Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्यामा श्याम गीत
Shyama Shyam Geet
All 1008 Hindi verses, printed Roman transliteration and published English meanings from the supplied 441-page English edition, first published October 2010. The separate 291-page Hindi edition is not silently substituted or aligned to these English meanings. Supplied edition: First English edition, October 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.
Start reading1032 readings
- ShyamaSource PDF 1
- Shyama Shyam Geet — source coverSource PDF 2
- Publication and editionSource PDF 3
- FOREWORDSource PDF 6
- relishable is manasananda. This is what is called theSource PDF 7
- PREFACESource PDF 8
- veritable triveni (confluence) of lucid language,Source PDF 9
- The love songs of our BelovedSource PDF 10
- श्यामा रटें श्याम श्याम श्याम रटें श्यामा।Source no. 1 · Source PDF 12
- मनमानी तजु भज श्याम अरु श्यामा।Source no. 2 · Source PDF 12–13
- मैं, मैं, मैं, मैं काहे करे मूढ़ आठु यामा।Source no. 3 · Source PDF 13
- भुक्ति मुक्ति सुख सुख वैकुण्ठ धामा।Source no. 4 · Source PDF 13–14
- शुक के समान जनि रटु श्याम श्यामा।Source no. 5 · Source PDF 14
- रसना की भक्ति ते ना बने कछु कामा।Source no. 6 · Source PDF 14
- देह सम कीर्तन नाम गुन धामा।Source no. 7 · Source PDF 15
- श्यामा श्याम नाम जपो चाहे आठु यामा।Source no. 8 · Source PDF 15
- प्रेम ही है सब साधन परिणामा।Source no. 9 · Source PDF 15–16
- रिद्धि मिले सिद्धि मिले मिले मोक्षधामा।Source no. 10 · Source PDF 16
- प्रेम के अधीन श्याम नाम ते न कामा।Source no. 11 · Source PDF 16
- नाम चाहे जो लो करो प्रेम सुखधामा।Source no. 12 · Source PDF 17
- नामी के समान ही हैं नाम अरु धामा।Source no. 13 · Source PDF 17
- विधि हरि हर सुर मिलि एक ठामा।Source no. 14 · Source PDF 17–18
- शरणागत हाथ बिके श्याम अरु श्यामा।Source no. 15 · Source PDF 18
- समदर्शिनी बनि रहें उर श्यामा।Source no. 16 · Source PDF 18–19
- पूर्व जन्म कर्म नाहिं जाने कोउ बामा।Source no. 17 · Source PDF 19
- जो मन बुद्धि दै के भजे आठु यामा।Source no. 18 · Source PDF 19
- भक्तों का योगक्षेम वहन करें श्यामा।Source no. 19 · Source PDF 19–20
- सब तजि जोइ भज श्याम अरु श्यामा।Source no. 20 · Source PDF 20
- मायाधीन जीव है अनादि कह बामा।Source no. 21 · Source PDF 20
- ब्रह्म की ही शक्ति जीव, माया कह बामा।Source no. 22 · Source PDF 21
- माया है मिथ्या ऐसा बको आठु यामा।Source no. 23 · Source PDF 21
- साधना किये न मिलें श्याम पूर्णकामा।Source no. 24 · Source PDF 21–22
- तुम भी चित हम भी चित कह ब्रजबामा।Source no. 25 · Source PDF 22
- तू तो है मायाधीश कह ब्रजबामा।Source no. 26 · Source PDF 22–23
- तेरे मेरे पास माया, कह ब्रजबामा।Source no. 27 · Source PDF 23
- तुम भी हम भी दोनों हैं अनादि कह बामा।Source no. 28 · Source PDF 23
- तुम भी अज हम भी अज रहें उर धामा।Source no. 29 · Source PDF 23–24
- कोरे शब्द ज्ञान ते बने ना कछु कामा।Source no. 30 · Source PDF 24
- मन ही शुभाशुभ कर्म करे बामा।Source no. 31 · Source PDF 24
- मन ने ही बाँधा कर्मपाश कह बामा।Source no. 32 · Source PDF 25
- माना मन अति चंचल कह बामा।Source no. 33 · Source PDF 25
- तेरे हैं अनन्त पाप कह ब्रज बामा।Source no. 34 · Source PDF 25–26
- धीरे धीरे शिशु बने युवा कह बामा।Source no. 35 · Source PDF 26
- बीज चिरकाल में ही फल देगा बामा।Source no. 36 · Source PDF 26
- मान लो पतित आपु कहँ कह बामा।Source no. 37 · Source PDF 27
- मन में निराशा जनि लाओ कह बामा।Source no. 38 · Source PDF 27
- मेरी थीं, मेरी हैं, मेरी रहेंगी भी श्यामा।Source no. 39 · Source PDF 27
- जहाँ रहो मन ते कहो कह बामा।Source no. 40 · Source PDF 28
- पट्टी ना पढ़ाओ जानि भोरी भारी श्यामा।Source no. 41 · Source PDF 28
- आपु को इकलो न मानो कह बामा।Source no. 42 · Source PDF 28–29
- प्रति जन्म नयी नयी मातु बनी बामा।Source no. 43 · Source PDF 29
- बार बार जग ते हटाओ मन बामा।Source no. 44 · Source PDF 29
- शब्द, स्पर्श, रूप, रस, गन्ध मन कामा।Source no. 45 · Source PDF 29–30
- मन को भरोसा दिलाओ आठु यामा।Source no. 46 · Source PDF 30
- और द्वार जाओ न अनन्य बनो बामा।Source no. 47 · Source PDF 30
- मूर्ख कर्म करे स्वर्ग हित कह बामा।Source no. 48 · Source PDF 31
- वेद धर्म पालन ते मिले स्वर्ग धामा।Source no. 49 · Source PDF 31
- निंदनीय देवी देव भक्ति निष्कामा।Source no. 50 · Source PDF 31–32
- निन्दनीय श्यामा श्याम प्रेम भी सकामा।Source no. 51 · Source PDF 32
- हरि गुरु ते न कछु माँगो ब्रज बामा।Source no. 52 · Source PDF 32
- विष कीड़ा विष रस माँगे आठु यामा।Source no. 53 · Source PDF 33
- भुक्ति माँगें मूढ़ जन मिटै नहिं कामा।Source no. 54 · Source PDF 33
- माँगना हो तो माँगो सेवा श्याम श्यामा।Source no. 55 · Source PDF 33–34
- झूठे ही बुलावें लोग आओ उर श्यामा।Source no. 56 · Source PDF 34
- डेरा डारे नातेदार बैठे उरधामा।Source no. 57 · Source PDF 34
- उर में बिठाना चाहो जग संग श्यामा।Source no. 58 · Source PDF 35
- संसारी नर नारी में आठु यामा।Source no. 59 · Source PDF 35
- जाको होवे प्रेम जासों मृत्युलोक धामा।Source no. 60 · Source PDF 35–36
- याते मायाबद्ध ते न प्यार करो बामा।Source no. 61 · Source PDF 36
- भोरे बनि जाओ क्योंकि भोरीभारी श्यामा।Source no. 62 · Source PDF 36
- जल बिनु मीन ज्यों विकल कह बामा।Source no. 63 · Source PDF 36–37
- रहा नाहिं जाये जब मिले बिनु श्यामा।Source no. 64 · Source PDF 37
- ऐसी चाह पैदा करो निज उरधामा।Source no. 65 · Source PDF 37
- ऐसा करे मन प्रेम चरनन श्यामा।Source no. 66 · Source PDF 37–38
- पहले लगाओ बार बार मन श्यामा।Source no. 67 · Source PDF 38
- अभ्यास ते ही मन लगे कह बामा।Source no. 68 · Source PDF 38
- रसिकों ने समझाया कह ब्रजबामा।Source no. 69 · Source PDF 38–39
- श्यामा को भूलो जनि कभू आठु यामा।Source no. 70 · Source PDF 39
- जहाँ जब रहो सोचो सदा उर धामा।Source no. 71 · Source PDF 39
- जानने मात्र ते ना बने कछु कामा।Source no. 72 · Source PDF 39–40
- राधा नाम-रूप-गुण-लीला-जन-धामा।Source no. 73 · Source PDF 40
- श्यामा श्याम नाम, रूप, लीला, गुण, धामा।Source no. 74 · Source PDF 40–41
- वेद ब्रह्म वाणी ही है करो परनामा।Source no. 75 · Source PDF 41
- वेद कहें निर्गुण ब्रह्म सुख धामा।Source no. 76 · Source PDF 41
- ब्रह्म है सगुण याको अर्थ कह बामा।Source no. 77 · Source PDF 41–42
- ब्रह्म है अकाय याको अर्थ कह बामा।Source no. 78 · Source PDF 42
- जीव की है प्राकृत दृष्टि कह बामा।Source no. 79 · Source PDF 42
- गुरु ही है ब्रह्मा विष्णु शिव कह बामा।Source no. 80 · Source PDF 43
- “गिरत्यज्ञानमिति” गुरु कह बामा।Source no. 81 · Source PDF 43
- “ज्ञानं गृणाति” गुरु सोइ कह बामा।Source no. 82 · Source PDF 43–44
- गुरु करे उसे जिसे मिले श्याम श्यामा।Source no. 83 · Source PDF 44
- जिससे मिले तत्वज्ञान, प्रेम, श्याम श्यामा।Source no. 84 · Source PDF 44
- गुरु नाता मन ते जोड़ो, सदा आठु यामा।Source no. 85 · Source PDF 45
- गुरुभक्त मेरा भक्त, मानें सुख धामा।Source no. 86 · Source PDF 45
- श्यामा श्याम कहें गुरु भजो आठु यामा।Source no. 87 · Source PDF 45–46
- मन न मनन करे श्याम अरु श्यामा।Source no. 88 · Source PDF 46
- मन है अशुद्ध शुद्ध करो गुरु धामा।Source no. 89 · Source PDF 46
- गुरु ढिग में ही रहें श्याम अरु श्यामा।Source no. 90 · Source PDF 47
- संसार छोड़ो चलो सब गुरु धामा।Source no. 91 · Source PDF 47
- तन, मन, धन दान करो गुरु धामा।Source no. 92 · Source PDF 47–48
- गुरुदेव सेवा मिले गये गुरुधामा।Source no. 93 · Source PDF 48
- गुरु ते ही ज्ञान मिले गये गुरुधामा।Source no. 94 · Source PDF 48
- माया ने भुलाया जग भाया आठु यामा।Source no. 95 · Source PDF 49
- गुरु की शरण गहो जाय गुरुधामा।Source no. 96 · Source PDF 49
- नाम अपराध जनि करो गुरुधामा।Source no. 97 · Source PDF 49–50
- आदेश पालन हो सदा गुरुधामा।Source no. 98 · Source PDF 50
- गुरु की बुद्धि ते बुद्धि जोड़े रहो बामा।Source no. 99 · Source PDF 50
- गुरु रुचि महँ रुचि राखो गुरुधामा।Source no. 100 · Source PDF 51
- हरि गुरु एक मानो रहो गुरुधामा।Source no. 101 · Source PDF 51
- गुरु में हरिबुद्धि रखो सदा गुरुधामा।Source no. 102 · Source PDF 51–52
- गुरु की हो भक्ति वैसी जैसी श्याम श्यामा।Source no. 103 · Source PDF 52
- माया को भगाना हो तो जाओ गुरुधामा।Source no. 104 · Source PDF 52
- श्रद्धा ते सत्संग करो गुरुधामा।Source no. 105 · Source PDF 53
- गुरु का ज्ञान प्रेम देखो जाय गुरुधामा।Source no. 106 · Source PDF 53
- गुरुधाम सम नहिं और कोउ धामा।Source no. 107 · Source PDF 53–54
- हरि धाम देखा नहिं देखा गुरुधामा।Source no. 108 · Source PDF 54
- रागी हो विरागी हो या जाओ गुरुधामा।Source no. 109 · Source PDF 54
- हरि गुरु भक्ति करो मन हो अकामा।Source no. 110 · Source PDF 55
- चित को चुराया चित भाया सुखधामा।Source no. 111 · Source PDF 55
- तू तो है अनन्त प्रेमसिन्धु सुखधामा।Source no. 112 · Source PDF 55–56
- एक बार मुरली सुना दे सुखधामा।Source no. 113 · Source PDF 56
- हम भूले अचरज नहिं श्याम श्यामा।Source no. 114 · Source PDF 56
- तेरा नाम गा रहा हूँ बैठि तेरे धामा।Source no. 115 · Source PDF 57
- जो भी पतित गया तेरे द्वार श्यामा।Source no. 116 · Source PDF 57
- पतितों का काम यदि नाहिं किया श्यामा।Source no. 117 · Source PDF 57–58
- होते न पतित यदि हम जग श्यामा।Source no. 118 · Source PDF 58
- शरणागत को ही जो दो प्रेम श्यामा।Source no. 119 · Source PDF 58
- मैंने सुना है तेरी कृपा शक्ति श्यामा।Source no. 120 · Source PDF 59
- वेदों ने बताया तू अनन्त शक्ति धामा।Source no. 121 · Source PDF 59
- तुम तो कृपामयी भोरी भारी श्यामा।Source no. 122 · Source PDF 59–60
- तेरी कृपा शक्ति को भरोसो बड़ो श्यामा।Source no. 123 · Source PDF 60
- तेरी कृपा का ओर छोर नाहिं श्यामा।Source no. 124 · Source PDF 60
- सुना है तु कोमल कोमल श्यामा।Source no. 125 · Source PDF 61
- सुना है तु ब्रज रस बाँटे आठु यामा।Source no. 126 · Source PDF 61
- ब्रजरस में रहें डूबी ब्रज बामा।Source no. 127 · Source PDF 61–62
- ब्रज रस पिये बिनु लौटूँ जो धामा।Source no. 128 · Source PDF 62
- माया ने घुमाया लख चौरासी धामा।Source no. 129 · Source PDF 62
- सुना है कि तेरा धाम चिदानन्द धामा।Source no. 130 · Source PDF 63
- अगनित पतितन दिये निज धामा।Source no. 131 · Source PDF 63
- महल टहलिनी बना दो निज धामा।Source no. 132 · Source PDF 63–64
- महल की सेवा जो ना दे सके श्यामा।Source no. 133 · Source PDF 64
- सेवा की लालसा बढ़ा दे मम श्यामा।Source no. 134 · Source PDF 64
- बार बार आया तेरे दिव्य धाम श्यामा।Source no. 135 · Source PDF 64–65
- चिदानन्द भाव नहिं होय ब्रज धामा।Source no. 136 · Source PDF 65
- नामी का न पाया रस गाया तेरा नामा।Source no. 137 · Source PDF 65–66
- जीभ घिस गई गाते गाते तव नामा।Source no. 138 · Source PDF 66
- माँगता रहूँगा रो रो प्रेम निष्कामा।Source no. 139 · Source PDF 66
- बामन ने माँगा तीन पग भूमि धामा।Source no. 140 · Source PDF 66–67
- जन्म सिद्ध अधिकार प्रेम निष्कामा।Source no. 141 · Source PDF 67
- गोपी गोप पियें सदा ब्रजरस धामा।Source no. 142 · Source PDF 67
- बार बार माँगूँगा प्रेम निष्कामा।Source no. 143 · Source PDF 68
- प्रेम भी न माँगूँगा कभू तोहिं श्यामा।Source no. 144 · Source PDF 68
- मेरे पाप लिख लिख थकी नाहिं श्यामा।Source no. 145 · Source PDF 68–69
- मेरे पाप लिख बहीखाता धरो श्यामा।Source no. 146 · Source PDF 69
- एक बार कृपा दृष्टि हो जाय श्यामा।Source no. 147 · Source PDF 69
- एक बार “तू मोरा” कह भी दो श्यामा।Source no. 148 · Source PDF 70
- मन नाहिं माने मनमानी करे श्यामा।Source no. 149 · Source PDF 70
- मन कह झलक दिखा दे टुक श्यामा।Source no. 150 · Source PDF 70–71
- तेरा बने बिनु जीना जीना नाहिं श्यामा।Source no. 151 · Source PDF 71
- तेरे मिले बिनु युग युग जिया श्यामा।Source no. 152 · Source PDF 71
- माया के जूते लात खाया आठु यामा।Source no. 153 · Source PDF 72
- माना मैं पतित सुत हूँ तो तव श्यामा।Source no. 154 · Source PDF 72
- तेरे जैसी करुणामयी ना कोइ श्यामा।Source no. 155 · Source PDF 72–73
- आया करूँगा बार बार तेरे धामा।Source no. 156 · Source PDF 73
- लख चौरासी द्वार माँगा भीख श्यामा।Source no. 157 · Source PDF 73–74
- तू तो मेरे उर में ही रहे आठु यामा।Source no. 158 · Source PDF 74
- तोहिं भूला याते माया मारे आठु यामा।Source no. 159 · Source PDF 74
- तुम तो प्रकाश, माया तम कह बामा।Source no. 160 · Source PDF 74–75
- हम, तुम, माया तीनों रहें उर धामा।Source no. 161 · Source PDF 75
- बिगरी बनाने वारी एक तुम श्यामा।Source no. 162 · Source PDF 75–76
- अगनित पतितन भेजा निज धामा।Source no. 163 · Source PDF 76
- हम तो पुकारे जायेंगे आठु यामा।Source no. 164 · Source PDF 76
- तेरे नाम का अवलम्ब लै के श्यामा।Source no. 165 · Source PDF 76–77
- एक बार हमरिहुँ ओर लखु श्यामा।Source no. 166 · Source PDF 77
- कहाँ जाउँ कासों कहुँ कौन सुने श्यामा।Source no. 167 · Source PDF 77
- मोहिं जनि लखु मैं तो पातकधामा।Source no. 168 · Source PDF 78
- तोहिं लखि पतितपावनी श्यामा।Source no. 169 · Source PDF 78
- जग जाने मैं तो तेरा ही हूँ श्यामा।Source no. 170 · Source PDF 78–79
- कभू तो करेंगी कृपा कृपामयी श्यामा।Source no. 171 · Source PDF 79
- तेरे तो हैं अगनित जन गुनधामा।Source no. 172 · Source PDF 79
- तू तो अनन्य प्रेम चाहती है श्यामा।Source no. 173 · Source PDF 80
- माया तो मन जग जननी है बामा।Source no. 174 · Source PDF 80
- बार बार भोग ते भी मिटे नाहिं कामा।Source no. 175 · Source PDF 80–81
- माना मैंने माना नहिं तेरा कहा श्यामा।Source no. 176 · Source PDF 81
- तू तो है समर्थ सर्वशक्तिमती श्यामा।Source no. 177 · Source PDF 81
- मेरी बन जाओ जो स्वामिनि श्यामा।Source no. 178 · Source PDF 82
- तेरा सुत तेरी गोद बैठा उर धामा।Source no. 179 · Source PDF 82
- दैहिक माँ भी सुत न भूले एक यामा।Source no. 180 · Source PDF 82–83
- मैं ही भागा भागा फिरा दूर आठु यामा।Source no. 181 · Source PDF 83
- मैंने तो भुलाया तोहिं सदा सदा श्यामा।Source no. 182 · Source PDF 83
- बार बार अवतार लिया तूने श्यामा।Source no. 183 · Source PDF 83–84
- तूने दिया नाम रूप गुण लीला धामा।Source no. 184 · Source PDF 84
- सुर नर मुनि की कौन कहे श्यामा।Source no. 185 · Source PDF 84–85
- सबसे बड़े हैं ब्रह्म श्याम पूर्णकामा।Source no. 186 · Source PDF 85
- “तू भी मेरी” ऐसी भक्ति किया आठु यामा।Source no. 187 · Source PDF 85
- तू ही एक मेरी बुधि माने आठु यामा।Source no. 188 · Source PDF 86
- जगत की आसक्ति है अनादि श्यामा।Source no. 189 · Source PDF 86
- तेरा जब रूपध्यान करूँ उर धामा।Source no. 190 · Source PDF 86–87
- दीन भाव ते तो तू प्रसन्न होवे श्यामा।Source no. 191 · Source PDF 87
- अभिमान तो इतना बढ़ गया श्यामा।Source no. 192 · Source PDF 87
- शास्त्र वेद पढ़ा सुना गुना नाहिं श्यामा।Source no. 193 · Source PDF 87–88
- जानि जानि नाम अपराध करुँ श्यामा।Source no. 194 · Source PDF 88
- जगत का गुरु मोहिं जाने सब धामा।Source no. 195 · Source PDF 88
- मेरा तो प्राकृत सब इन्द्रिय ग्रामा।Source no. 196 · Source PDF 89
- तोको नाहिं जानि सकीं, उमा, रमा, श्यामा।Source no. 197 · Source PDF 89
- तव दर्शन प्यास बढ़े नाहिं श्यामा।Source no. 198 · Source PDF 89–90
- तेरे मन्दिर में करुँ दण्डवत् प्रणामा।Source no. 199 · Source PDF 90
- भोर ते गाता तो हूँ नाम गुन धामा।Source no. 200 · Source PDF 90
- तेरा नाम गाया आया बार बार धामा।Source no. 201 · Source PDF 91
- वेद कहे सत्यसंकल्प तुम श्यामा।Source no. 202 · Source PDF 91
- ब्रजरस का चस्का लगा दे उर धामा।Source no. 203 · Source PDF 91–92
- तेरा कछु घटेगा न बढ़ेगा ही श्यामा।Source no. 204 · Source PDF 92
- अबकी जो आना ब्रजधाम श्याम श्यामा।Source no. 205 · Source PDF 92
- गोप बामा भी ना बनाना यदि श्यामा।Source no. 206 · Source PDF 93
- दास्य धर्म मेरा है अधिकार श्यामा।Source no. 207 · Source PDF 93
- वेद की ऋचायें हैं दासी ब्रज बामा।Source no. 208 · Source PDF 93–94
- कृपा का भण्डार खोलो कृपामयी श्यामा।Source no. 209 · Source PDF 94
- कृपा करो कृपा करो कृपा करो श्यामा।Source no. 210 · Source PDF 94–95
- मेरे तो उर को बना लो ब्रजधामा।Source no. 211 · Source PDF 95
- कृपा का स्वभाव लखि कृपा माँगुँ श्यामा।Source no. 212 · Source PDF 95
- कृपा करना ही तेरा काम रहा श्यामा।Source no. 213 · Source PDF 95–96
- मो पै यदि कृपा नहिं करो तुम श्यामा।Source no. 214 · Source PDF 96
- जानना न चाहूँ वेद शास्त्र ज्ञान श्यामा।Source no. 215 · Source PDF 96
- सब साधन वृक्ष फल प्रेम निष्कामा।Source no. 216 · Source PDF 97
- विरला ही पावे कोउ प्रेम निष्कामा।Source no. 217 · Source PDF 97
- जग ते भी प्रेम हो हो प्रेम श्याम श्यामा।Source no. 218 · Source PDF 97–98
- जगत का प्रेम निष्काम या सकामा।Source no. 219 · Source PDF 98
- जगत के प्रेम को आसक्ति कहें बामा।Source no. 220 · Source PDF 98
- जगत के प्रेम का बन्धन परिणामा।Source no. 221 · Source PDF 98–99
- देना देना प्रेम अरु लेना लेना कामा।Source no. 222 · Source PDF 99
- श्याम हैं प्रकाश सम अन्धकार कामा।Source no. 223 · Source PDF 99
- कारण रहित हो जो प्रेम कह बामा।Source no. 224 · Source PDF 99–100
- कारण रहित प्रेम बाढ़ै आठु यामा।Source no. 225 · Source PDF 100
- चन्द्रकला जिमि बाढ़ै प्रेम आठु यामा।Source no. 226 · Source PDF 100–101
- प्रेम के हैं रोगी तीनों श्यामा श्याम बामा।Source no. 227 · Source PDF 101
- प्रेम ते ना हुआ कोई कभी पूर्ण कामा।Source no. 228 · Source PDF 101
- छिन छिन बाढ़ै सोई प्रेम निष्कामा।Source no. 229 · Source PDF 101–102
- कितना ही दुःख देवें तोहिं श्याम श्यामा।Source no. 230 · Source PDF 102
- कुलिश कठोर पिय कहें ब्रजबामा।Source no. 231 · Source PDF 102–103
- श्याम को कठोर जनि कहो कोउ बामा।Source no. 232 · Source PDF 103
- श्यामा श्याम सुख चाहे प्रेम निष्कामा।Source no. 233 · Source PDF 103
- प्रेम के अधीन रहें श्याम अरु श्यामा।Source no. 234 · Source PDF 104
- प्रेम सोइ बाढ़ै जोई नित आठु यामा।Source no. 235 · Source PDF 104
- प्रेम देखना जो चाहो चलो ब्रजधामा।Source no. 236 · Source PDF 104–105
- श्यामा श्याम पूछें कहा चाहो ब्रज बामा।Source no. 237 · Source PDF 105
- श्यामा श्याम सुख चाहें नित ब्रज बामा।Source no. 238 · Source PDF 105–106
- ब्रज बामा महिमा जानें श्याम श्यामा।Source no. 239 · Source PDF 106
- ब्रज में न आतीं यदि वे ब्रज बामा।Source no. 240 · Source PDF 106
- श्यामा श्याम नाहिं भजे भजे ब्रजबामा।Source no. 241 · Source PDF 106–107
- ब्रह्म था अतनु वाय तनु दियो श्यामा।Source no. 242 · Source PDF 107
- लीला नाहिं होवे कोई बिनु ब्रज बामा।Source no. 243 · Source PDF 107
- श्यामा श्याम माधुर्य अरु प्रेम बामा।Source no. 244 · Source PDF 108
- श्यामा श्याम रूप सुधा प्यासी ब्रज बामा।Source no. 245 · Source PDF 108
- मंजु कुञ्ज पुञ्ज बिच बैठे श्याम श्यामा।Source no. 246 · Source PDF 108–109
- ब्रज बामा जब सेवा करें श्याम श्यामा।Source no. 247 · Source PDF 109
- माधुर्य भाव ही था ब्रज ब्रज बामा।Source no. 248 · Source PDF 109
- श्याम गये मथुरा ना गई ब्रज बामा।Source no. 249 · Source PDF 110
- ब्रज बामा प्रेम महँ बँधे श्याम श्यामा।Source no. 250 · Source PDF 110
- स्वांश ते अभिन्न रहें सदा श्याम श्यामा।Source no. 251 · Source PDF 110–111
- भगवत स्वरूप दोनों श्याम अरु श्यामा।Source no. 252 · Source PDF 111
- ब्रज बामा कायव्यूह रूप ब्रज धामा।Source no. 253 · Source PDF 111
- श्याम ना सुनै जो तेरी जाओ ढिग श्यामा।Source no. 254 · Source PDF 112
- श्यामा सम श्याम भी हैं श्याम सम श्यामा।Source no. 255 · Source PDF 112
- श्याम हूँ भजन करें सदा ब्रज बामा।Source no. 256 · Source PDF 112–113
- धन्य प्रेम ब्रज बामा ब्रह्म श्याम श्यामा।Source no. 257 · Source PDF 113
- श्याम को चिढ़ाना चाहो कहो सब बामा।Source no. 258 · Source PDF 113
- परम पुरुष को बरसाने धामा।Source no. 259 · Source PDF 114
- साँकरी गली में श्याम छेड़ दिए श्यामा।Source no. 260 · Source PDF 114
- वैकुण्ठ धाम हो या द्वारवती धामा।Source no. 261 · Source PDF 114–115
- श्यामा कहें श्याम धन्य श्याम कहें श्यामा।Source no. 262 · Source PDF 115
- महाविष्णु से भी नहीं प्यार करें बामा।Source no. 263 · Source PDF 115
- ब्रज बामा देह प्राण सम श्याम श्यामा।Source no. 264 · Source PDF 116
- ब्रजबामा नाम लै लै सदा श्याम श्यामा।Source no. 265 · Source PDF 116
- राधे राधे गोविन्द गावें ब्रज बामा।Source no. 266 · Source PDF 116
- कर्मयोग देखना हो देखो ब्रज बामा।Source no. 267 · Source PDF 117
- भोर भये गाय दुहें सब ब्रज बामा।Source no. 268 · Source PDF 117
- मिलन या विरह में दोउ श्याम श्यामा।Source no. 269 · Source PDF 117–118
- कुलटा कहे तो कहे सारा ब्रजधामा।Source no. 270 · Source PDF 118
- जानती हूँ जार प्रेम का परिणामा।Source no. 271 · Source PDF 118
- वस्तुतः स्वकीया ही हैं सब ब्रज बामा।Source no. 272 · Source PDF 119
- कब कौन कहाँ तप किया ब्रज बामा।Source no. 273 · Source PDF 119
- वेद कहें पूर्ण ब्रह्म सदा पूर्ण कामा।Source no. 274 · Source PDF 119–120
- वेद कहें ब्रह्म तो है सदा पूर्णकामा।Source no. 275 · Source PDF 120
- देखो एक अनहोनी गोकुल ग्रामा।Source no. 276 · Source PDF 120
- गोपी प्रेम महिमा जानें ब्रज बामा।Source no. 277 · Source PDF 121
- गोबर उठावैं सिर श्याम सुख धामा।Source no. 278 · Source PDF 121–122
- गोपी प्रेम महिमा देखो ब्रज धामा।Source no. 279 · Source PDF 122
- ब्रज नारी गारी सुनि कह सुख धामा।Source no. 280 · Source PDF 122
- साँकरी खोर जनि छेड़ा करो बामा।Source no. 281 · Source PDF 123
- मीठी मीठी गारी खाऊँ मुख ब्रज बामा।Source no. 282 · Source PDF 123
- उतना न प्रिय मम सुत मम बामा।Source no. 283 · Source PDF 123–124
- मेरी गुरु मेरी शिष्य मेरी बन्धु बामा।Source no. 284 · Source PDF 124
- श्याम प्रति अपराध क्षमा करें बामा।Source no. 285 · Source PDF 124
- गोपी जन प्रेम का ही नाम हुआ कामा।Source no. 286 · Source PDF 125
- काम आदि भेद दो हैं कह ब्रज बामा।Source no. 287 · Source PDF 125
- गोपी जन मन बसे श्याम आठु यामा।Source no. 288 · Source PDF 125–126
- गोपी जन लखि घनश्याम सुख धामा।Source no. 289 · Source PDF 126
- चुभें ना उरोज पग श्याम रस धामा।Source no. 290 · Source PDF 126
- पिय रुचि महँ रुचि राखें ब्रज बामा।Source no. 291 · Source PDF 127
- श्याम प्यार करें चाहे तड़पावें बामा।Source no. 292 · Source PDF 127
- क्रोध भी कृपा है श्याम की कह बामा।Source no. 293 · Source PDF 127–128
- कुलिश कठोर या कृपालु सुखधामा।Source no. 294 · Source PDF 128
- गीता ज्ञान दाता हों या श्याम सुखधामा।Source no. 295 · Source PDF 128–129
- कोटि काम कमनीय हों रूपधामा।Source no. 296 · Source PDF 129
- अवगुण खानि हों या गुणगण धामा।Source no. 297 · Source PDF 129
- मैं ही श्याम बामा या हों कोटि श्याम बामा।Source no. 298 · Source PDF 130
- चाहे हों निठुर अति चाहे सुखधामा।Source no. 299 · Source PDF 130
- गोलोक तजि आईं ब्रज ब्रजबामा।Source no. 300 · Source PDF 130–131
- श्यामा श्याम आये तजि गोलोक धामा।Source no. 301 · Source PDF 131–132
- श्यामा श्याम आये ब्रज लखि प्रेम बामा।Source no. 302 · Source PDF 132
- श्याम आये मथुरा बरसाने श्यामा।Source no. 303 · Source PDF 132
- चिन्मय तनु धरि आये श्याम श्यामा।Source no. 304 · Source PDF 132–133
- ऐश्वर्य में ब्रह्म अज सोइ श्यामा।Source no. 305 · Source PDF 133
- आ रहे हैं हरि हर बरसानो धामा।Source no. 306 · Source PDF 133–134
- श्यामा बिनु मैं ना जाऊँ कभू ब्रज धामा।Source no. 307 · Source PDF 134
- पहले तुम जावो श्यामा बरसाने गामा।Source no. 308 · Source PDF 134
- श्यामा आ गईं हैं संग लैके ब्रज बामा।Source no. 309 · Source PDF 134–135
- ह्लादिनी को सार प्रेम प्रेम सार श्यामा।Source no. 310 · Source PDF 135
- आईं आईं शोर चहुँ ओर ब्रज धामा।Source no. 311 · Source PDF 135
- ब्रह्मा, विष्णु, शिव अरु उमा रमा बामा।Source no. 312 · Source PDF 136
- ब्रह्मा वेद पाठ करें बरसाने धामा।Source no. 313 · Source PDF 136
- भानु ने तपस्या कौन कीन्ही कौन धामा।Source no. 314 · Source PDF 136–137
- कीरति के भाग की न समता बामा।Source no. 315 · Source PDF 137
- धन्य भूप भानु धन्य कीर्ति रानी बामा।Source no. 316 · Source PDF 137
- धनि वृषभानु भूप धनि कीर्ति बामा।Source no. 317 · Source PDF 137–138
- लाली जू की लीला लखें बड़भागी बामा।Source no. 318 · Source PDF 138
- चलो करें दर्शन बरसाने धामा।Source no. 319 · Source PDF 138
- भानु घर भारी भीर गोप ब्रजबामा।Source no. 320 · Source PDF 139
- कोऊ गावे कोऊ नाचे भानुभूप धामा।Source no. 321 · Source PDF 139
- तिल धरने की नाहिं ठौर भानु धामा।Source no. 322 · Source PDF 139–140
- गोलोक ते आईं बरसाने श्यामा।Source no. 323 · Source PDF 140
- बधाई लो बधाई लो बधाई कीर्ति बामा।Source no. 324 · Source PDF 140
- बधाई में कौन कौन गुन गाउँ श्यामा।Source no. 325 · Source PDF 140–141
- मणि मुक्ता थार लुटावें कीर्ति बामा।Source no. 326 · Source PDF 141
- मणि मुक्ता नहिं चह कीरति बामा।Source no. 327 · Source PDF 141–142
- बधाई गवाई कछु ना दे कीर्ति बामा।Source no. 328 · Source PDF 142
- कीर्ति मैया आई मैं बधाई गाने धामा।Source no. 329 · Source PDF 142
- युग युग ऋणी रहौं तेरी कीर्ति बामा।Source no. 330 · Source PDF 143
- तेरी लाली अमर रहे ब्रज धामा।Source no. 331 · Source PDF 143
- काहु की नजर नहिं लागे ब्रज धामा।Source no. 332 · Source PDF 143–144
- भुक्ति मुक्ति नाहिं चह कीरति बामा।Source no. 333 · Source PDF 144
- खाली झोली लै के आई श्यामा तव धामा।Source no. 334 · Source PDF 144
- दूर ते आई हूँ मैं तेरे धामा।Source no. 335 · Source PDF 145
- कृपा की बुलाया तूने श्यामा निज धामा।Source no. 336 · Source PDF 145
- बधाई गवाई दे दे मोको कीर्ति बामा।Source no. 337 · Source PDF 145–146
- दिन रात गाऊँगी बधाई तव धामा।Source no. 338 · Source PDF 146
- महल में दासी बना दे कीर्ति बामा।Source no. 339 · Source PDF 146
- बार बार गाओ बधाई न तु श्यामा।Source no. 340 · Source PDF 146–147
- रस बरसाने आईं बरसाने धामा।Source no. 341 · Source PDF 147
- गावो सब नाम गुन लीला अरु धामा।Source no. 342 · Source PDF 147
- वृषभानु कीरति बरसानो धामा।Source no. 343 · Source PDF 148
- दर्शन को गइ बरसाने धामा।Source no. 344 · Source PDF 148
- फूली न समाई लखि मुसकनि श्यामा।Source no. 345 · Source PDF 148
- तोरे जन्म दिन पै भेंट का दुँ श्यामा।Source no. 346 · Source PDF 149
- मेरा तो मैं भी नहिं तेरा सब श्यामा।Source no. 347 · Source PDF 149
- तू तेरा सब कछु चिदानंद श्यामा।Source no. 348 · Source PDF 149–150
- तोहिं भेंट का दूँ श्यामा तू तो पूर्णकामा।Source no. 349 · Source PDF 150
- भली बुरी जैसी हूँ तेरी हूँ श्यामा।Source no. 350 · Source PDF 150
- तन मन प्राण तेरा दिया हुआ श्यामा।Source no. 351 · Source PDF 151
- सुनते थे शास्त्रों में प्रेम रूप नामा।Source no. 352 · Source PDF 151
- जब जब अवतार होवे ब्रज श्यामा।Source no. 353 · Source PDF 151–152
- ब्रज धाम में भी मिले बरसाना धामा।Source no. 354 · Source PDF 152
- श्यामा जू की देह दुति चिदानन्दधामा।Source no. 355 · Source PDF 152
- चम्पक बरनि जैसी गौर तनु श्यामा।Source no. 356 · Source PDF 152–153
- जब ते प्रकट हुइँ श्यामा भानु धामा।Source no. 357 · Source PDF 153
- आ तो गयीं श्यामा बरसाने धामा।Source no. 358 · Source PDF 153
- वेद बताये जगजननी हैं श्यामा।Source no. 359 · Source PDF 153–154
- वेद कहें हम नाहिं जानें कौन श्यामा।Source no. 360 · Source PDF 154
- ब्रज में प्रकट हुआ ब्रह्म बनि श्यामा।Source no. 361 · Source PDF 154
- लाली की छठी है आज बरसाने धामा।Source no. 362 · Source PDF 155
- चलो बरसाने बधाई गाने बामा।Source no. 363 · Source PDF 155
- नाचो गाओ छठी की बधाई ब्रज बामा।Source no. 364 · Source PDF 155–156
- आओ आओ आओ बधाई गाओ बामा।Source no. 365 · Source PDF 156
- मायिक शिशु की बधाई गावैं गामा।Source no. 366 · Source PDF 156–157
- श्यामा जू को दिव्य तनु आनंदधामा।Source no. 367 · Source PDF 157
- भानु को बधाई दें या दें कीर्ति बामा।Source no. 368 · Source PDF 157
- प्रथम बधाई की हैं पात्र ब्रजबामा।Source no. 369 · Source PDF 157–158
- अभी तो हुई हैं छे दिन की ही श्यामा।Source no. 370 · Source PDF 158
- काम, क्रोध, लोभ आदि, शत्रु छे श्यामा।Source no. 371 · Source PDF 158–159
- एक कल्प में आवें भगवती श्यामा।Source no. 372 · Source PDF 159
- चार भुजा धरि आये मधुपुरि धामा।Source no. 373 · Source PDF 159
- ज्ञानियों ने कहा ब्रह्म “अलख अनामा”।Source no. 374 · Source PDF 160
- फल फला देवकी ने मधुपुरि धामा।Source no. 375 · Source PDF 160
- देवकी ने जाया सुत जानें ब्रजबामा।Source no. 376 · Source PDF 160–161
- श्याम का शरीर तो है चिदानन्द धामा।Source no. 377 · Source PDF 161
- अवतार लै के आया आपु ब्रजधामा।Source no. 378 · Source PDF 161
- हलधर दक्षिण गिरिधर बामा।Source no. 379 · Source PDF 162
- हलधर गौर तनु श्याम सुखधामा।Source no. 380 · Source PDF 162
- कृष्ण बलराम एक ब्रह्म सुखधामा।Source no. 381 · Source PDF 162–163
- बार बार आवें राम श्याम ब्रज धामा।Source no. 382 · Source PDF 163
- श्याम सत्यसंकल्प अरु सत्यकामा।Source no. 383 · Source PDF 163
- श्याम सर्व शक्ति युक्त ज्ञान गुण धामा।Source no. 384 · Source PDF 164
- श्याम की स्वरूप शक्ति सर्वगुण धामा।Source no. 385 · Source PDF 164
- युग युग खोजा ब्रह्मादि ज्ञानधामा।Source no. 386 · Source PDF 164–165
- तू है अनन्त शक्तिमान सुखधामा।Source no. 387 · Source PDF 165
- श्याम लीला का मर्म जाने एक श्यामा।Source no. 388 · Source PDF 165
- वेद कहें ब्रह्म को है रूप न नामा।Source no. 389 · Source PDF 166
- वेद कहें ब्रह्म चले किन्तु बिनु पामा।Source no. 390 · Source PDF 166
- जाके पग प्रेम सुधा बहे आठु यामा।Source no. 391 · Source PDF 166–167
- हरि हर सिर धर जाकी रज पामा।Source no. 392 · Source PDF 167
- मणि खम्भ प्रतिबिम्ब लखि सुखधामा।Source no. 393 · Source PDF 167
- हरि हर माँगें जाकी शरणाइ बामा।Source no. 394 · Source PDF 168
- भावै न नवनि नव लख धेनु धामा।Source no. 395 · Source PDF 168
- सब जग को जो देवे मुक्ति अभिरामा।Source no. 396 · Source PDF 168–169
- सनक समाधि न जायें सुखधामा।Source no. 397 · Source PDF 169
- पंक लपेटे लखि यशुमति भामा।Source no. 398 · Source PDF 169–170
- श्रुति स्मृति सुनि नहिं बोलें सुखधामा।Source no. 399 · Source PDF 170
- ऋषि करें यज्ञ न जायें रस धामा।Source no. 400 · Source PDF 170
- मैया सों कह बाल कृष्ण नन्दधामा।Source no. 401 · Source PDF 171
- तव करतूत कारी जानें ब्रज धामा।Source no. 402 · Source PDF 171
- श्याम पूछें श्यामा जू सों कौन तेरो गामा।Source no. 403 · Source PDF 171–172
- लाला सुन मेरो गाम बरसानो धामा।Source no. 404 · Source PDF 172
- खेल में जो हारो करो ब्याहु मोते श्यामा।Source no. 405 · Source PDF 172
- नव लक्ष धेनु जेहि नन्दसुत धामा।Source no. 406 · Source PDF 172–173
- कहाँ लौं कहौं हौं मैया कह ब्रज बामा।Source no. 407 · Source PDF 173
- बहुत लड़ाया लाड़ यशुमति भामा।Source no. 408 · Source PDF 173
- जेहि वश हरि हर नाचे वसु यामा।Source no. 409 · Source PDF 174
- भूख प्यास लगे नहिं ब्रह्म पूर्णकामा।Source no. 410 · Source PDF 174
- धन्य धनसुख, मनसुख, श्रीदामा।Source no. 411 · Source PDF 174–175
- जाके भय भयभीत महाकाल बामा।Source no. 412 · Source PDF 175
- गिरि को उठाया पाया गिरिधर नामा।Source no. 413 · Source PDF 175–176
- गिरि को उठाया जब श्याम सुखधामा।Source no. 414 · Source PDF 176
- लख्यों एक अचरज कुञ्ज ब्रज धामा।Source no. 415 · Source PDF 176
- एक अचम्भो बड़ो लख्यो ब्रज धामा।Source no. 416 · Source PDF 177
- लख्यों एक कौतुक वृन्दावन धामा।Source no. 417 · Source PDF 177
- श्याम हैं कृपालु मानें अस ब्रजबामा।Source no. 418 · Source PDF 177–178
- ह्लादिनी का सारभूत तत्व प्रेम नामा।Source no. 419 · Source PDF 178
- श्याम प्रेम महाभाव मादन हैं श्यामा।Source no. 420 · Source PDF 178–179
- धुआँ भी निकले यदि विरहाग श्यामा।Source no. 421 · Source PDF 179
- मादनाख्य प्रेमवश श्याम सुखधामा।Source no. 422 · Source PDF 179
- निकले सवारी जब सिंहासन धामा।Source no. 423 · Source PDF 180
- श्यामा जू को परखत श्याम संग बामा।Source no. 424 · Source PDF 180
- आगे चलैं अलि सँग कुंजगली धामा।Source no. 425 · Source PDF 180–181
- महल के भीतर सेवा करें बामा।Source no. 426 · Source PDF 181
- फूल तोड़ें श्याम माला गुहे एक बामा।Source no. 427 · Source PDF 181–182
- रास करि आईं श्यामा संग ब्रज बामा।Source no. 428 · Source PDF 182
- श्यामा जू को करें शृंगार सुखधामा।Source no. 429 · Source PDF 182
- ललिता चरण चापैं पौढ़ीं कुंज श्यामा।Source no. 430 · Source PDF 183
- सखी रूप धरि श्याम जायें ढिग श्यामा।Source no. 431 · Source PDF 183
- श्यामा बैठीं कुंज महँ संग अष्ट बामा।Source no. 432 · Source PDF 183–184
- पूछो कस प्राण प्यारे आवो कह बामा।Source no. 433 · Source PDF 184
- उठि चलि कंठ लगायो पिय श्यामा।Source no. 434 · Source PDF 184–185
- श्यामा को खवायो बीरी पान एक बामा।Source no. 435 · Source PDF 185
- श्याम डारें निज कर पान मुख श्यामा।Source no. 436 · Source PDF 185
- जहाँ जहाँ चरण कमल परें श्यामा।Source no. 437 · Source PDF 185–186
- श्यामा बैठीं सिंहासन वृन्दावन धामा।Source no. 438 · Source PDF 186
- रास रस चहें जब श्याम संग बामा।Source no. 439 · Source PDF 186
- सिंहासन बैठीं श्यामा बरसानो धामा।Source no. 440 · Source PDF 187
- गहवर वन जायें श्याम सुखधामा।Source no. 441 · Source PDF 187
- श्यामा जू को सुख देयँ श्याम बनि श्यामा।Source no. 442 · Source PDF 187–188
- श्यामा नाम महिमा जानें ब्रज बामा।Source no. 443 · Source PDF 188
- ज्ञानी ढूँढ़े ऋचा ऋचा, ब्रह्म सुखधामा।Source no. 444 · Source PDF 188
- ज्ञानी कहे ब्रह्म बड़ो सोइ सुखधामा।Source no. 445 · Source PDF 189
- महाभाव प्रेम पावें श्याम ब्रज बामा।Source no. 446 · Source PDF 189
- ब्रह्म श्याम देह सम आत्मा हैं श्यामा।Source no. 447 · Source PDF 189–190
- श्यामा पौढ़ीं सेज पै कुञ्ज ब्रज धामा।Source no. 448 · Source PDF 190
- श्यामा जब जायें सेवाकुंज संग बामा।Source no. 449 · Source PDF 190
- सेवा कुंज बिच बैठीं बामा संग श्यामा।Source no. 450 · Source PDF 191
- सदघन चिदघन आनंदधामा।Source no. 451 · Source PDF 191
- श्यामा तन में ऐसा चुम्बक बामा।Source no. 452 · Source PDF 191–192
- निकले सुगन्ध तनु रोम रोम श्यामा।Source no. 453 · Source PDF 192
- मधुर सुरन जब गावें गीत श्यामा।Source no. 454 · Source PDF 192
- जानें कला चौंसठ भानुलली धामा।Source no. 455 · Source PDF 193
- गौरी सों सहस्र गुना गोरी मम श्यामा।Source no. 456 · Source PDF 193
- रूप भी लजावे जासों ऐसी मेरी श्यामा।Source no. 457 · Source PDF 193–194
- विधि हरि हर मोहे उमा रमा बामा।Source no. 458 · Source PDF 194
- निज प्रतिबिम्ब लखि मोहें छविधामा।Source no. 459 · Source PDF 194–195
- मदनहुँ मोहे श्याम सोउ मोहें श्यामा।Source no. 460 · Source PDF 195
- यूँ तो रोम रोम टपके रस श्यामा।Source no. 461 · Source PDF 195
- प्रेम रसवारी, मतवारी आँखें श्यामा।Source no. 462 · Source PDF 196
- आँखों में जाने कौन घुला रस बामा।Source no. 463 · Source PDF 196
- सुधा भी है हलाहल भी है लखु बामा।Source no. 464 · Source PDF 196–197
- प्रेम रूप रस तीनों मिलि एक ठामा।Source no. 465 · Source PDF 197
- ऐसी रसवारी मतवारी आँखें श्यामा।Source no. 466 · Source PDF 197–198
- श्याम कहें नैन तेरे सुख दैन श्यामा।Source no. 467 · Source PDF 198
- श्याम कहें सैन जनि मारा करो श्यामा।Source no. 468 · Source PDF 198–199
- जब कभु श्याम एकटक लखें श्यामा।Source no. 469 · Source PDF 199
- जब कभु श्याम करें आलिंगन श्यामा।Source no. 470 · Source PDF 199–200
- श्यामा कह छुओ जनि श्याम सुखधामा।Source no. 471 · Source PDF 200
- श्याम हैं कसौटी सम स्वर्ण सम श्यामा।Source no. 472 · Source PDF 200–201
- चरण कमल अति कोमल श्यामा।Source no. 473 · Source PDF 201
- श्याम को छकाना चाहो जाइ कहो श्यामा।Source no. 474 · Source PDF 201
- श्याम को रुलाना चाहो सखी बनो बामा।Source no. 475 · Source PDF 202
- श्यामा में हैं श्याम श्याम में हैं तीन धामा।Source no. 476 · Source PDF 202
- तू तो है अनन्त अनन्त तव नामा।Source no. 477 · Source PDF 202–203
- तेरा नाम रूप गुण लीला जन धामा।Source no. 478 · Source PDF 203
- विधि हरि हर पूज्य महाविष्णु नामा।Source no. 479 · Source PDF 203
- माना सर्व पूज्य श्याम उनते पूज्य श्यामा।Source no. 480 · Source PDF 204
- दासी नहिं बामा सम त्रिभुवन धामा।Source no. 481 · Source PDF 204
- श्यामा जू के पदचिह्न देखि ब्रज धामा।Source no. 482 · Source PDF 204–205
- दासी ते न चाहे कछु स्वामिनि श्यामा।Source no. 483 · Source PDF 205
- श्यामा आईं संग लाईं निज ब्रज बामा।Source no. 484 · Source PDF 205–206
- श्यामा सी कृपालु नाहिं त्रिभुवन धामा।Source no. 485 · Source PDF 206
- श्यामा जू की कृपा का स्वभाव कह बामा।Source no. 486 · Source PDF 206
- ब्रज तजि श्याम गये द्वारवती धामा।Source no. 487 · Source PDF 206–207
- श्याम मारि असुरन देवें निज धामा।Source no. 488 · Source PDF 207
- श्याम ने किया था सदा दैत्यनाश कामा।Source no. 489 · Source PDF 207–208
- ब्रह्म तो था सूखा सूखा जब आईं श्यामा।Source no. 490 · Source PDF 208
- श्यामा जू को दूजो रूप श्याम सुखधामा।Source no. 491 · Source PDF 208
- तू मेरा मैं तेरी कहो जनि श्यामा।Source no. 492 · Source PDF 208–209
- श्याम हैं कपूर सम गंध सम श्यामा।Source no. 493 · Source PDF 209
- दुग्ध में सफेदी जैसे वैसे श्याम श्यामा।Source no. 494 · Source PDF 209
- निकले अनन्त ते अनन्त आठु यामा।Source no. 495 · Source PDF 210
- श्यामा बसें बरसानो श्याम नन्दगामा।Source no. 496 · Source PDF 210
- श्याम ब्रज ठाकुर ठकुरानी श्यामा।Source no. 497 · Source PDF 210–211
- तेरा सुख चाहूँ श्यामा कहें सुखधामा।Source no. 498 · Source PDF 211
- दोउ चहें दोउ सेवा श्याम अरु श्यामा।Source no. 499 · Source PDF 211
- श्यामा जू के रोम रोम कहें श्याम नामा।Source no. 500 · Source PDF 212
- श्याम आ को श्यामा कहें पुनि पुनि श्यामा।Source no. 501 · Source PDF 212
- श्यामा भूलीं देह सुधि रटें श्यामा श्यामा।Source no. 502 · Source PDF 213
- प्रेम की समाधि देखो कैसी गति बामा।Source no. 503 · Source PDF 213
- श्याम लखि श्यामा प्यास बढ़े आठु यामा।Source no. 504 · Source PDF 214
- श्याम तनु कारो भाये श्यामा कह बामा।Source no. 505 · Source PDF 214
- कारा रंग नाहीं भाये कह सुखधामा।Source no. 506 · Source PDF 214–215
- श्याम धारैं पीताम्बर देखि रंग श्यामा।Source no. 507 · Source PDF 215
- तन गौर मन श्याम ऐसी मेरी श्यामा।Source no. 508 · Source PDF 215–216
- लोग कहें श्याम कारो गोरो रंग श्यामा।Source no. 509 · Source PDF 216
- जेती बार देखो इन छवि श्याम श्यामा।Source no. 510 · Source PDF 216
- नित नव माधुर्य तनु श्याम श्यामा।Source no. 511 · Source PDF 217
- श्याम तन मन कारो प्यारो लगे बामा।Source no. 512 · Source PDF 217
- श्याम लँगराई करें घर घर बामा।Source no. 513 · Source PDF 217–218
- तुम मेरी जीवन हो श्याम कह श्यामा।Source no. 514 · Source PDF 218
- श्याम कहें मेरी तो तुम प्राण प्यारी श्यामा।Source no. 515 · Source PDF 218–219
- सब ते कहत तुम प्राण प्यारी बामा।Source no. 516 · Source PDF 219
- तुम ते है मेरा अनन्य प्रेम श्यामा।Source no. 517 · Source PDF 219
- श्यामा कहें लँगरई छोड़ो सुख धामा।Source no. 518 · Source PDF 220
- श्याम अवगुन खान जानें भल श्यामा।Source no. 519 · Source PDF 220
- सजि धजि सेवा कुंज चले श्याम श्यामा।Source no. 520 · Source PDF 220–221
- गरबाहीं दै के आवें कुंज श्याम श्यामा।Source no. 521 · Source PDF 221
- दक्षिण में राजें श्याम बाम राजें श्यामा।Source no. 522 · Source PDF 221
- उरझे युगल तनु श्याम अरु श्यामा।Source no. 523 · Source PDF 222
- गरबाहीं दीने श्याम झुकी ग्रीव बामा।Source no. 524 · Source PDF 222
- इकटक देखें दोउ श्याम अरु श्यामा।Source no. 525 · Source PDF 222–223
- श्यामा श्याम बैठे इकटक देखें बामा।Source no. 526 · Source PDF 223
- श्यामा बनीं श्याम अरु श्याम बने श्यामा।Source no. 527 · Source PDF 223–224
- निकले सवारी जब संग श्याम श्यामा।Source no. 528 · Source PDF 224
- गलबाहीं दै के जब चलें श्याम श्यामा।Source no. 529 · Source PDF 224
- गरबाहीं दै के जब बैठें श्याम श्यामा।Source no. 530 · Source PDF 225
- घनश्याम तुम घन श्याम कह श्यामा।Source no. 531 · Source PDF 225
- गहवर वन कुंज मिले श्याम श्यामा।Source no. 532 · Source PDF 225–226
- इकटक देखें दोउ दोउ श्याम श्यामा।Source no. 533 · Source PDF 226
- श्यामा रूप प्यासे श्याम श्याम रूप श्यामा।Source no. 534 · Source PDF 226–227
- दोउ हैं चकोर दोउ चन्द्र श्याम श्यामा।Source no. 535 · Source PDF 227
- श्यामा मुख देखें श्याम श्याम मुख श्यामा।Source no. 536 · Source PDF 227
- श्याम लगें प्यारे जब लखें श्याम बामा।Source no. 537 · Source PDF 228
- दिव्य ब्रज गोपीजन दिव्य ब्रज धामा।Source no. 538 · Source PDF 228
- वृन्दावन आईं श्यामा संग ब्रज बामा।Source no. 539 · Source PDF 228–229
- श्याम कहँ पलक कलप बिनु श्यामा।Source no. 540 · Source PDF 229
- श्याम रूप रस पियें पूरा पूरा श्यामा।Source no. 541 · Source PDF 229
- श्यामा तुम निष्ठुर कह सुखधामा।Source no. 542 · Source PDF 230
- दोनों कहें दोनों को निठुर श्याम श्यामा।Source no. 543 · Source PDF 230
- दोउ दया की सीमा हैं श्याम श्यामा।Source no. 544 · Source PDF 231
- आठों याम नाम जपो श्याम अरु श्यामा।Source no. 545 · Source PDF 231
- श्याम नाम आगे लूँ या आगे नाम श्यामा।Source no. 546 · Source PDF 231–232
- श्यामा कहें श्याम प्राण श्याम कहें श्यामा।Source no. 547 · Source PDF 232
- श्यामा कहें श्याम बड़ो श्याम कहें श्यामा।Source no. 548 · Source PDF 232
- दोनों मेरे नैन दोनों श्याम अरु श्यामा।Source no. 549 · Source PDF 233
- श्यामा चित चोरा श्याम श्याम चित श्यामा।Source no. 550 · Source PDF 233
- श्यामा श्याम मन प्राण एक जब बामा।Source no. 551 · Source PDF 234
- यद्यपि मन प्राण एक श्याम अरु श्यामा।Source no. 552 · Source PDF 234
- तन दो हैं मन एक कह ब्रज बामा।Source no. 553 · Source PDF 234–235
- दो विरोधी शक्तियों के स्वामी सुखधामा।Source no. 554 · Source PDF 235
- जन्म दिव्य कर्म दिव्य श्याम अरु श्यामा।Source no. 555 · Source PDF 235
- श्यामा मन भाये नटखट सुखधामा।Source no. 556 · Source PDF 236
- श्याम का मिलन चाहो रटो श्यामा श्यामा।Source no. 557 · Source PDF 236
- श्यामा भजे सुख पावें श्याम सुखधामा।Source no. 558 · Source PDF 236–237
- श्याम आपु आवें बुलाओ तुम श्यामा।Source no. 559 · Source PDF 237
- श्यामा तजि श्याम भजे श्याम तजि श्यामा।Source no. 560 · Source PDF 237
- श्यामामय श्याम हों या श्याममयी श्यामा।Source no. 561 · Source PDF 238
- वेद कहें दोऊ एक श्याम अरु श्यामा।Source no. 562 · Source PDF 238
- वेद कहें ब्रह्म श्याम आनंद धामा।Source no. 563 · Source PDF 239
- अबकी तुम श्याम बनो मैं भी बनुँ श्यामा।Source no. 564 · Source PDF 239
- रूठने की बात सुनि बोली ब्रज बामा।Source no. 565 · Source PDF 239–240
- इक दिन मान कियो श्याम कह बामा।Source no. 566 · Source PDF 240
- श्यामा श्याम लीला मर्म जानें श्याम श्यामा।Source no. 567 · Source PDF 240–241
- देखें श्याम वक्ष पै प्रतिबिम्ब श्यामा।Source no. 568 · Source PDF 241
- श्यामा भौं टेढ़ी लखि श्याम सुखधामा।Source no. 569 · Source PDF 241
- जाके डर डरे डर सोउ ब्रज धामा।Source no. 570 · Source PDF 242
- श्यामा जब मान करें श्याम कहें बामा।Source no. 571 · Source PDF 242
- मान बानि अच्छी नहिं कह ब्रज बामा।Source no. 572 · Source PDF 242–243
- बार बार मान करि दुःख पावो श्यामा।Source no. 573 · Source PDF 243
- प्रेम नेम जाने नहिं श्याम छलधामा।Source no. 574 · Source PDF 243–244
- संत कहे प्रेम अवतार श्याम नामा।Source no. 575 · Source PDF 244
- श्याम न आने पायें सुनो सब बामा।Source no. 576 · Source PDF 244
- मेरा हित चाहे यदि श्यामा कहें बामा।Source no. 577 · Source PDF 245
- मान पर्वत पै मान किए श्यामा।Source no. 578 · Source PDF 245
- श्यामा जू को मान लखि श्याम सुखधामा।Source no. 579 · Source PDF 245–246
- मान जनि किया करो मेरी प्यारी श्यामा।Source no. 580 · Source PDF 246
- मान करो किन्तु बेगि मान जाओ श्यामा।Source no. 581 · Source PDF 246
- साँकरी गली में मिली चन्द्रावली बामा।Source no. 582 · Source PDF 247
- पीताम्बर भूले घर चन्द्रावली बामा।Source no. 583 · Source PDF 247
- पीताम्बर लै गयो बानर धामा।Source no. 584 · Source PDF 247–248
- बात तो बनाई बनी नाहिं कह श्यामा।Source no. 585 · Source PDF 248
- भोर भई तब आये श्याम ढिग श्यामा।Source no. 586 · Source PDF 248–249
- कहीं नाहिं गये रैन रहे निज धामा।Source no. 587 · Source PDF 249
- मो पै न किया करो संशय श्यामा।Source no. 588 · Source PDF 249
- रात भर जागे ढिग चन्द्रावली बामा।Source no. 589 · Source PDF 249–250
- आँख में परि गइ किरकिरि धामा।Source no. 590 · Source PDF 250
- भाल में मिहावर लगी लखि श्यामा।Source no. 591 · Source PDF 250
- हा हा खाऊँ पैयाँ परूँ तेरे ब्रज बामा।Source no. 592 · Source PDF 251
- बार-बार करो तुम ऐसा वैसा कामा।Source no. 593 · Source PDF 251
- अबकी क्षमा करवा दे ब्रज बामा।Source no. 594 · Source PDF 251–252
- श्यामा को मनाने का उपाय कहे बामा।Source no. 595 · Source PDF 252
- तुम भी चलो मेरे साथ श्याम कह बामा।Source no. 596 · Source PDF 252
- अच्छा चलो चलते हैं श्याम ढिग श्यामा।Source no. 597 · Source PDF 253
- तुम आगे, तुम आगे कहें श्याम बामा।Source no. 598 · Source PDF 253
- साहस करि श्याम गये पाछे श्यामा।Source no. 599 · Source PDF 253–254
- श्याम दशा देखि दया आई मन बामा।Source no. 600 · Source PDF 254
- बामा लखि आगे बोलीं वक्र दृष्टि श्यामा।Source no. 601 · Source PDF 254
- दूती ऊती काऊ की न बनि आई श्यामा।Source no. 602 · Source PDF 255
- जाकी मोहिं दूती कहे स्वामिनि श्यामा।Source no. 603 · Source PDF 255
- यह सुनि द्रवीभूत हो गईं श्यामा।Source no. 604 · Source PDF 255–256
- ब्रज बामा बोली टुक पाछे लखु श्यामा।Source no. 605 · Source PDF 256
- गले मिले दोउ प्रेमसिन्धु श्याम श्यामा।Source no. 606 · Source PDF 256
- शयन की बेला सोने चलो श्याम श्यामा।Source no. 607 · Source PDF 257
- श्यामा श्याम सोय गए सोय गईं बामा।Source no. 608 · Source PDF 257
- भोर भई दोउ जागो उठो श्याम श्यामा।Source no. 609 · Source PDF 257–258
- जागे नाहिं श्याम भोर जाग गइँ बामा।Source no. 610 · Source PDF 258
- देर रात सोये दोनों श्याम अरु श्यामा।Source no. 611 · Source PDF 258
- भोर भये बेर भई उठो श्याम श्यामा।Source no. 612 · Source PDF 259
- श्यामा कान श्याम कहो श्याम कान श्यामा।Source no. 613 · Source PDF 259
- कान में जो नाम लो तो चौंकें श्याम श्यामा।Source no. 614 · Source PDF 259–260
- उठि बैठे कीर्तन सुनि ब्रजबामा।Source no. 615 · Source PDF 260
- नैन रतनारे मतवारे लखें बामा।Source no. 616 · Source PDF 260–261
- उठो चलो हाथ मुँह धोवो श्याम श्यामा।Source no. 617 · Source PDF 261
- श्याम कहें पूर्व तुम आरोगो श्यामा।Source no. 618 · Source PDF 261
- श्याम डारें निज कर ग्रास मुख श्यामा।Source no. 619 · Source PDF 261–262
- श्यामा श्याम कुंज बैठे संग न थी बामा।Source no. 620 · Source PDF 262
- भीजैं दोउ कुंज महँ वृन्दावन धामा।Source no. 621 · Source PDF 262
- श्याम करें ओट पीतपट सिर श्यामा।Source no. 622 · Source PDF 263
- उमड़ि घुमड़ि घन घिरि आये श्यामा।Source no. 623 · Source PDF 263
- झूलन पधारो श्याम विनती है श्यामा।Source no. 624 · Source PDF 263–264
- विनती न कहो श्याम कहो अस कामा।Source no. 625 · Source PDF 264
- श्यामा कहें श्याम झूलें श्याम कहें श्यामा।Source no. 626 · Source PDF 264–265
