होरी-माधुरी

जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेम रस मदिरा की 21 माधुरियों में होरी-माधुरी क्रमांक 18 पर है। इसमें 30 पद हैं। मूल पद और उपलब्ध पुस्तक-स्रोत हिन्दी भावार्थ पढ़ें।
जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की मूल प्रकाशित रचना। साथ में उपलब्ध गुटका में राधा गोविन्द समिति द्वारा प्रकाशित आठवें संस्करण की तिथि 15 जुलाई 2011 दी गई है। प्रकाशन का इतिहास और स्रोत प्रमाण · आधिकारिक पुस्तक सूची। यहाँ मूल पद और उपलब्ध भावार्थ दिए गए स्रोतों से लिप्यंतरित हैं; नए पद या भावार्थ नहीं रचे गए हैं।
- पद 1 · आजा आजा रे, आज खेलन होरी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 2 · आजु होरी री, अरी ओरी गोरी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 3 · करत हरि, होरी महँ हुरदंग।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 4 · चंचल चलु, हट तजु अंचल-पट।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 5 · चल्यो सखि, अस पिचकारिन रंग।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 6 · डारो डारो री, रंग बनवारी पै।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 7 · देखो देखो री, ठिठोरी होरी की।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 8 · बरजो री, लँगर कर बरजोरी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 9 · भाजो भाजो री, कान्ह पकड़ो, पकड़ो।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 10 · भाजो भाजो री, कान्ह लखु होरी ते।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 11 · माधव सँग, माधव आयो री।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 12 · यह छोरा है, सखी या छोरी है।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 13 · यह होरी है, अरी या होरा है।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 14 · यह होरी है, लली! या बरजोरी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 15 · या कारे ने, करे करतब कारे।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 16 · रँग डारो न, कान्ह! दउँगी गारी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 17 · रँग डारो न, लँगर नइ सारी रे।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 18 · रँग डारो री, वीर! मुरली वारो।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 19 · राधे सँग, श्याम खेलैं होरी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 20 · लला! यह, भला कौन सोँ फाग।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 21 · लाल भये, लाल-गुलालन लाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 22 · लाल सँग, खेलिय हिल मिल फाग।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 23 · वृंदावन, धूम मची होरी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 24 · सखी! सब, ह्वै गये लालहिं लाल।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 25 · हट खोलो न, घुँघट पट, ओ नटखट।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 26 · हट लिपट न, निपट यमुन-तट पै।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 27 · होरी आई री, अरी वो नथवारी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 28 · होरी खेलो न, श्याम सँग कोउ गोरी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 29 · होरी खेलो री, छैल सँग रँग घोरी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 30 · होरी में, हारे हरि हो री।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें