कीर्तन 1–50
कीर्तन 30 · Kirtan 30
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
रस बरसाने वारी, बरसाने वारी।
भोरी भारी प्यारी प्यारी, बरसाने वारी।
जय हो जय हो जय हो जय हो, बरसाने वारी।
आजा आजा सुकुमारी, बरसाने वारी।
आके कभू ना जा प्यारी, बरसाने वारी।
प्यारी ऊँचे महलन वारी, बरसाने वारी।
ब्रजरस बरसाने वारी, बरसाने वारी।
ब्रजरस चुवे तनु प्यारी, बरसाने वारी।
Source page 72
तू ही तो है मेरी प्यारी, बरसाने वारी।
मैं भी तो हूँ तेरी प्यारी, बरसाने वारी।
पाछा नहीं छोडूँ प्यारी, बरसाने वारी।
तेरा है भरोसा भारी, बरसाने वारी।
जापै वारी वारी बनवारी, बरसाने वारी।
तू तो है “कृपालु” बिनु कारण प्यारी।
