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RADHEY RADHEY

निकुंज-माधुरी

चाँदनी में चमेली की लताओं के बीच पुष्प-सजे झूले पर राधा-कृष्ण; नीचे कमल-सरवर और हंस
एआई से निर्मित चित्र

जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेम रस मदिरा की 21 माधुरियों में निकुंज-माधुरी क्रमांक 14 पर है। इसमें 29 पद हैं। मूल पद और उपलब्ध पुस्तक-स्रोत हिन्दी भावार्थ पढ़ें।

जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की मूल प्रकाशित रचना। साथ में उपलब्ध गुटका में राधा गोविन्द समिति द्वारा प्रकाशित आठवें संस्करण की तिथि 15 जुलाई 2011 दी गई है। प्रकाशन का इतिहास और स्रोत प्रमाण · आधिकारिक पुस्तक सूची। यहाँ मूल पद और उपलब्ध भावार्थ दिए गए स्रोतों से लिप्यंतरित हैं; नए पद या भावार्थ नहीं रचे गए हैं।

  1. पद 1 · अरि देखो आली, लाली को फुलन सिंगार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  2. पद 2 · आजु दोउ, झूलन महँ झगरे।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  3. पद 3 · आजु रस, बरसत कुंजन माहिं।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  4. पद 4 · आजु लखि, ललिहिं गई बलिहार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  5. पद 5 · आजु लखु, मंजु निकुंज-बहार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  6. पद 6 · किशोरी सँग, नाचत नवल किशोर।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  7. पद 7 · खेलत श्याम संग श्यामा के,मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  8. पद 8 · चलो पिय, झूलें कुंज मझार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  9. पद 9 · झुलावति, अलिन युगल-सरकार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  10. पद 10 · देखु सखि! अद्भुत कुंज विहार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  11. पद 11 · देखु सखि! झूलत श्यामा श्याम।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  12. पद 12 · देखु सखि! दोउ रस रंग भरे।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  13. पद 13 · देखु सखि! सावन मास बहार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  14. पद 14 · पधारो, झूलन दोउ सरकार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  15. पद 15 · परो सखि, झूलन में झगरो।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  16. पद 16 · प्रेम रस, बरसत कुंज मझार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  17. पद 17 · बलि जाउँ निकुंज लतान की।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  18. पद 18 · बलि जाउँ निकुंज विहार की।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  19. पद 19 · युगलवर, झूलनि की बलिहार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  20. पद 20 · युगलवर, झूलें कुंज कुटीर।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  21. पद 21 · युगलवर, झूलें कुंज मझार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  22. पद 22 · युगलवर, निरतत कुंज कुटीर।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  23. पद 23 · युगलवर, निरतत कुंज मझार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  24. पद 24 · युगलवर, भीजत कुंज मझार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  25. पद 25 · लखो री आली! लाली जु कि झुलन बहार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  26. पद 26 · लख्यों इक अचरज कुंज मझार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  27. पद 27 · श्याम तुम! रसिकन नाम लजायो।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  28. पद 28 · सखी! दोउ, झूलत मृदु मुसकात।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  29. पद 29 · सखी! ये भ्रमर निकर भरमाये।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें