कीर्तन 1–50
कीर्तन 48 · Kirtan 48
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
मेरी प्यारी प्यारी बरसानेवारी प्यारी,
मेरी प्यारी प्यारी बरसानेवारी प्यारी,
मेरी गति मति बरसाने वारी प्यारी।
मेरी ऐसी प्यारी बरसाने वारी प्यारी,
जाके पाछे पाछे डोलें ब्रह्म बनवारी।
जब जब चले प्यारी जू की असवारी,
पाछे चलि बोलें जय हो, जय हो, बनवारी।
मेरी ब्रजरस बरसाने वारी प्यारी,
जाके पग चापैं पूर्ण ब्रह्म बनवारी।
Source page 102
जब प्यारीजू के पग चापैं ब्रजनारी,
आगे आगे प्यारी चलें पाछे ब्रजनारी,
वाके पाछे पिय चलें बोलें “जय हो” प्यारी।
जित प्यारी जू पधारें सँग ब्रजनारी,
तित पहले ही दें बुहारी बनवारी।
चँवर ढुरावें तब ब्रह्म वनवारी।
बार बार बोलो सब जय हो जय हो प्यारी।
