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रस बरसाने वारी बरसाने वारी,
(प्यारी प्यारी भोरी भारी ...)
रस बरसाने वारी बरसाने वारी,
सब मिलि बोलो जय हो, जय हो जय हो प्यारी।
आजा आजा मेरी प्यारी प्यारी महतारी,
तेरे पाछे भाजे भाजे अइहैं बनवारी।
Source page 83
तू ही मेरी थी भी है भी रहेगी भी प्यारी,
एक बार झलक दिखा दे महतारी।
तेरा पर्दा योगमाया बरसाने वारी,
मेरा पर्दा माया कैसे मिलूँ महतारी।
माना मैं पतित अति बरसाने वारी,
तू भी पतित पावनि महतारी।
तेरा तो है तन मन कृपा का ही प्यारी,
करि दे “कृपालु” पै भी कृपा महतारी।
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