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ब्रज रस माधुरी

PART IV · KIRTAN 10 · 13/20

कीर्तन 1–16

कीर्तन 10 · Kirtan 10

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

20 source linesपुस्तक पृष्ठ 22–23PDF 15

बरसाने वारी प्यारी की जय जय।

(कहूँ देखे आली . . .)

बरसाने वारी प्यारी की जय जय।

प्यारी से भी प्यारी प्यारी प्यारी की जय जय ।

प्यारी पर वारी जाने वारी की जय जय।

प्यारी पर वारी नर नारी की जय जय।

अगनित रति छवि वारी की जय जय।

जापै आपु वारी वारी प्यारी की जय जय।

मोहन मोहिनि वारी की जय जय।

प्यारी प्यारी सुकुमारी प्यारी की जय जय।

नई नई छवि वारी प्यारी की जय जय।

प्रेम भिखारी बनवारी की जय जय।

प्यारे को नचाने वारी प्यारी की जय जय।

चंपा रंग वारी प्यारी की जय जय।

गोरी गोरी भोरी भोरी प्यारी की जय जय।

ब्रजरस बरसाने वारी की जय जय।

महाभाव अवतारी की जय जय।

मादन रस तनु धारी की जय जय।

Source page 23

अगनित गुन वारी प्यारी की जय जय।

सारे जग की महतारी की जय जय।

अवतारन अवतारी की जय जय।

ब्रज रस माधुरी · भाग ४013
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 4. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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