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Yugal Shatak

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

तू तो कह मोरा छोरा भोरा, भोरा भोरा भोरा।

Reading 38 of 112 · Source no. 26 · Source PDF 66–67

1तू तो कह मोरा छोरा भोरा, भोरा भोरा भोरा।

2सखि कह सुनु यशुमति तव छोरा,

3परम चतुर नहिं भोरा, भोरा भोरा भोरा।

4सखिन सतावत नित यह छोरा,

5तव सन्मुख रह भोरा, भोरा भोरा भोरा।

6सब सों कह हौं ही पिय तोरा,

7कैसे कह तू भोरा, भोरा भोरा भोरा।

8दृग मिलाय सखियन चित चोरा,

9अबहुँ मान तू भोरा, भोरा भोरा भोरा।

10काउ घट फोरा काउ लर तोरा,

11धनि धनि छोरा भोरा, भोरा भोरा भोरा।

12जानत जादू यह सुत तोरा,

13बाहर ते बन भोरा, भोरा भोरा भोरा।

14कह “कृपालु” मैया मत मोरा,

15सचमुच तव सुत भोरा, भोरा भोरा भोरा।

16भावार्थ—कोई ब्रजगोपी यशोदा से कहती है-मैया! तुम तो

17कहती हो कि तुम्हारा कृष्ण बड़ा भोला-भाला है यह तो अत्यन्त

18चतुर है। यह कृष्ण रोज ही ब्रज-बालाओं को तंग करता रहता

19है और तुम्हारे समक्ष भोला-भाला बन जाता है। यह सबसे कहता

20रहता है कि मैं ही तेरा प्रियतम हूँ फिर भी तुम कहती हो कि

21मेरा पुत्र भोला-भाला है। नेत्रों से कटाक्ष-पात कर यह सखियों

22के चित्त को चुराता रहता है। तुम तो कृष्ण की माँ हो, अतः उसे

23भोला ही कहोगी। हे यशोदे! यह कृष्ण किसी के जल के घड़े

24को फोड़ देता है, किसी के गले के हार को तोड़ देता है फिर

25भी तुम उसे भोला-भाला कहती हो, ऐसे भोले-भाले कृष्ण को

26धन्य है। यशोदा! तुम्हारा यह पुत्र बड़ा जादूगर है। बाहर से

27भोला-भाला दिखाई देता है। श्री कृपालुजी कहते हैं-हे यशोदा!

28मेरे विचार से तो तुम्हारा पुत्र अत्यंत ही भोला-भाला है।

Native Hindi songs and published Hindi explanations from the supplied 2005 edition. The older image-only Yugal Shatak scan remains a separate source. Supplied edition: Third edition, Sharad Purnima, 17 October 2005. Published explanation: सुश्री ब्रजकुंजरी देवी.

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