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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 10 · 14/129

कीर्तन 1–50

कीर्तन 10 · Kirtan 10

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

56 source linesपुस्तक पृष्ठ 15–18PDF 26–29

मेरी प्यारी प्यारी भोरी भारी, वृषभानुदुलारी प्यारी।

(गोविन्दा गोविन्दा . . .)

मेरी प्यारी प्यारी भोरी भारी, वृषभानुदुलारी प्यारी।

बरसाने वारी सुकुमारी, भोरी भारी प्यारी प्यारी प्यारी।

बरसाने वारी प्यारी, मैं तो तोपै वारी वारी।

मेरी प्यारी भोरी भारी, जापै वारी बनवारी।

मेरी प्यारी ऐसी प्यारी, लखि मोहें बनवारी।

रस बरसाने वारी बरसाने वारी प्यारी।

जब चले प्यारी असवारी, जय हो जय हो बोलें बनवारी।

जब चलें नाव पर प्यारी, आवे रोतो आपु बनवारी।

जब बैठें नाव प्यारी, नाव खेवें बनवारी।

मेरी प्यारी एतिक प्यारी, वारी वारी जायँ बनवारी।

मेरी प्यारी अस प्यारी प्यारी, लखि प्यारी छवि प्यारी वारी।

जब चलें सजि धजि प्यारी, बलिहारी कह बनवारी।

लखि लखि परछाईं प्यारी, गिरें मुरछित बनवारी।

लखि टुक टेढ़ी भौंह प्यारी, सिट्टी पिट्टी भूलें बनवारी।

लखि सोरहो सिंगार प्यारी, काला टीका देंय बनवारी।

जब सखि चापैं पग प्यारी, कर मीजैं ठाढ़ो बनवारी।

Source page 16

जहँ चरण धरत प्यारी, तहँ सिर धरें बनवारी।

लखि मृदु मुसकनि प्यारी, कहि हाय! गिरें बनवारी।

प्यारी पर जो भी वारी, मैं भी वापै वारी वारी।

प्यारी रँगीली महलवारी, ऐसी प्यारी वारी बनवारी।

मेरी प्यारी भोरी भारी, लूटो रस नर नारी।

प्यारी रस भंडारी, माँगें आके बनवारी।

प्यारी मादन रसवारी, जेहि रस वश बनवारी।

जापै उमा रमा वारी, सोऊ वारी लखि प्यारी।

पिउ कह भजु प्यारी, पिउ भज कह प्यारी।

प्यारी प्यारी प्यारी, मेरी प्रानन प्यारी।

जेती बार लखु प्यारी, नव नव लागे प्यारी।

गहवर वन वारी प्यारी, प्यारी प्यारी भोरी भारी प्यारी।

भोरी भारी बरसाने वारी, लूटो लूटो दै के आँसू प्यारी।

ब्रजरस बरसाने वारी, मेरी प्यारी बरसाने वारी।

पिय बोलें लखि प्यारी, जय हो, जय हो, जय हो, जय हो प्यारी।

प्यारी सम मेरी प्यारी, वारौं कोटि बनवारी।

प्यारी गति लखि मतवारी, बनवारी बोले बलिहारी।

प्यारे रटें प्यारी प्यारी, प्यारे प्यारे रटें प्यारी।

पिय ध्यावें छवि प्यारी, पिय छवि ध्यावें प्यारी।

Source page 17

मेरी प्यारी एतिक प्यारी, लखि दर्पण मोहे प्यारी।

द्रुत गति नाचें प्यारी, पिय बोलें जय हो, जय हो प्यारी।

पक्ष ले “कृपालु” प्यारी, बुरा मानें बनवारी।

प्यारी प्यारी भोरी भारी, वारी रँगीली महलवारी।

वारी रँगीली महलवारी, वारी रँगीली महलवारी।

वारी रँगीली महलवारी, वारी रँगीली महलवारी।

वारी रँगीली महलवारी, जय हो, जय हो, जय हो प्यारी।

वारी रँगीली महलवारी, जाके पाछे डोलें बनवारी।

प्यारी रँगीली महलवारी, तोपै वारौं कोटि बनवारी।

ऐसी रँगीली महलवारी, लखि सक नहिं बनवारी।

मेरी प्यारी बरसाने वारी, ब्रजरस बरसाने वारी।

मेरी प्यारी बरसाने वारी, ब्रजरस बरसाने वारी।

मेरी बरसाने वारी प्यारी, रस बरसाने वारी प्यारी।

मेरी बरसाने वारी प्यारी, मेरी भोरी भारी सुकुमारी।

मेरी बरसाने वारी प्यारी, मेरी नथवारी प्यारी प्यारी।

मेरी बरसाने वारी प्यारी, मेरी नथ बेसर वारी।

Source page 18

मेरी बरसाने वारी प्यारी, जेहि चाकर बनवारी।

मेरी बरसाने वारी प्यारी, जापै तन मन धन वारी।

मेरी बरसाने वारी प्यारी, सँग लख लख ब्रजनारी।

मेरी बरसाने वारी प्यारी, जापै वारी वारी बनवारी।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३014
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Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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