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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 5 · 9/129

कीर्तन 1–50

कीर्तन 5 · Kirtan 5

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

57 source linesपुस्तक पृष्ठ 6–9PDF 17–20

मेरो प्यारो प्यारो मुरली वारो,

(गुरुः कृपालुर्मम शरणम् . . .)

मेरो प्यारो प्यारो मुरली वारो,

जापर काम करोरन वारो।

मोर मुकुट पीताम्बर धारो,

चल अलमस्त चाल मतवारो।

प्यारी प्यारी कामरि धारो,

तकि तकि सखिन दृगंचल मारो।

शुक सनकादिक तो कहँ प्यारो,

इक टक लखत समाधि बिसारो।

अति रस भरे नैन रतनारो,

जेहि लखि शंभु समाधि बिसारो।

सब प्राणिहिं निज प्राणहिं प्यारो,

पै प्रियतम प्राणहुँ ते प्यारो।

ललित त्रिभंग भेष नट धारो,

मुरली मधुर बजावन वारो।

मुरली ने अस जादू डारो,

शिवशंकर गोपी तनु धारो।

Source page 7

ब्रजरस चुवत रोम प्रति प्यारो,

परमहंस रह तकत बिचारो।

लखि अवधूत श्याम मतवारो,

नाचत कहि नँदपूत हमारो।

उमा रमाहूँ जब लख प्यारो,

निज पातिव्रत धर्म बिसारो।

दंडक वन मुनिगन लखि प्यारो,

वर माँगेउ पति बनहु हमारो।

निज छवि लखि मन सोचत प्यारो,

उर लगाउँ राधा तनु धारो।

राधा तनु लखि सोचत प्यारो,

कौन कर्म विधि किये तनु कारो।

ब्रजरस चुवत रोम प्रति प्यारो,

पियत रसिक जन बनि मतवारो।

हौं हूँ चह सोइ ब्रजरस प्यारो,

तव ब्रज महँ गोपी तनु धारो।

जाने तोहिं इक बार निहारो,

पाँचहुँ मुक्ति लगत तेहिं खारो।

Source page 8

लीला प्रेम वेणु छवि चारों,

गुण केवल नँदनंदन धारो।

वा तनु रोम रोम अस प्यारो,

सोउ लखि आपुहिं आपु बिसारे।

जेहि चितवत चितचोर हमारो,

सोई मुर्छित गिर धरणि बिचारो।

कारो तनु जग मोहन वारो,

प्रलय होत गोरे तनु प्यारो।

विधि हरि शंभु नचावन वारो,

निरतत गोपिन तारिन प्यारो।

ऐसी रूप माधुरी प्यारो,

लखि भूल्यो निज सुधि बुधि प्यारो।

नरहूँ भये मोहित लखि प्यारो,

चाहत वर नारी तनु धारो।

कहँ लौं कह अस प्यारो प्यारो,

प्यारी बनि देखन चह प्यारो।

जेतिक बार लखहु तनु प्यारो,

नव नव रस टपकत तनु प्यारो।

Source page 9

जब दृग दृग मिल प्यारी प्यारो,

लख एकटक सुधि देह बिसारो।

अस “कृपालु” उन जादू डारो,

चर अरु अचर स्वभाव बिसारो॥

ब्रज रस माधुरी · भाग ३009
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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