कीर्तन 1–50
कीर्तन 26 · Kirtan 26
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
मेरी भोरी भारी वृषभानुदुलारी,
जय हो जय हो जय हो बरसाने वारी प्यारी।
जय हो जय हो श्री वृषभानुदुलारी,
जय हो जय हो रँगीली महल वारी प्यारी।
मेरी ऐसी रँगीली महल वारी प्यारी,
प्यारी ऐसी प्यारी प्यारी आपु जायँ वारी।
प्यारी छवि लखि पिय कह बलिहारी,
मैं तो प्यारी पर बनवारीहूँ को वारी।
देयँ बुहारी पिय जित जायें प्यारी।
पाछे पाछे चले पिय बोले जय हो प्यारी,
पिय दृग नीचे करि देखे छवि प्यारी।
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मेरे दोनों प्राण सम पिय अरु प्यारी,
प्यारी भजे पिऊ पिऊ, पिय भजे प्यारी।
मेरी दायीं आँख पिय बायीं आँख प्यारी,
नित नई नई लागे छवि पिय प्यारी।
प्यारी कभू पिय बने, पिय कभू प्यारी,
एक आत्मा हैं द्वै तनु पिय-प्यारी।
