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ब्रज रस माधुरी

PART IV · KIRTAN 8 · 11/20

कीर्तन 1–16

कीर्तन 8 · Kirtan 8

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

11 source linesपुस्तक पृष्ठ 19PDF 13

भक्ति भवन वारी पै वारी वारी जाऊँ,

(मैं तो प्यारी प्यारी पर वारी वारी . . .)

भक्ति भवन वारी पै वारी वारी जाऊँ,

चम्पा जैसी गोरी पर वारी वारी जाऊँ।

भक्ति धाम वारी पै वारी वारी वारी,

चम्पा वरन वारी पै वारी वारी वारी।

भक्ति मन्दिर वारी पै वारी वारी वारी,

स्वर्ण वरन वारी पै वारी वारी वारी।

मन मोहन मन मोहने वारी प्यारी,

दामिनि दुति तनु वारी पर वारी वारी।

जग मोहन मन मोहने वारी प्यारी,

मोहो ‘कृपालु’ मन तब मानूँ साँची प्यारी।

ब्रज रस माधुरी · भाग ४011
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 4. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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