- हौं ही झुलावूँ कह दोउ श्याम श्यामा।Source no. 627 · Source PDF 265
- यमुना के तट झूला झूलें श्याम श्यामा।Source no. 628 · Source PDF 265
- झूला झूलें श्यामा श्याम गावें ब्रज बामा।Source no. 629 · Source PDF 266
- सावन का महीना झूला झूलें श्याम श्यामा।Source no. 630 · Source PDF 266
- रिमझिम बरसत झूलें श्याम श्यामा।Source no. 631 · Source PDF 266–267
- श्याम रहे झूलत झुलवति बामा।Source no. 632 · Source PDF 267
- श्याम झुलावें जब झूला झूलें श्यामा।Source no. 633 · Source PDF 267
- श्यामा बनीं श्याम अरु श्याम बने श्यामा।Source no. 634 · Source PDF 268
- सावन में चहुँ दिशि हरियाली श्यामा।Source no. 635 · Source PDF 268
- तुम ही झुलावो कह दोउ श्याम श्यामा।Source no. 636 · Source PDF 268–269
- श्याम झुलावें झूला झूला झूलें श्यामा।Source no. 637 · Source PDF 269
- तुम ना झुलावो श्याम झूला कह श्यामा।Source no. 638 · Source PDF 269–270
- तुमसे न झूलूँ अब भर पाइ श्यामा।Source no. 639 · Source PDF 270
- सेवा न छीनो मेरी क्षमा करो श्यामा।Source no. 640 · Source PDF 270
- तुमसे न झूलें झूला श्याम कभु श्यामा।Source no. 641 · Source PDF 271
- पहले झुलावो काऊ पहलवान बामा।Source no. 642 · Source PDF 271
- तुम जाओ ग्वाल संग झूलो कह बामा।Source no. 643 · Source PDF 271–272
- ललिता झुलावें झूला झूला झूलें श्यामा।Source no. 644 · Source PDF 272
- झूला झुलाना भी है कला कह श्यामा।Source no. 645 · Source PDF 272
- मुँह लटकाये श्याम लखि कह बामा।Source no. 646 · Source PDF 273
- गुरु बिनु ज्ञान नहिं होवे कहें श्यामा।Source no. 647 · Source PDF 273
- आज ही ते सीखूँगा मैं गुरु करि बामा।Source no. 648 · Source PDF 273–274
- झोंटा दियो जोर ते जब सुखधामा।Source no. 649 · Source PDF 274
- तोसों नाहिं झूलेंगी श्यामा कह बामा।Source no. 650 · Source PDF 274
- घन गरजत सुनु श्याम सुखधामा।Source no. 651 · Source PDF 275
- कदम की डार झूला झूलें श्याम श्यामा।Source no. 652 · Source PDF 275
- शुक को पढ़ावें दोनों होड़ करि धामा।Source no. 653 · Source PDF 275–276
- धारा धारा पढ़ो शुक कहें सुखधामा।Source no. 654 · Source PDF 276
- रास में मयूर नृत्य करें श्याम श्यामा।Source no. 655 · Source PDF 276–277
- होड़ करि नृत्य मोर करें श्याम श्यामा।Source no. 656 · Source PDF 277
- दोउ कहें दोउ मेरे थके नाहिं पामा।Source no. 657 · Source PDF 277
- यमुना विहार करें सखि संग श्यामा।Source no. 658 · Source PDF 278
- यमुना बिहार करें श्याम अरु श्यामा।Source no. 659 · Source PDF 278
- जल की फुहार डार बामा श्याम श्यामा।Source no. 660 · Source PDF 278–279
- नौका में बैठीं बामा नाहिं श्याम श्यामा।Source no. 661 · Source PDF 279
- नाव में बैठे नाहिं दोउ श्याम श्यामा।Source no. 662 · Source PDF 279
- नौका में बैठे सब बामा श्याम श्यामा।Source no. 663 · Source PDF 280
- नौका विहार करें श्याम अरु श्यामा।Source no. 664 · Source PDF 280
- नाव में उछलकूद करें सुखधामा।Source no. 665 · Source PDF 280–281
- बीच धार छोड़ दई नाव सुखधामा।Source no. 666 · Source PDF 281
- नाव पै बैठे सब गीत गावें बामा।Source no. 667 · Source PDF 281
- श्याम कहें आओ बैठो नाव पै बामा।Source no. 668 · Source PDF 282
- श्यामा मोरी स्वामिनि सुनहु सुखधामा।Source no. 669 · Source PDF 282
- श्याम मेरे प्राण सम कहें ब्रज बामा।Source no. 670 · Source PDF 282–283
- श्यामा जू को पक्ष लेऊँ सदा आठु यामा।Source no. 671 · Source PDF 283
- चोरी चोरी प्यार करें श्याम संग बामा।Source no. 672 · Source PDF 283
- बैठे नाव पै श्याम बामा संग श्यामा।Source no. 673 · Source PDF 284
- नाव पै बैठे भीजें श्याम अरु श्यामा।Source no. 674 · Source PDF 284
- बनि मनिहारी गये श्याम श्री धामा।Source no. 675 · Source PDF 284–285
- मनिहारी लै गई संग ब्रज बामा।Source no. 676 · Source PDF 285
- वैद्य बनि गये श्याम बरसानो धामा।Source no. 677 · Source PDF 285–286
- श्यामा सखि बनि श्याम गये ढिग श्यामा।Source no. 678 · Source PDF 286
- श्यामा सखि बनि गये श्याम ढिग श्यामा।Source no. 679 · Source PDF 286–287
- श्याम कह तुम हम हम तुम श्यामा।Source no. 680 · Source PDF 287
- श्यामा उर श्याम बसें श्याम उर श्यामा।Source no. 681 · Source PDF 287
- श्याम पियें गौर रस श्याम रस श्यामा।Source no. 682 · Source PDF 288
- तीनों हैं प्रेमधनी श्यामा श्याम बामा।Source no. 683 · Source PDF 288
- ब्रह्म श्याम को करें प्रेमदान श्यामा।Source no. 684 · Source PDF 288–289
- भुक्ति मुक्ति ते हो यदि हाथ धोना बामा।Source no. 685 · Source PDF 289
- श्याम की चितवनि मुसकनि बामा।Source no. 686 · Source PDF 289
- मुरली की तान जनि सुनो कोउ धामा।Source no. 687 · Source PDF 290
- आँखि जनि देखो कोउ श्याम सुखधामा।Source no. 688 · Source PDF 290
- मुख भी जो देखो देखो देखो आठु यामा।Source no. 689 · Source PDF 290–291
- वक्षःस्थल को भी देखो जनि बामा।Source no. 690 · Source PDF 291
- चरण कमल भल देखो सुखधामा।Source no. 691 · Source PDF 291
- अंग अंग देखो बलि जाओ आठु यामा।Source no. 692 · Source PDF 291–292
- अपनी सुनाओ दिन रात आठु यामा।Source no. 693 · Source PDF 292
- इकली न जाओ कभु भूलि नंदगामा।Source no. 694 · Source PDF 292–293
- मारग में आके जब छेड़े सुखधामा।Source no. 695 · Source PDF 293
- छेड़ने की यदि अति करे सुखधामा।Source no. 696 · Source PDF 293
- यदि बरबस मन मोहे सुखधामा।Source no. 697 · Source PDF 294
- यदि चाहो बचना ही वाते ब्रज बामा।Source no. 698 · Source PDF 294
- देवी देवता की मनौती करो बामा।Source no. 699 · Source PDF 294–295
- उससे न बची कोउ उमा रमा बामा।Source no. 700 · Source PDF 295
- फिर भी जो बन जाओ उनकी ही बामा।Source no. 701 · Source PDF 295–296
- अपना बनावे न बनावे सुखधामा।Source no. 702 · Source PDF 296
- कारे के पाछे काहे परी गोरी बामा।Source no. 703 · Source PDF 296–297
- कारे ते प्यार काहे करे ब्रजबामा।Source no. 704 · Source PDF 297
- कामरी वारे पै का मरी जात बामा।Source no. 705 · Source PDF 297
- कारे ते काहे जोरा नात ब्रज बामा।Source no. 706 · Source PDF 298
- कान्हा को पिया माना सुना नाहिं बामा।Source no. 707 · Source PDF 298
- लठधारी पै हो वारी काहे ब्रज बामा।Source no. 708 · Source PDF 298–299
- तेरे तो पति हैं तू थी पतिव्रता बामा।Source no. 709 · Source PDF 299
- तू तो थी चतुर क्यों ठगाई गइ बामा।Source no. 710 · Source PDF 299
- तूने चुना पिया जैसा सालिगरामा।Source no. 711 · Source PDF 300
- कारा गोरा अच्छा बुरा जो हो सुखधामा।Source no. 712 · Source PDF 300
- जिसने भी देखा श्याम बिकी बिनु दामा।Source no. 713 · Source PDF 300–301
- मैं तो नाहिं बिकी देखा श्याम नन्दगामा।Source no. 714 · Source PDF 301
- मेरा काम रोकने का था रोका बामा।Source no. 715 · Source PDF 302
- तेरे रोकने ते नहिं मानूँ कह बामा।Source no. 716 · Source PDF 302
- लोक वेद कुल कानि तजि अब बामा।Source no. 717 · Source PDF 302–303
- मन ते बनाया पिया श्याम सुखधामा।Source no. 718 · Source PDF 303
- परम पति ते प्यार करो आठु यामा।Source no. 719 · Source PDF 303–304
- पतिव्रत धर्म आदि त्यागो ब्रजबामा।Source no. 720 · Source PDF 304
- तू तो लोक वेद ते परे है सुखधामा।Source no. 721 · Source PDF 304
- तो को पाप पुण्य नाहिं व्यापे सुखधामा।Source no. 722 · Source PDF 305
- गँवार ग्वार संग किया आठु यामा।Source no. 723 · Source PDF 305
- ढोर चराना जाने बस सुखधामा।Source no. 724 · Source PDF 305–306
- कालि ही आई ससुराल नन्दगामा।Source no. 725 · Source PDF 306
- बार बार कहे मोहिं “प्यारी” सुखधामा।Source no. 726 · Source PDF 306–307
- ब्याही ते न कहा करो “प्यारी” सुखधामा।Source no. 727 · Source PDF 307
- ब्याही ते प्यार क्यों न करूँ ब्रज धामा।Source no. 728 · Source PDF 307
- तू मोहिं “प्यारी” क्यों कहे कह बामा।Source no. 729 · Source PDF 308
- तोको मैं पति कैसे मानूँ सुखधामा।Source no. 730 · Source PDF 308
- निलज कहे मैं हूँ तेरा परम पति बामा।Source no. 731 · Source PDF 308–309
- लोक लाज छोड़ मेरी बन जा ब्रज बामा।Source no. 732 · Source PDF 309
- सब सों कहत फिरे मेरी प्यारी बामा।Source no. 733 · Source PDF 309
- सबते ही प्यार करे कैसे सुखधामा।Source no. 734 · Source PDF 310
- चलो सखि दधि बेचें सब नन्दगामा।Source no. 735 · Source PDF 310
- दही बेचने को जाएँ सखी नन्द गामा।Source no. 736 · Source PDF 310–311
- दधि दान काहे माँगो श्याम ब्रज बामा।Source no. 737 · Source PDF 311
- दधि बेचन को गई थी नन्दगामा।Source no. 738 · Source PDF 311–312
- ऐसी आँख मारे श्याम जादूगर बामा।Source no. 739 · Source PDF 312
- जाकी आँखि लगी नाहिं आँखि लगी बामा।Source no. 740 · Source PDF 312
- नैन-नैन लड़े दोउ श्याम अरु बामा।Source no. 741 · Source PDF 313
- आँख लड़ाने का है शौक उसे बामा।Source no. 742 · Source PDF 313
- आँख ना मिलाना कोऊ वाते ब्रजधामा।Source no. 743 · Source PDF 313–314
- जिसने भी आँख लड़ाई ब्रजधामा।Source no. 744 · Source PDF 314
- देखूँगी हजार बार श्याम सुखधामा।Source no. 745 · Source PDF 314–315
- नैनों ते श्याम नैन देखो जनि बामा।Source no. 746 · Source PDF 315
- देखें तो वो सैन चलावें छलधामा।Source no. 747 · Source PDF 315
- देखने ते मन को चुरावें सुखधामा।Source no. 748 · Source PDF 316
- श्याम के नैन ते लड़ावो नैन बामा।Source no. 749 · Source PDF 316
- आँख लड़ावो वाते डरो जनि बामा।Source no. 750 · Source PDF 316–317
- नैन ते नैन मिले चैन मिले बामा।Source no. 751 · Source PDF 317
- मिले नैन नैन मिले चैन ब्रज बामा।Source no. 752 · Source PDF 317
- नंदछोरा मैंने चोरा तोरा कहा गामा।Source no. 753 · Source PDF 318
- चोरी चोरी चित चोरा जोरा नात बामा।Source no. 754 · Source PDF 318
- वज्र ते कठोर है शरीर मेरा बामा।Source no. 755 · Source PDF 318–319
- लठ का न डर डर अपयश धामा।Source no. 756 · Source PDF 319
- मोरा चित चोरा नंदछोरा नंदगामा।Source no. 757 · Source PDF 319
- चोरी करत फिरे नित ब्रज धामा।Source no. 758 · Source PDF 320
- नंद यशोदा साहूकार ब्रज धामा।Source no. 759 · Source PDF 320
- मोते कह चोरी चोरी प्यार करु बामा।Source no. 760 · Source PDF 320–321
- दूध दही माखन चुराओ ब्रज धामा।Source no. 761 · Source PDF 321
- परमहंस चितचोर है तव नामा।Source no. 762 · Source PDF 321
- मोरा चित चोरा बरबस छल धामा।Source no. 763 · Source PDF 322
- चितचोरा अच्छा किया चौर सरनामा।Source no. 764 · Source PDF 322
- भोरे भोरे कोरे कोरे चित चोरे गामा।Source no. 765 · Source PDF 322–323
- छोरी छोरा चित चोरा तोरा यही कामा।Source no. 766 · Source PDF 323
- अबला का चित चोरा कौन बड़ा कामा।Source no. 767 · Source PDF 323–324
- तोरा चित चोरा बरसाने वारी श्यामा।Source no. 768 · Source PDF 324
- चोर साकार निराकार चित बामा।Source no. 769 · Source PDF 324
- अगनित चित चोरा छोरा ब्रज धामा।Source no. 770 · Source PDF 325
- चित को चुराया काहे चितचोर नामा।Source no. 771 · Source PDF 325
- चित था अनादि एक साथी सुखधामा।Source no. 772 · Source PDF 325–326
- मेरा अशुद्ध चित चोरा सुखधामा।Source no. 773 · Source PDF 326
- चित ने घुमाया लख चौरासी बामा।Source no. 774 · Source PDF 326
- ओझा को बुलाओ कोउ भूत लग्यो बामा।Source no. 775 · Source PDF 327
- जित देखुँ तित दीखे श्याम आठु यामा।Source no. 776 · Source PDF 327
- नन्दलाल देखा नहीं बीते चार यामा।Source no. 777 · Source PDF 327–328
- बामा कहे नाम ना लो श्याम छलधामा।Source no. 778 · Source PDF 328
- श्याम को अकेली मिली कुंजगली बामा।Source no. 779 · Source PDF 328
- कालि तूने चुनरी छीनी निज गामा।Source no. 780 · Source PDF 329
- पीत पट जनि देहु राखो निज धामाSource no. 781 · Source PDF 329
- चुनरी प्रथम लावो जावो निज गामा।Source no. 782 · Source PDF 329–330
- रोज रोज छेड़ें श्याम एक एक बामा।Source no. 783 · Source PDF 330
- छेड़ा छेड़ी छोड़ो श्याम कहलाया श्यामा।Source no. 784 · Source PDF 330–331
- अति अति बुरी कान्ह कह ब्रज बामा।Source no. 785 · Source PDF 331
- साँकरी गली में नित छेड़े ब्रज बामा।Source no. 786 · Source PDF 331
- सीधा किया एक भंगी कुबरिहिं बामा।Source no. 787 · Source PDF 331–332
- श्याम जू को टेढ़ा जनि मानो कोउ बामा।Source no. 788 · Source PDF 332
- मैं तो था सीधा सादा गोलोक धामा।Source no. 789 · Source PDF 332
- घूँघट में देखे कैसे श्याम सुखधामा।Source no. 790 · Source PDF 333
- किसी की सुना न करो सब ब्रज बामा।Source no. 791 · Source PDF 333
- लोक लाज भार डारो देखो सुखधामा।Source no. 792 · Source PDF 334
- मन भरि देखि ना पाये श्याम भामा।Source no. 793 · Source PDF 334
- कैसे देखें नयनाभिराम श्याम बामा।Source no. 794 · Source PDF 335
- घूँघट उठा के कैसे देखूँ छविधामा।Source no. 795 · Source PDF 335
- घूँघट उठा के देखा श्याम एक बामा।Source no. 796 · Source PDF 336
- मैं नाहिं बनुँ तोरी सुन सुखधामा।Source no. 797 · Source PDF 336
- पनघट पै घट फोरा मोरा सुखधामा।Source no. 798 · Source PDF 336–337
- प्यारी जनि कहा करो सुनें ब्रज बामा।Source no. 799 · Source PDF 337
- मन तो चुराया तूने श्याम सुखधामा।Source no. 800 · Source PDF 337
- एक हरि सौंदर्य लखि गिरे बामा।Source no. 801 · Source PDF 338
- यमुना पै खड़ी बामा आये सुखधामा।Source no. 802 · Source PDF 338
- मूर्छित बामा को उठाया सुखधामा।Source no. 803 · Source PDF 338–339
- यमुना नहाने गई वहाँ सुखधामा।Source no. 804 · Source PDF 339
- जमुना नहा के बैठीं ब्योरे बार बामा।Source no. 805 · Source PDF 339
- आनंदजल लखि श्याम सुखधामा।Source no. 806 · Source PDF 340
- यमुना तट परस चह बामा सुखधामा।Source no. 807 · Source PDF 340
- मैं गोरी तुम कारे देखें ब्रज बामा।Source no. 808 · Source PDF 340–341
- श्याम बोले कारे तो हैं सालिगरामा।Source no. 809 · Source PDF 341
- कारे ते बैर है तो जाओ काशी धामा।Source no. 810 · Source PDF 341–342
- बात ना बनाया करो श्याम सुखधामा।Source no. 811 · Source PDF 342
- झूठ नाहिं बोला करो श्याम सुखधामा।Source no. 812 · Source PDF 342
- चोरी जारी अवगुन छोड़ो सुखधामा।Source no. 813 · Source PDF 342–343
- आँखों ते जो बचि जावे कोऊ बामा।Source no. 814 · Source PDF 343
- मुरली बजाओ जनि श्याम सब ठामा।Source no. 815 · Source PDF 343
- वेद कहें सर्वविद श्याम सुखधामा।Source no. 816 · Source PDF 344
- मुरली चुराई मेरी कोउ ब्रज बामा।Source no. 817 · Source PDF 344
- मुरली की चोरी सुनि हुआ दुःख श्यामा।Source no. 818 · Source PDF 344–345
- मुरली चुराई नाहिं कहूँ कोउ बामा।Source no. 819 · Source PDF 345
- मुरली तो देखी मैंने कहीं कही बामा।Source no. 820 · Source PDF 345
- मुरली तो मुर ली है कही एक बामा।Source no. 821 · Source PDF 346
- वंशी गइ जाने भी दो श्याम सुखधामा।Source no. 822 · Source PDF 346
- मुरली चुराई अच्छा हुआ कह श्यामा।Source no. 823 · Source PDF 346–347
- इक तो चुराई मेरी वंशी ब्रज बामा।Source no. 824 · Source PDF 347
- शरद की चाँदनी है चलो कहें श्यामा।Source no. 825 · Source PDF 347
- रास में बुलाया बनचरि ब्रज बामा।Source no. 826 · Source PDF 348
- ब्रह्म था आत्माराम परिपूर्णकामा।Source no. 827 · Source PDF 348
- गोपी संग रास कियो वृन्दावन धामा।Source no. 828 · Source PDF 348–349
- रास में अनन्त रूप धरे सुखधामा।Source no. 829 · Source PDF 349
- योगमाया शक्ति ते ही श्याम श्यामा बामा।Source no. 830 · Source PDF 349–350
- रास बिच नृत्य करि थकि गइँ श्यामा।Source no. 831 · Source PDF 350
- रास ते अलक्षित हुए श्याम श्यामा।Source no. 832 · Source PDF 350
- गोपी गीत सुनि आये श्याम सुखधामा।Source no. 833 · Source PDF 351
- चारि भुजा धरि रास छलीं ब्रज बामा।Source no. 834 · Source PDF 351
- विरह न होवे कभु मिले श्याम श्यामा।Source no. 835 · Source PDF 351–352
- विरह में और बढ़े प्रेम ब्रज बामा।Source no. 836 · Source PDF 352
- मिलन में पाछे डोलें द्वारिका की बामा।Source no. 837 · Source PDF 352–353
- मिलन में विरह का डर उर बामा।Source no. 838 · Source PDF 353
- विरह में मिलन होत वसु यामा।Source no. 839 · Source PDF 353
- मिलन में एक दिशा दीखें श्याम श्यामा।Source no. 840 · Source PDF 354
- जग जाने श्याम गये मधुपुरि गामा।Source no. 841 · Source PDF 354
- आ क्रूर अक्रूर यम जनु धामा।Source no. 842 · Source PDF 354–355
- अक्रूर बड़ा क्रूर कहें ब्रज बामा।Source no. 843 · Source PDF 355
- परसों को कहि गये मधुपरि धामा।Source no. 844 · Source PDF 355–356
- राज सुख में ज्यों भूले सुग्रीव रामा।Source no. 845 · Source PDF 356
- कारे रंग वारे सब बुरे सखि धामा।Source no. 846 · Source PDF 356
- श्याम की बुराई जनि करो कोउ बामा।Source no. 847 · Source PDF 357
- नहीं आये काहे जाके मधुपुरि धामा।Source no. 848 · Source PDF 357
- कुबरी ने कौन तप किया पूछे बामा।Source no. 849 · Source PDF 357–358
- शुक को पढ़ाया “राधा कृष्ण” ब्रज बामा।Source no. 850 · Source PDF 358
- ब्रज गोपियों का तो था प्रेम निष्कामा।Source no. 851 · Source PDF 358
- मोहि नाहिं पाई जेहि कमला सी बामा।Source no. 852 · Source PDF 359
- कोटि कमला हूँ वारौं जा पै अस श्यामा।Source no. 853 · Source PDF 359
- माया बड़ी बलवती कह ब्रज बामा।Source no. 854 · Source PDF 359–360
- रास में हरायो काम श्याम पूर्णकामा।Source no. 855 · Source PDF 360
- कुबरी ते प्यार करें श्याम सुखधामा।Source no. 856 · Source PDF 360–361
- कुबरी की भक्ति करो सब ब्रजबामा।Source no. 857 · Source PDF 361
- कुबरी के पास मन्त्र वशीकार नामा।Source no. 858 · Source PDF 361
- कुबरी को जनि कोउ कोसो ब्रज बामा।Source no. 859 · Source PDF 362
- “कु” का अर्थ विश्व “बरी” अर्थ श्रेष्ठ बामा।Source no. 860 · Source PDF 362
- श्याम लखि मोहे सो तो मायामुक्त बामा।Source no. 861 · Source PDF 362–363
- प्रेम ही सों प्रेम करे श्याम सुखधामा।Source no. 862 · Source PDF 363
- प्रेम निष्काम हो या प्रेम सकामा।Source no. 863 · Source PDF 363–364
- कमला सी बामा अरु श्याम पूर्णकामा।Source no. 864 · Source PDF 364
- भक्तों की इच्छा पूर्ण करें सुखधामा।Source no. 865 · Source PDF 364
- वेद तो बतायें ब्रह्म श्याम पूर्णकामा।Source no. 866 · Source PDF 365
- आत्माराम पूर्णकाम श्याम सुखधामा।Source no. 867 · Source PDF 365
- कुबरी ते ईर्ष्या जनि करो ब्रज बामा।Source no. 868 · Source PDF 365–366
- साधारणि रति कुब्जा मधुपुरि धामा।Source no. 869 · Source PDF 366
- कुबरी का सकाम प्रेम निम्न ब्रज धामा।Source no. 870 · Source PDF 366
- जादू की है नगरी यह ब्रजधामा।Source no. 871 · Source PDF 367
- ऊधो ब्रह्मज्ञान देने गये ब्रज धामा।Source no. 872 · Source PDF 367
- अच्छा किया आये ऊधो येहि ब्रज धामा।Source no. 873 · Source PDF 367–368
- ऊधो हम जानें ब्रह्म श्याम पूर्णकामा।Source no. 874 · Source PDF 368
- उधो हम जानें माधो हैं पूर्णकामा।Source no. 875 · Source PDF 368–369
- श्याम को बुलाती नहिं ऊधो ब्रज बामा।Source no. 876 · Source PDF 369
- ऊधो तुम्हें छला भल श्याम छल धामा।Source no. 877 · Source PDF 369
- नित्यसिद्ध योगिनी हैं सब ब्रज बामा।Source no. 878 · Source PDF 370
- योग सिखाओ ऊधो मधुपुरि धामा।Source no. 879 · Source PDF 370
- योग सिद्धि नहिं चाहें ऊधो ब्रज बामा।Source no. 880 · Source PDF 370–371
- ज्ञान ते मिलेगी मुक्ति कैवल्य नामा।Source no. 881 · Source PDF 371
- ऊधो मुक्ति दासी स्वामी श्याम सुखधामा।Source no. 882 · Source PDF 371–372
- ज्ञानी चहे मुक्ति याते ज्ञानी है सकामा।Source no. 883 · Source PDF 372
- श्यामबस मुक्ति भक्तिवस सुखधामाSource no. 884 · Source PDF 372–373
- भक्तियुक्त ज्ञान ते ही मिले मुक्ति धामा।Source no. 885 · Source PDF 373
- जीवनमुक्त भी ऊधो बँधे कर्म कामा।Source no. 886 · Source PDF 373
- भक्ति ते ही कृपा करें ऊधो सुखधामा।Source no. 887 · Source PDF 374
- ब्रह्म तो अकर्ता ऊधो कहें ब्रज बामा।Source no. 888 · Source PDF 374
- ऊधो योगमाया शक्ति ते सुखधामा।Source no. 889 · Source PDF 374–375
- ऊधो तव ब्रह्म तो है आनन्द नामा।Source no. 890 · Source PDF 375
- ऊधो तोहिं ज्ञान महँ भान कस बामा।Source no. 891 · Source PDF 375
- ऊधो तुम्हें ज्ञान नहिं ज्ञान ब्रज बामा।Source no. 892 · Source PDF 376
- ऊधो ज्ञान ते जो मिले मुक्ति सुखधामा।Source no. 893 · Source PDF 376
- ज्ञान फल मुक्ति मुक्ति फल ब्रह्म नामा।Source no. 894 · Source PDF 376–377
- ऊधो दें बुहारी चारों वेद ब्रज धामा।Source no. 895 · Source PDF 377
- तव दादा गुरु लोग ऊधो ब्रज धामा।Source no. 896 · Source PDF 377–378
- संदेश लाये ऊधो धन्य भइँ बामा।Source no. 897 · Source PDF 378
- ऊधो कन-कन बसे श्याम ब्रज धामा।Source no. 898 · Source PDF 378–379
- ऊधो दुःख विरह को नहिं ब्रज बामा।Source no. 899 · Source PDF 379
- ऊधो ज्ञान देने भेजा श्याम छलधामा।Source no. 900 · Source PDF 379
- ज्ञान डारो यमुना में ऊधो कहें श्यामा।Source no. 901 · Source PDF 379–380
- ऊधो माधो यद्यपि हैं प्रेमधामा।Source no. 902 · Source PDF 380
- ऊधो पायो दिव्य प्रेम कृपा ब्रज बामा।Source no. 903 · Source PDF 380
- ऊधो गुरु बनि गये ढिग ब्रज बामा।Source no. 904 · Source PDF 381
- माधो हम धन्य भये जा के ब्रजधामा।Source no. 905 · Source PDF 381
- ज्ञान की पोथी मेरी छोरि ब्रजबामा।Source no. 906 · Source PDF 381–382
- माधो ज्ञान काँच देना चाहा ब्रजबामा।Source no. 907 · Source PDF 382
- श्याम तुम ही तो ब्रह्म आनन्दधामा।Source no. 908 · Source PDF 382
- कोटि ब्रह्म सुख वारौं प्रेम ब्रजबामा।Source no. 909 · Source PDF 383
- ऊधो लता तनु माँगे वृन्दावन धामा।Source no. 910 · Source PDF 383
- श्याम गये द्वारिका ना मानें ब्रज बामा।Source no. 911 · Source PDF 383–384
- बहुत नचाए नाच ब्रज ब्रजबामा।Source no. 912 · Source PDF 384
- छप्पन भोग खावें द्वारवती धामा।Source no. 913 · Source PDF 384
- रास में हुआ था मद मन ब्रजबामा।Source no. 914 · Source PDF 385
- पूतना को गति दीन्ही क्या दूँ ब्रजबामा।Source no. 915 · Source PDF 385
- रुक्मिणी की गोद लेटे श्याम पूर्णकामा।Source no. 916 · Source PDF 385–386
- द्वारिका की पटरानी रुक्मिणि बामा।Source no. 917 · Source PDF 386
- द्वारिका में निज सुख चहें सब बामा।Source no. 918 · Source PDF 386
- श्याम ही हैं मेरे यह भाव ब्रजबामा।Source no. 919 · Source PDF 387
- ब्रजबामा प्रेम सम प्रेम ब्रजबामा।Source no. 920 · Source PDF 387
- नयनाभिराम पूर्णकाम श्याम श्यामा।Source no. 921 · Source PDF 387–388
- श्यामा श्याम नयनाभिराम पूर्णकामा।Source no. 922 · Source PDF 388
- ब्रज रस पायो नहिं कमला सी बामा।Source no. 923 · Source PDF 388–389
- ब्रज बामा गुरु अरु इष्ट श्याम श्यामा।Source no. 924 · Source PDF 389
- जहाँ रहें ब्रजबामा वहाँ ब्रजधामा।Source no. 925 · Source PDF 389
- ब्रजधाम जब जब आवें ब्रजबामा।Source no. 926 · Source PDF 390
- जहाँ ब्रजबामा वहाँ रहें श्याम श्यामा।Source no. 927 · Source PDF 390
- जहाँ रहें श्यामा वहाँ श्याम सुखधामा।Source no. 928 · Source PDF 390–391
- श्यामा जहाँ जायें तहाँ जाय ब्रजधामा।Source no. 929 · Source PDF 391
- श्यामा श्याम ब्रजधाम अरु ब्रज बामा।Source no. 930 · Source PDF 391
- ब्रज धाम, ब्रज बामा श्याम अरु श्यामा।Source no. 931 · Source PDF 392
- ब्रजधाम, ब्रजबामा गोप श्याम श्यामा।Source no. 932 · Source PDF 392
- वृन्दावन चलो मन वहाँ श्याम श्यामा।Source no. 933 · Source PDF 392–393
- चलो मन वृन्दावन जहाँ श्याम श्यामा।Source no. 934 · Source PDF 393
- काहे मारे मारे फिरो देवी देव धामा।Source no. 935 · Source PDF 393
- इन्द्र की पूजा भई बन्द ब्रजधामा।Source no. 936 · Source PDF 394
- काशी गये, गया गये गये चारों धामा।Source no. 937 · Source PDF 394
- बार बार चारों धाम वारौं ब्रजधामा।Source no. 938 · Source PDF 394–395
- श्यामा श्याम बिनु नहिं चह ब्रजधामा।Source no. 939 · Source PDF 395
- चारों धाम कृपा करें देयँ मुक्ति धामा।Source no. 940 · Source PDF 395
- कोटि मुक्ति सुख वारौं वैकुण्ठ बामा।Source no. 941 · Source PDF 396
- मेरे तो ठाकुर हैं श्याम अरु श्यामा।Source no. 942 · Source PDF 396
- ब्रज रस ना मिले वैकुण्ठ धामा।Source no. 943 · Source PDF 396–397
- ब्रजरस महिमा जानें ब्रजबामा।Source no. 944 · Source PDF 397
- वृन्दावन महिमा जानें श्याम श्यामा।Source no. 945 · Source PDF 397
- बरसानो महिमा जानें एक श्यामा।Source no. 946 · Source PDF 398
- बरसाने में भी रस रस नंदगामा।Source no. 947 · Source PDF 398
- चिद्घनानंदघन वृन्दावन धामा।Source no. 948 · Source PDF 398–399
- सेवा कुंज रासस्थली वृन्दावन धामा।Source no. 949 · Source PDF 399
- वृन्दावन में है दिव्य वृन्दावन धामा।Source no. 950 · Source PDF 399
- चिदानन्दमय यह वृन्दावन धामा।Source no. 951 · Source PDF 400
- मेरे इष्ट वृन्दावनचन्द सुखधामा।Source no. 952 · Source PDF 400
- एक बार गोपी गईं मधुपुरी धामा।Source no. 953 · Source PDF 401
- द्वारिका में पूर्णब्रह्म रणछोर नामा।Source no. 954 · Source PDF 401
- मेरा तो प्राणप्रिय वृन्दावन बामा।Source no. 955 · Source PDF 402
- ब्रज रज महिमा जानें ब्रज बामा।Source no. 956 · Source PDF 402
- ब्रज रज महिमा जानें श्याम श्यामा।Source no. 957 · Source PDF 402–403
- चोरी चोरी माटी खाई गोकुल गामा।Source no. 958 · Source PDF 403
- नवनी न खाये कर यशुमति बामा।Source no. 959 · Source PDF 403
- इन्द्र भी आया ब्रज कह ब्रज बामा।Source no. 960 · Source PDF 404
- बड़े बड़े ज्ञानी आये येहि ब्रजधामा।Source no. 961 · Source PDF 404
- ऊधो भी आये ब्रज ढिग ब्रजबामा।Source no. 962 · Source PDF 405
- मुक्ति भी आई ब्रज तजि ब्रह्म धामा।Source no. 963 · Source PDF 405
- मुक्ति तो दासी है स्वामी श्याम श्यामा।Source no. 964 · Source PDF 405–406
- एकत्व मुक्ति में मिले ब्रह्म धामा।Source no. 965 · Source PDF 406
- भक्तों की चारों मुक्ति आईं ब्रजधामा।Source no. 966 · Source PDF 406–407
- ब्रह्मा भी आये ब्रज कह ब्रज बामा।Source no. 967 · Source PDF 407
- शंभु भी आये तजि कैलाश धामा।Source no. 968 · Source PDF 407
- कमला भी आईं ब्रज कह ब्रज बामा।Source no. 969 · Source PDF 408
- मायावती पूतना भी आई नंदगामा।Source no. 970 · Source PDF 408–409
- श्यामा श्याम में जो गुण सोइ ब्रजधामा।Source no. 971 · Source PDF 409
- बार बार आया करो वृन्दावन धामा।Source no. 972 · Source PDF 409
- श्यामा श्याम जायँ नहिं तजि ब्रजधामा।Source no. 973 · Source PDF 409–410
- श्यामा श्याम मिलें या ना मिलें ब्रजधामा।Source no. 974 · Source PDF 410
- राधे राधे गोविन्द रटो आठु यामा।Source no. 975 · Source PDF 410
- रस की बनाओ शीशी प्रेम निष्कामा।Source no. 976 · Source PDF 411
- श्यामा चह श्याम सुख श्याम सुख श्यामा।Source no. 977 · Source PDF 411
- श्यामा करें ध्यान श्याम श्याम ध्यान श्यामा।Source no. 978 · Source PDF 412
- श्यामा श्याम नाम रूप लीला गुण धामा।Source no. 979 · Source PDF 412
- मन ते मनन करो श्याम अरु श्यामा।Source no. 980 · Source PDF 412–413
- मन ते मनन करु कुंज ब्रजधामा।Source no. 981 · Source PDF 413
- मन ते मनन करो बरसाने धामा।Source no. 982 · Source PDF 413
- मन ते मनन करो श्याम सुखधामा।Source no. 983 · Source PDF 413–414
- मन ते मनन करु दिव्य ब्रजधामा।Source no. 984 · Source PDF 414
- मन ते मनन करु गोलोक धामा।Source no. 985 · Source PDF 414
- मन ते मनन करु वृन्दावन धामा।Source no. 986 · Source PDF 415
- मन ते मनन करु कुंज ब्रजधामा।Source no. 987 · Source PDF 415
- मन ते मनन करु दिव्य हरि धामा।Source no. 988 · Source PDF 415–416
- मन ते मनन करु दोउ श्याम श्यामा।Source no. 989 · Source PDF 416
- मन ते मनन करु हरि सुखधामा।Source no. 990 · Source PDF 416
- मन ते मनन करु निज गुरु धामा।Source no. 991 · Source PDF 416–417
- मन ते मनन करु हरि गुरु पामा।Source no. 992 · Source PDF 417
- मन ते मनन करु गुरु प्रेमधामा।Source no. 993 · Source PDF 417
- मन ते मनन करु कब ब्रजधामा।Source no. 994 · Source PDF 418
- मन ते मनन करु कृपामयी श्यामा।Source no. 995 · Source PDF 418
- मन ते मनन करु रूप श्याम श्यामा।Source no. 996 · Source PDF 418–419
- मन ते मनन करु भाव देह बामा।Source no. 997 · Source PDF 419
- मन ते मनन करु हा श्याम श्यामा।Source no. 998 · Source PDF 419
- मिले बिनु रहा नहिं जाय जब बामा।Source no. 999 · Source PDF 420
- कहीं ते नहीं है आना उन्हें कह बामा।Source no. 1000 · Source PDF 420–421
- मिलें नहिं जब लौं तोहिं श्याम श्यामा।Source no. 1001 · Source PDF 421
- विरह की आग जलाओ उरधामा।Source no. 1002 · Source PDF 421
- दास्य सख्य वात्सल्य माधुर्य नामा।Source no. 1003 · Source PDF 421–422
- तेरे स्वामी, सखा, सुत, पति सुखधामा।Source no. 1004 · Source PDF 422
- माधुर्य भाव में भी होते हैं सकामा।Source no. 1005 · Source PDF 422–423
- श्याम को रिझाना हो दो आँसू निष्कामा।Source no. 1006 · Source PDF 423
- जित देखो तित दीखें श्याम श्यामा।Source no. 1007 · Source PDF 423
- सब में ही दोउ दीखें श्याम श्यामा।Source no. 1008 · Source PDF 424
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