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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 71 · 75/129

कीर्तन 51–100

कीर्तन 71 · Kirtan 71

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

9 source linesपुस्तक पृष्ठ 125PDF 136

मैं तो वारी जाऊँ बरसाने वारी प्यारी।

( मतवारी प्यारी चाल)

मैं तो वारी जाऊँ बरसाने वारी प्यारी।

जय हो जय हो ब्रज रस बरसाने वारी।

प्यारी जू के पाछे पाछे डोलें बनवारी।

प्यारी पाछे ब्रजनारी पाछे बनवारी।

पायो रास रस प्रियतम कृपा प्यारी।

गिरिधर धर सिर चरनन प्यारी।

सब मिलि बोलो जय हो जय हो सुकुमारी।

गावो नाम ध्यावो रूप तू “कृपालु” प्यारी।।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३075
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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