युगल-माधुरी

जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेम रस मदिरा की 21 माधुरियों में युगल-माधुरी क्रमांक 11 पर है। इसमें 23 पद हैं। मूल पद और उपलब्ध पुस्तक-स्रोत हिन्दी भावार्थ पढ़ें।
जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की मूल प्रकाशित रचना। साथ में उपलब्ध गुटका में राधा गोविन्द समिति द्वारा प्रकाशित आठवें संस्करण की तिथि 15 जुलाई 2011 दी गई है। प्रकाशन का इतिहास और स्रोत प्रमाण · आधिकारिक पुस्तक सूची। यहाँ मूल पद और उपलब्ध भावार्थ दिए गए स्रोतों से लिप्यंतरित हैं; नए पद या भावार्थ नहीं रचे गए हैं।
- पद 1 · अनूपम, जोरी श्यामा श्याम।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 2 · अनोखी, पिय प्यारी की बात।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 3 · जाउँ बलि, जोरी-जुगल निहार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 4 · युगल रस, वृन्दावन बरसे।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 5 · देखु सखि, युगल नवल सरकार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 6 · धरो मन! युगल माधुरी ध्यान।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 7 · बनी कस जोरी युगल-किशोर।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 8 · बलि जाउँ, युगल सरकार की।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 9 · बलि जाउँ लाड़ली लाल की।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 10 · बसे रे मेरे, नैनन दोउ सरकार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 11 · युगल गल बँहियन की बलिहार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 12 · युगल छवि, देखि गई बलिहार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 13 · युगलवर, उरझनि की बलिहार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 14 · युगलवर, ठाढ़ो कुंज लतान।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 15 · युगलवर, नैन नींद रहि छाय।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 16 · युगलवर, रसिकन को सिरमोर।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 17 · सखी सुनु, प्रिया पियहिं इक बात।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 18 · हम चाकर प्रीतम प्यारी के।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 19 · हमारे मन, बसे युगल सरकार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 20 · हमारे माई, गौर श्याम दुइ आँखी।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 21 · हमारो, ठाकुर युगल किशोर।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 22 · हमारो, दोउ प्यारी प्यारो।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
- पद 23 · हौं ह्वै गई प्रीतम प्यारी की।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें