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Yugal Ras

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

तू मेरा मैं तेरा, तेरा तेरा तेरा।

Reading 18 of 119 · Source no. 7 · Source PDF 26–27

1तू मेरा मैं तेरा, तेरा तेरा तेरा।

2मैं हूंँ अंश सनातन तेरा,

3तू है अंशी मेरा, तेरा तेरा तेरा।

4मैं हूँ नित्य दास हरि तेरा,

5तू ही स्वामी मेरा, तेरा तेरा तेरा।

6मैं हूंँ नित्य सखा हरि तेरा,

7सखा सदा तू मेरा, तेरा तेरा तेरा।

8मैं हूँ मात पिता हरि तेरा,

9तू भी है सुत मेरा, तेरा तेरा तेरा।

10मैं हूँ प्रिया, पिया तू मेरा,

11मेरा सब कुछ तेरा, तेरा तेरा तेरा।

12मम तनु दिया हुआ है तेरा,

13तेरा ही मन मेरा, तेरा तेरा तेरा।

14मेरा प्राण देह है तेरा,

15तू देही है मेरा, तेरा तेरा तेरा।

16सारा जग ही तो है तेरा,

17कछू नाहिं कहुँ मेरा, तेरा तेरा तेरा।

18यदपि “कृपालु” जान सब तेरा,

19तदपि मान सब मेरा, तेरा तेरा तेरा।

20भावार्थ—भक्त कहता है- हे कृष्ण! तुम मेरे हो,मैं

21तुम्हारा हूँ। तुम्हारे कथनानुसार-““ममैवांशो जीवलोके-----।””

22मैं सदा से ही तुम्हारा अंश हूँ। तुम मेरे अंशी हो। हे हरि! मैं

23सदा तुम्हारा दास हूँ, तुम ही एकमात्र मेरे स्वामी हो। मैं सदा से

24तुम्हारा मित्र हूँ तुम सदा सदा मेरे मित्र हो। मैं तुम्हारा माता

25पिता हूँ तुम मेरे पुत्र हो। मैं तुम्हारी प्रेयसी हूँ, तुम मेरे प्रियतम

26हो। मेरा सर्वस्व तुम्हारा है। मेरा शरीर तुम्हारा ही दिया हुआ

27है। मेरा मन भी एकमात्र तुम्हारा ही है। मेरी आत्मा तुम्हारा

28शरीर है, तुम मेरी आत्मा की आत्मा हो। सारा विश्व तुम्हारा

29ही तो है। मेरा तो कहीं भी कुछ नहीं है।“कृपालु”कहते हैं

30कि यद्यपि सभी मनुष्य जानते तो हैं कि सब कुछ भगवान् का

31ही है परन्तु मानते नहीं हैं। मानते तो यही हैं कि सब कुछ

32हमारा है।

Native Hindi songs and published Hindi explanations from the supplied 2005 edition. The older image-only Yugal Ras scan is a separate source, not the scan transcribed here. Supplied edition: Fourth edition, Sharad Purnima, 17 October 2005. Published explanation: सुश्री ब्रजकुंजरी देवी.

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