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Yugal Madhuri

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

श्यामा श्याम स्वामिनि सेवक श्याम।

Reading 63 of 75 · Source no. 52 · Source PDF 207–216

1(नीको लागे...)

2श्यामा श्याम स्वामिनि सेवक श्याम।

3श्यामा आनन्द-सार ह्लादिनि नाम।

4श्यामा शक्ति ह्लादिनी ते पावें ह्लाद श्याम।

5श्यामा शक्ति पा के करें कर्म घनश्याम।

6श्यामा प्रेमदाता भिखारी घनश्याम।

7श्यामा जू ते प्रेम भिक्षा माँगें घनश्याम।

8श्यामा जू ते पा के प्रेम दानी बने श्याम।

9श्यामा के खरीदे गुलाम घनश्याम।

10श्यामा साहूकार ऋणियाँ घनश्याम।

11श्यामा शक्ति की हैं सब शक्ति गुलाम।

12श्यामा शक्ति बिनु नीरस ब्रह्म श्याम।

13श्यामा ने बनाया ब्रह्म क्रियाशील श्याम।

14श्यामा ने बनाया ब्रह्म सर्वज्ञ श्याम।

15श्यामा ने बनाया ब्रह्म प्रेम छवि धाम।

16श्यामा ने दिया ब्रह्म को रूप नाम।

17श्यामा ने बनाया शक्तिमान ब्रह्म श्याम।

18श्यामा शक्ति पाके करें सृष्टि घनश्याम।

19श्यामा शक्ति पाके पालें सृष्टि घनश्याम।

20श्यामा शक्ति ते प्रलय करें घनश्याम।

21श्यामा की कृपा ते सर्वशक्तिमान श्याम।

22श्यामा हैं स्वतंत्र परतंत्र घनश्याम।

23श्यामा प्रेम मादन पावें नहिं श्याम।

24श्यामा प्रेम मादन वश घनश्याम।

25श्यामा जू के भक्तों में सर्वश्रेष्ठ श्याम।

26श्यामा जू की रुचि महँ रुचि राखें श्याम।

27श्यामा जू को सुख मानेँ निज सुख श्याम।

28श्यामा पार पायो ना मानी हार श्याम।

29श्यामा शब्द सुनि मानेँ श्याम आ श्याम।

30श्यामा तो हैं श्याम सेव्या जग सेव्य श्याम।

31चलें श्यामा आगे पाछे पाछे श्याम।

32श्यामा पाछे बामा बामा पाछे पाछे श्याम।

33श्यामा जू की दासी ते माँगें कृपा श्याम।

34धरें पिय सिर जहँ श्यामा धरें पाम।

35श्यामा पद चिह्न चूमें मग घनश्याम।

36श्यामा जू को चरण लगावें उर श्याम।

37श्यामा बैठीं सिंहासन पग चापैं श्याम।

38श्यामा जू को पग धोवें अँसुवन श्याम।

39श्यामा पग मुकुट धरें घनश्याम।

40श्यामा जू की डगर बुहारें घनश्याम।

41श्यामा को श्रांत लखि पंखा झलें श्याम।

42श्यामा को खिला के जूठन खायें श्याम।

43श्यामा के महल के हैं प्रहरी श्याम।

44श्यामा जू को चँवर ढुरावें नित श्याम।

45सखि नहलाये श्यामा ललचायें श्याम।

46श्यामा सेवा हित चह श्याम तनु बाम।

47श्यामा जू ते माँगें वर बामा बनूँ श्याम।

48श्यामा की कृपा ते रास रस पायो श्याम।

49श्यामा जू की आज्ञा ते करें रास श्याम।

50श्यामा को प्रणाम करि रास करें श्याम।

51श्यामा को सिंगार करें निज कर श्याम।

52श्यामा जू की नज़र उतारें घनश्याम।

53श्यामा जू पै राई नोन वारें नित श्याम।

54श्यामा भाल काला टीका देयँ घनश्याम।

55श्यामा तो बजावें वीणा गावें घनश्याम।

56श्यामा झूलें झूला झुलावें घनश्याम।

57श्यामा जू की सेज सजावें पिय श्याम।

58श्यामा को सुला के पाछे सोयें घनश्याम।

59श्यामा जू की माँगें कृपा बार बार श्याम।

60श्यामा श्यामा गावें नित मुरलिहिं श्याम।

61करें जय जयकार श्यामा जू की श्याम।

62करें अगवानी श्यामा जू की घनश्याम।

63श्यामा जू की आरती उतारें घनश्याम।

64श्यामा की बलैया लेंय पुनि पुनि श्याम।

65श्यामा की सवारी की बलैया लेंय श्याम।

66श्यामा की सवारी लखि “जय हो” कहें श्याम।

67श्यामा-छवि-सिंधु बूड़े उतरायें श्याम।

68श्यामा छवि लखि मुर्छित हों श्याम।

69श्यामा नैन सैन लखि मुर्छित श्याम।

70श्यामा लखि भूलेँ सुधि तन घनश्याम।

71श्यामा छवि लखि बलिहार कहें श्याम।

72श्यामा नृत्य लखि कह “जय हो जय हो” श्याम।

73श्यामा गान सुनि कह “बलिहार” श्याम।

74श्यामा संग होड़ महँ मानें हार श्याम।

75श्यामा नृत्य गान सुनि भाजें घनश्याम।

76श्यामा मुखचंद्र चकोर दृग श्याम।

77श्यामा ने मोहे श्याम श्याम मोहे काम।

78श्यामा पै निछावर कोटि कोटि श्याम।

79श्यामा लखि रोम रोम दृग चह श्याम।

80श्यामा लखि आनँद-जल दृग श्याम।

81श्यामा को देखे बिनु आँसू दृग श्याम।

82श्यामा नाम श्या सुनि भाजेँ तहँ श्याम।

83श्यामा को बुलावो भाजे भाजे आवें श्याम।

84श्यामा की शरण गहु मिलेँ आपु श्याम।

85श्यामा श्यामा बोले वाके पाछे चलें श्याम।

86श्यामा लखि भूलें भगवत्ता श्याम।

87श्यामा लखि भूलें चंचलता श्याम।

88श्यामा आगे गले नहिं दाल घनश्याम।

89श्यामा आगे नहिं चले छल बल श्याम।

90श्यामा बनि गोरे ग्वाल छलें घनश्याम।

91श्यामा जू के आगे भीगी बिल्ली जनु श्याम।

92श्यामा करि देयँ सूधो टेढ़ो श्याम।

93श्यामा भौंहें टेढ़ी लखि काँपे तनु श्याम।

94श्यामा ने बनाया बुद्धू शुद्ध बुद्ध श्याम।

95श्यामा ने रुलाया आनँदकंद श्याम।

96श्यामा जू को ढूँढ़ेँ रोते रोते ब्रज श्याम।

97श्यामा बिनु इक पल युग लगे श्याम।

98श्यामा ने बनाया प्यासा नित्य तृप्त श्याम।

99श्यामा करें मान मनावें घनश्याम।

100श्यामा को मनावें श्याम खड़े एक पाम।

101श्यामा जू की गारी बड़ी मीठी लगे श्याम।

102श्यामा जू की भृकुटि तकत नित श्याम।

103श्यामा कर डोरी पतंग घनश्याम।

104श्यामा जैसी चाहें नचावें नाच श्याम।

105श्यामा मान करि बैठीं मानगिरि धाम।

106श्यामा मान लखि छूटे स्वेद तनु श्याम।

107श्यामा सुख हित क्या क्या बने नहिं श्याम।

108श्यामा हित नाना छद्म रूप धरें श्याम।

109श्यामा के मिलन हित श्यामा बने श्याम।

110श्यामा जू को रिझवत श्याम आठु याम।

111श्यामा को रिझावें धरि तनु बाम श्याम।

112श्यामा को रिझावें बनि मालिनि श्याम।

113श्यामा को रिझावें बनि योगिनि श्याम।

114श्यामा को रिझावें बनि नायिनि श्याम।

115श्यामा को रिझावें मनिहार बनि श्याम।

116श्याम को रिझावें लिलिहार बनि श्याम।

117श्यामा को रिझावें मोर बनि नाचें श्याम।

118श्यामा जू को लाड़ लड़ावें पिय श्याम।

119श्यामा गोरी गौरी ते श्यामा कहें बाम।

120श्यामा बिनु जल बिनु मीन जनु श्याम।

121श्यामा बिनु नैन बिनु देह जनु श्याम।

122श्यामा बिनु नीर बिनु कूप जनु श्याम।

123श्यामा बिनु वेद बिनु विप्र जनु श्याम।

124श्यामा बिनु दीप बिनु मन्दिर श्याम।

125श्यामा बिनु चन्द्र बिनु रैन जनु श्याम।

126श्यामा बिनु मेघ बिनु भूमि जनु श्याम।

127श्यामा बिनु गंध बिनु फूल जनु श्याम।

128श्यामा बिनु क्षीर बिनु धेनु जनु श्याम।

129श्यामा प्रेम वारि-निधि वारिद श्याम।

130श्यामा हैं सुगंधि मृगमद घनश्याम।

131श्यामा बिनु श्याम का है दाम छदाम।

132श्यामा को ही जन जानि मानें सब श्याम।

133श्यामा बिनु वर्जित अर्चन श्याम।

134गाओ पूर्व श्यामा नाम पाछे घनश्याम।

135श्यामा महरानी ग्वारिया घनश्याम।

136श्यामा जू सिखावें राजरीति घनश्याम।

137श्यामा जू को गोरो तनु लखि लाजें श्याम।

138श्यामा बसें ब्रज नित्य भाजे फिरें श्याम।

139श्यामा गर मणिमाल गुंजमाल श्याम।

140कनक मुकुट श्यामा मोर पुच्छ श्याम।

141सोरहों शृंगार श्यामा नटवेष श्याम।

142श्यामा खेलें चौपड़ गुल्ली डंडा श्याम।

143श्यामा आयीं महलन कारागार श्याम।

144श्यामा आईं दिन महँ आधी रात श्याम।

145श्यामा तो हैं भोरी भारी नटखट श्याम।

146श्यामा तो हैं गम्भीरा चंचल श्याम।

147श्यामा हैं सलज अति निर्लज्ज श्याम।

148श्यामा हैं दयामयी निष्ठुर श्याम।

149श्यामा प्रेम बाँटें करें मारधाड़ श्याम।

150श्यामा तो कृपा करें न्याय करें श्याम।

151श्यामा का स्वभाव माँ का पिता भाव श्याम।

152श्यामा उर सरल कठोर उर श्याम।

153श्यामा देना देना जानें लेना देना श्याम।

154श्यामा क्षमा दान देयँ दण्ड देयँ श्याम।

155श्यामा भायें पतितन भगतन श्याम।

156श्यामा मानें बुरा जनि बुरा कहो श्याम।

157श्यामा जू को प्राण जान देह जान श्याम।

158श्यामा गावें वीणा में नित श्याम श्याम।

159श्यामा हैं “कृपालु” कृपा माँगें घनश्याम॥

Original Hindi songs from the supplied standalone Yugal Madhuri edition. This is distinct from Prem Ras Madira's similarly named chapter. Frontmatter retains its own source credits. Supplied edition: Fifth edition, Gita Jayanti, 28 November 2009.

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