

ब्रजरस वारी प्यारी, प्यारी बरसानेेे वारी।

वृषभानुदुलारी प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

बलिहारी बलिहारी, प्यारी बरसाने वारी।

मैं तो तेरी ही हूँ प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

तू ही तो है मेरी प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

दे दे गोपी प्रेम प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

तेरी सेवा माँगूँ प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

मेरी प्रानन प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

रसिकन धन प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

मादन रस वारी, प्यारी बरसाने वारी।

अब सुधि लो हमारी, प्यारी बरसाने वारी।

जय हो, जय हो, जय हो प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

मैं तो तेरी चेरी प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

मैं तो तोपै वारी वारी, प्यारी बरसाने वारी।

मैं तो तोरी नथवारी, प्यारी बरसाने वारी।

ऊँचे महलन वारी, प्यारी बरसाने वारी।

जापै वारी बनवारी, प्यारी बरसाने वारी।

मैं तो शरण तिहारी प्यारी, बरसाने वारी।

मेरी गति तू ही प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

Source page 91

मेरी मति तू ही प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

मेरी रति तू ही प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

अपनी बना ले प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

नित नई नई प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

पाछा नहिं छोड़ूँ प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

मेरी गति तू ही प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

तू तो प्यारे ते भी प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

पिय चित्त चोरी चोरी, प्यारी बरसाने वारी।

अस प्यारी प्यारी प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

बलिहारी तेरी प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

आजा आजा आजा प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

आके ना जा मेरी प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

गोरी गोरी भोरी भारी, प्यारी बरसाने वारी।

सिर पै मुकुट प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

घुँघरारी लट प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

सिर सेंदुर वारी, प्यारी बरसाने वारी।

दृग काजर प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

श्रुति कुण्डल प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

गल दुलरी वारी, प्यारी बरसाने वारी।

Source page 92

गल तिलरी वारी, प्यारी बरसाने वारी।

उर कंचुकि वारी, प्यारी बरसाने वारी।

नीली सारी वारी प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

कर चूरिन वारी, प्यारी बरसाने वारी।

कर कंकन वारी, प्यारी बरसाने वारी।

नथ बेसर वारी, प्यारी बरसाने वारी।

कर मेहँदी प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

मुँदरिन वारी प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

कटि किंकिनि प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

पग पायल प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

पग जावक प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

बिछुवनि वारी प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

प्यारी पर वारी प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

प्यारी सम प्यारी प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।

है “कृपालु” अति प्यारी, प्यारी बरसाने वारी।।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३043
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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