कीर्तन 1–16
कीर्तन 15 · Kirtan 15
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
राधे राधे गोविन्द गोविन्द राधे,
राधे राधे गोविन्द गोविन्द राधे,
राधे राधे गोविन्द गोविन्द राधे।
हरि गुरु दोनों में ही गोविन्द राधे,
दोनों स्वामी अरु दोनों दास बता दे।
गुरु से ही तत्त्वज्ञान गोविन्द राधे,
पुनि पुनि सुनि मन बुधि में बिठा दे।
तू तो माँगे शुद्ध मन गोविन्द राधे,
गुरु ही अशुद्ध मन शुद्ध करा दे।
तू तो है बनों का साथी गोविन्द राधे,
गुरु तो सदा सदा की बिगरी बना दे।
गुरु तो है माता सम गोविन्द राधे,
सुत को सजा के हरि गोद बिठा दे।
गुरु को बिठा दे उर गोविन्द राधे,
Source page 30
हरि कृपा गुरु मिले गोविन्द राधे,
गुरु कृपा हरि मिले तत्त्व बता दे।
गुरु चह हरि सुख तत्त्व बता दे।
हरि गुरु तनु दो हैं गोविन्द राधे,
दाता दो ही हरि गुरु गोविन्द राधे,
शेष सब जग है भिखारी तोहिं का दे।
हरि गुरु दोनों एक गोविन्द राधे,
स्वार्थ दृष्टि से है गुरु बड़ा ही बता दे।
गुरु सेवा हरि सेवा गोविन्द राधे,
दोनों ही हैं एक अस रसिक बता दे।
Source page 31
मन हरि गुरु में ही सदा को लगा दे।
यह विश्वास निज बुधि में बिठा दे।
हरि सब उर में हैं गोविन्द राधे,
ब्रह्म को भी प्रेम भिखारी बना दे।
Source page 32
हरि के थे चार वर्ण गोविन्द राधे,
नर ने बनाये लाखों वर्ण क्यों बता दे।
जग से हटा के हरि गुरु में लगा दे।
'गा' को लगा के मन गोविन्द राधे,
पिछला बिगारा अब 'गा' को हटा दे।
हरि मिट्टी जग घट गोविन्द राधे,
निराकार ब्रह्म मिट्टी गोविन्द राधे,
साकार ब्रह्म कृष्ण हीरा बता दे।
तीनों तजु सातों तजु गोविन्द राधे,
ग्यारहवें में ग्यारहों को लगा दे।
Source page 33
निज निज ओर खींचि भुर्ता बना दे।
मूढ़ ढूँढ़े चारों धाम काहे बता दे।
एक क्षण का कुसंग गोविन्द राधे,
चार वृक्ष चार फल गोविन्द राधे,
याते छिन छिन मन हरि में लगा दे।
हरि गुरु में ही नित गोविन्द राधे,
तन धन न हो जो तो गोविन्द राधे,
मन से ही हरि गुरु स्मरण करा दे।
Source page 34
तुम भी मोहिं भूलो नहिं गोविन्द राधे,
मैं भी तोहिं भूलूँ नहिं ऐसी बना दे।
स्वामी सखा सुत पति गोविन्द राधे,
चार चार नाते तोसों कोई तो निभा दे।
तेरे मेरे मिलन में गोविन्द राधे,
बाधा तेरी माया वाय सदा को भगा दे।
तू ही मेरा मैं भी तेरा गोविन्द राधे,
बीच में है माया वाय मारि भगा दे।
मैं भी तेरा मेरा तेरा गोविन्द राधे,
जनम जनम का भिखारी तोहिं का दे।
सुख के भिखारी सब गोविन्द राधे,
तू ही इक सुखदाता दे चाहे ना दे।
पिछला बिगारा मैंने गोविन्द राधे,
Source page 35
तेरा तन भी है काला गोविन्द राधे,
मेरा मन भी है काला जोरी बना दे।
मदनहूँ मोहा तूने गोविन्द राधे,
मैं तो मानूँ तब मोहिं मोहि के दिखा दे।
जो तू माँगे शुद्ध मन गोविन्द राधे,
भक्ति आदि साधना का नियम हटा दे।
इतनी तो कृपा करु गोविन्द राधे,
आते जाते मेरी ओर लखि मुस्कुरा दे।
भुक्ति मुक्ति माँगूँ नहिं गोविन्द राधे,
गरबाँही दै के टुक झलक दिखा दे।
उर में तो रह नित गोविन्द राधे,
उर में तो रह नित गोविन्द राधे,
बाहर आने में लाज क्या बता दे।
Source page 36
और कछु दे या ना दे गोविन्द राधे,
तेरा सुख चाहने की चाह बढ़ा दे।
जो भी दै के सुख पाये गोविन्द राधे,
सोई दे दे और कछु ना दे ना दे ना दे।
जहाँ रहूँ जैसे रहूँ गोविन्द राधे,
तेरा सुख सोचूँ करूँ और को भुला दे।
कुछ भी ना देना हो तो गोविन्द राधे,
आके दोनों हाथों से अँगुठा दिखा दे।
कुछ भी ना देना हो तो गोविन्द राधे,
आके दूँगा दूँगा कहि धैर्य दिला दे।
दासी मारे सुत कहँ गोविन्द राधे,
माँ बैठी देखे कैसी माँ है बता दे।
तेरी माया ने भुलाया गोविन्द राधे,
याते तोहिं भूला मेरा दोष का बता दे।
गर्त गिरा रोये सुत गोविन्द राधे,
पिता बैठे देखे कैसा पिता है बता दे।
Source page 37
जग कामना मिटे ना गोविन्द राधे,
जग शब्द को मिटा दे श्याम लिखा दे।
अपनी न माने तो भी गोविन्द राधे,
बुरी भी लगूँ जो मैं गोविन्द राधे,
मैंने ही दिया है तोहिं गोविन्द राधे,
मेरे पापों से डरे जो गोविन्द राधे,
माना मैं पतित सुत गोविन्द राधे,
पूतना ते बड़ क्या मैं पतित बता दे।
जानता हूँ तू ही मेरा गोविन्द राधे,
Source page 38
मेरा मन त्रिगुणी है गोविन्द राधे,
तू भी तो त्रिभंगी जोरी बना दे।
याय निज प्रेमसिन्धु मध्य डुबा दे।
ग्राह ते बचाया गज गोविन्द राधे,
निज सुत को भी माया ग्राह ते बचा दे।
मैं तो तब मानूँ मोहिं मोहि के दिखा दे।
डर को डराने वाले गोविन्द राधे,
डरि गये मेरे पाप से क्यों बता दे।
Source page 39
और कछु माँगूँ नहिं गोविन्द राधे,
साधना में मेरा रूपध्यान करवा दे।
जो तोहिं मिलने को विवश करा दे।
हरिभक्ति अग्नि बाण द्वारा जला दे।
और कछु माँगूँ नहिं गोविन्द राधे,
जग चिन्तन नौ दो ग्यारह करा दे।
दर्शन दे या ना दे गोविन्द राधे,
दर्शन दे या ना दे गोविन्द राधे,
दरस ना देना हो तो गोविन्द राधे,
साफ साफ आके मेरे सामने बता दे।
Source page 40
योगमाया लगा दे माया को भगा दे।
मायापुर पाया दुःख गोविन्द राधे,
कोई कृपा करि कान्हपुर पहुँचा दे।
यदि कछु देना ना हो गोविन्द राधे,
जो ना आये सामने तो गोविन्द राधे,
चरण दिखाये जो ना गोविन्द राधे,
मीठी मीठी मुरली की तान सुना दे।
तानहूँ सुनावे जो न गोविन्द राधे,
गोपीगीत जैसा मोहिं गीत सिखा दे।
यदि अधिकारी मैं ना गोविन्द राधे,
मेरा बोलना बुरा तो गोविन्द राधे,
Source page 41
लेना काम देना प्रेम गोविन्द राधे,
लेना देना दोनों व्यापार बता दे।
रिद्धि सिद्धि निधि ना दे गोविन्द राधे,
गोपीजन जैसा गोपी प्रेम दिला दे।
सोई पढ़ो सोई सुनो गोविन्द राधे,
जो तेरा कृष्ण प्रेम और बढ़ा दे।
भक्त भजें हरि विधि बुधि भरमा दे।
कर्म योग ज्ञान आदि गोविन्द राधे,
भक्ति आगे माँगे भीख फल तो दिला दे।
कर्म योग ज्ञान तीनों गोविन्द राधे,
स्वर्ग सिद्धि आत्मज्ञान क्रम ते दिला दे।
कर्म योग ज्ञान क्या हैं गोविन्द राधे,
भक्ति महादेवी भगवान को झुका दे।
Source page 42
चौथा पाँचवाँ ना दे गोविन्द राधे,
देना है तो सीधे सीधे पहला दिला दे।
कर्मी योगी ज्ञानी गोविन्द राधे,
कृष्ण प्रेमी ही है निष्काम बता दे।
ज्ञानी कहे सोऽहं सोऽहं गोविन्द राधे,
भक्त कहे ना ना पाछे 'दा' भी लगा दे।
कृष्ण भक्ति युक्त हो तो गोविन्द राधे,
श्वपच भी बोले जो तो शीश झुका दे।
कृष्ण भक्ति युक्त हो तो गोविन्द राधे,
शिशु भी बोले जो तो शीश झुका दे।
भक्ति की शक्ति देखो गोविन्द राधे,
जो था ईश्वरेश्वर गोविन्द राधे,
प्रेम सुधा का जो गोविन्द राधे,
अधिकारी ना हो तो अधिकारी बना दे।
Source page 43
झाँकी दिखाये ना तो गोविन्द राधे,
तेरा चोरी जारी दोष गोविन्द राधे,
जग को बताऊँ ना जो दरस दिखा दे।
ऊखल बद्ध ब्रह्मा गोविन्द राधे,
सबसे बड़ा है हरि गोविन्द राधे,
दिव्य प्रेम हरि को भी छोटा बना दे।
प्रेम की अनेक विधि गोविन्द राधे,
मोको ब्रजगोपियों का प्रेम दिला दे।
आत्माराम श्याम को भी गोविन्द राधे,
गोपी प्रेम ऐसा गोपीराम बना दे।
गोपी प्रेम को तो देखो गोविन्द राधे,
जग को नचाने वाले को भी नचा दे।
Source page 44
जेहि माया जग नाचे गोविन्द राधे,
प्रेम महिमा को देखो गोविन्द राधे,
प्रेम महिमा को देखो गोविन्द राधे,
माँ की गोद हित सुखघन को रुला दे।
प्रेम महिमा को देखो गोविन्द राधे,
सर्वज्ञ को भी ब्रज अज्ञ बना दे।
प्रेम महिमा को देखो गोविन्द राधे,
ब्रह्म को सखाओं का घोड़ा बना दे।
प्रेम महिमा को देखो गोविन्द राधे,
यशुदा की साँटी महाकाल को डरा दे।
प्रेम महिमा को देखो गोविन्द राधे,
ब्रह्म को भी ग्वाल जूठे कौर खिला दे।
Source page 45
प्रेम मंदिर वाले गोविन्द राधे,
दिव्य गोपियों से दिव्य प्रेम दिला दे।
मैं तो तेरा नित्य दास गोविन्द राधे,
दास यदि माँगे व्यापारी बता दे।
और कछु माँगूँ नहिं गोविन्द राधे,
तेरे सुख को ही सुख मानना सिखा दे।
श्यामा श्याम लीला धाम रसिक बता दे।
कृष्णभक्ति हीन हो तो गोविन्द राधे,
ब्रह्मा भी बोले जो तो मुँह बिचका दे।
कृष्णभक्ति हीन हो तो गोविन्द राधे,
जो भी कोई बोले वाय डाँटि भगा दे।
भुक्ति मुक्ति डाकिनी गोविन्द राधे,
इनसे बचे जो सोइ प्रेमी बता दे।
Source page 46
सब उर भी है व्यापक भी है राधे,
गोलोक भी है सच क्या है बता दे।
राधे कहे श्याम भजो, श्याम कहे राधे,
मेरी मानो भजो नित तुम श्याम राधे।
जो न बोले कीर्तन गोविन्द राधे,
राधे भजें गोविन्द गोविन्द राधे,
हम बड़ भागी भजें गोविन्द राधे।
