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ब्रज रस माधुरी

PART IV · KIRTAN 14 · 17/20

कीर्तन 1–16

कीर्तन 14 · Kirtan 14

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

15 source linesपुस्तक पृष्ठ 28PDF 18

भोरी भारी प्यारी बरसाने वारी,

(नीको लागे . . .)

भोरी भारी प्यारी बरसाने वारी,

वृंदाविपिन बिहारी बनवारी।

प्यारी पर वारी वारी जायँ बनवारी,

बनवारी पर वारी वारी जायँ प्यारी।

पिय प्यारी पर मैं भी जाऊँ वारी वारी,

बलिहारी प्यारी बलिहारी बनवारी।

प्यारी कहें भजो नाम गुण बनवारी,

बनवारी कहें भजो नाम गुण प्यारी।

मेरी मानो भजो नाम गुण पिय प्यारी,

जय हो जय हो प्यारी जय हो जय हो बनवारी।

जब जब होड़ होय पिय अरु प्यारी,

पिय भी न हारें अरु प्यारी भी न हारीं।

पिय के बिना है आधा आधा रस प्यारी,

प्यारी बिनु आधा आधा रस बनवारी।

ब्रज रस माधुरी · भाग ४017
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 4. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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