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RADHEY RADHEY

महासखी-माधुरी

आठ सखियाँ रंग-बिरंगे वस्त्रों में पुष्पमालाएँ गूँथती हुईं; पास फूलों की टोकरियाँ और पीछे कमल-सरवर
एआई से निर्मित चित्र

जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेम रस मदिरा की 21 माधुरियों में महासखी-माधुरी क्रमांक 13 पर है। इसमें 8 पद हैं। मूल पद और उपलब्ध पुस्तक-स्रोत हिन्दी भावार्थ पढ़ें।

जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की मूल प्रकाशित रचना। साथ में उपलब्ध गुटका में राधा गोविन्द समिति द्वारा प्रकाशित आठवें संस्करण की तिथि 15 जुलाई 2011 दी गई है। प्रकाशन का इतिहास और स्रोत प्रमाण · आधिकारिक पुस्तक सूची। यहाँ मूल पद और उपलब्ध भावार्थ दिए गए स्रोतों से लिप्यंतरित हैं; नए पद या भावार्थ नहीं रचे गए हैं।

  1. पद 1 · इंदुलेखा सखियन गल हार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  2. पद 2 · चंपकलता, सखिन-सिरमोर।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  3. पद 3 · तुंगविद्या सखियन सरताज।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  4. पद 4 · रंगदेवी सखियन सरनाम।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  5. पद 5 · विशाखा सखि, सखियन सरदार।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  6. पद 6 · सखिन महँ, नामी चित्रा नाम।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  7. पद 7 · सखिन महँ ललिता परम प्रधान।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें
  8. पद 8 · सुदेवी सबै सखिन सिरमोर।मूल पद और हिन्दी भावार्थइंटरैक्टिव पुस्तक में खोलें