कीर्तन 1–50
कीर्तन 20 · Kirtan 20
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
तोपै वारी वारी नथबेसर वारी।
(प्यारी प्यारी भोरी भारी बरसाने वारी)
पिय लखि सक नहिं चितवनि प्यारी।
पिय मुरछित लखि मुसुकनि प्यारी।
मेरी प्यारी ऐसी प्यारी, मोहे आपु प्यारी।
मदन हुँ मोहे जिन, तिन मोहे प्यारी।
वाके पाछे डोले पिय, जो भी भजे प्यारी।
लखि नहिं सक पिय, ऐसी छवि प्यारी।
