श्री कृष्ण-बाल लीला-माधुरी

जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेम रस मदिरा की 21 माधुरियों में श्री कृष्ण-बाल लीला-माधुरी क्रमांक 7 पर है। इसमें 97 पद हैं। मूल पद और उपलब्ध पुस्तक-स्रोत हिन्दी भावार्थ पढ़ें।
जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की मूल प्रकाशित रचना। साथ में उपलब्ध गुटका में राधा गोविन्द समिति द्वारा प्रकाशित आठवें संस्करण की तिथि 15 जुलाई 2011 दी गई है। प्रकाशन का इतिहास और स्रोत प्रमाण · आधिकारिक पुस्तक सूची। यहाँ मूल पद और उपलब्ध भावार्थ दिए गए स्रोतों से लिप्यंतरित हैं; नए पद या भावार्थ नहीं रचे गए हैं।
- पद 1 · अस जसुमति के भये लाल रे।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 2 · नंद-महर-घर बजत बधाई।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 3 · नंद के आँगन आनँदकंद।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 4 · नंद के भये आजु आनंद।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 5 · पालने झूलत बाल गोपाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 6 · द्वार इक योगी"अलख"पुकार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 7 · "जयराम योगी!""जयराम माय!"।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 8 · बड़ो कब ह्वैहैं हमरो लाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 9 · कबै कहि मैया! मोहिं बुलाय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 10 · विराजत ब्रह्म नंद के अंक।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 11 · धन्य सो मातु यशोमति भाम।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 12 · सखि कालि लखी नँदलाल रे।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 13 · बलि जाउँ सलोने श्याम की।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 14 · अजिर महँ विहर ब्रह्म साकार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 15 · खंभ-मणि विहरत सुंदर श्याम।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 16 · चलन लागे, लाल घुटुरुवनि चाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 17 · नवनि मुख मंडित सुंदर श्याम।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 18 · चलत सखि, लटपटात नँदलाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 19 · चलन लागे, ठुमुकि ठुमुकि नँदलाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 20 · चलन लागे गिरत परत गोपाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 21 · मेरे नैनन तारे जाग रे।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 22 · उठे हरि नैनन नींद भरे।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 23 · नवनि हित झगरत दोउ सुखधाम।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 24 · हमारो कौन बनेगो लाल?।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 25 · नंदघर निरतत नंदकुमार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 26 · रेनु तनु मण्डित सुन्दर श्याम।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 27 · लली सँग खेलत हार्यो लाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 28 · अरी मोरे, ललना सों कौन लरी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 29 · रूठे कान्ह मनावति माय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 30 · हमारो भोरो भारो कान्ह।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 31 · गोद-हित झगरत सुंदर श्याम।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 32 · परी है होड़ नंद अरु माय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 33 · लली सँग खेलत बाल गुपाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 34 · परी है होड़ आजु दोउ भाय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 35 · पियत थन सुरभिन नंदकुमार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 36 · बड़ी सी दुलहिनि माँगत लाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 37 · कान्ह मम, जागो जीवन प्रान।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 38 · भोर भइ जागो नवल किशोर।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 39 · भोर भइ जागो सुंदर श्याम।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 40 · मैया मेरो, रँग गोरो करि दे री।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 41 · मैया मैं तो पायो भल गुरु-ज्ञान।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 42 · मैया मै तो, बड़ी सी दुल्हनियाँ लैहौं।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 43 · मैया मोहिं, दै दे माखन रोटी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 44 · मैया री! मैं नहिं माटी खायो।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 45 · अरी ओ, दधि की बेचनिहार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 46 · अरे ओ, छलिया नंदकुमार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 47 · अरी ओ, घूँघट वारी नारि।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 48 · अरे ओ, मुरली वारे कान्ह!।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 49 · अरे ओ! निलज निपट बटमार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 50 · आजु हरि! हौं माँगति इक दान।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 51 · आजु हौं दैहौं विधि सों दान।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 52 · आजु हौं लरिहौं तो सन माय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 53 · उरहनो सुनि सुनि खीझीं माय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 54 · करेगो को कारे ते ब्याहु।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 55 · कान्ह की सुन करतूतहिं मात।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 56 · कान्ह के गुन नूतन सुन माय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 57 · कान्ह को पकर्यो हलधर कान।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 58 · कान्ह तुम माँगत कैसो दान।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 59 · कान्ह यह कौन तिहारी बान?।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 60 · कान्ह सों कहति कहानी माय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 61 · कान्ह! हम सुने तुमहिं भगवान!मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 62 · को कर, कारे ते यारी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 63 · क्यों रहिहैँ ब्रज ब्रजनार रे।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 64 · गई हम सब नटवर ते हारि।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 65 · ग्वाल सँग गो चारत गोपाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 66 · ग्वाल सँग जेंवत बाल गुपाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 67 · ग्वालिनी! अबहुँ बात ले मान।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 68 · छाँड़ि ब्रज और चलहु कहुँ मात।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 69 · टुक सुन ओ! ढोटा नंद के।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 70 · डगर महँ झगरि लँगर कर रार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 71 · ढाँपि मुख कामरि रूठे लाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 72 · दधि को एकहुँ बूँद न देइहौं।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 73 · निज ब्रजधाम लेहु नँदरानी, हम कहुँ अंत बसेंगी जाय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 74 · निरत कर आजु ब्रह्म साकार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 75 · नेकु दे माखन ओ ब्रजनार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 76 · पकरि गयो चोरत माखनचोर।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 77 · पकरि गयो माखन चोरत कान्ह।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 78 · परीं सब बैर हमारे लाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 79 · बात सुनु साँची साँची माय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 80 · भला तुम कैसे हो भगवान।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 81 · मातु टुक सुन ले याकी बात।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 82 · मातु सुनु खरी खरी अब बात।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 83 · मातु! सुनु साँची साँची बात।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 84 · माय ले, निज लालहिं समुझाय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 85 · माय! सखि झूठेहिं दोष लगाय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 86 · माय! सखि पानिहिं आग लगाय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 87 · मैया! तेरे, छैया ने जुलुम करी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 88 · मैया! तेरो, कैसो दैया छैया?।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 89 · मैया! मैं तो मोहिनि-रूप बनैहौं।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 90 · मोहन! मोहिं न आँखि दिखायो।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 91 · लँगर मोते, डगर चलत कर रार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 92 · लाल तुम नाहक गाल बजाय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 93 · सखी मोय, दै जा दधि को दान।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 94 · सखी सुनु, इक रहस्य की बात।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 95 · सुनु मुरली वारे कान्ह रे।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 96 · हमारे, बैर परीं ब्रज बाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 97 · हरि! जनि, मो कहँ आँखि दिखायो।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें