# श्यामा श्याम स्वामिनि सेवक श्याम।

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

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Book: Yugal Madhuri
Source edition: 15; SHA-256 edbd8af6e10610f9dcfc1e9582e196356f2be501a7bc9a35c2a779a02df25503
Source PDF pages: 207–216



<a id="line-1"></a>(नीको लागे...)

<a id="line-2"></a>श्यामा श्याम स्वामिनि सेवक श्याम।  
<a id="line-3"></a>श्यामा आनन्द-सार ह्लादिनि नाम।  
<a id="line-4"></a>श्यामा शक्ति ह्लादिनी ते पावें ह्लाद श्याम।

<a id="line-5"></a>श्यामा शक्ति पा के करें कर्म घनश्याम।  
<a id="line-6"></a>श्यामा प्रेमदाता भिखारी घनश्याम।  
<a id="line-7"></a>श्यामा जू ते प्रेम भिक्षा माँगें घनश्याम।  
<a id="line-8"></a>श्यामा जू ते पा के प्रेम दानी बने श्याम।  
<a id="line-9"></a>श्यामा के खरीदे गुलाम घनश्याम।  
<a id="line-10"></a>श्यामा साहूकार ऋणियाँ घनश्याम।  
<a id="line-11"></a>श्यामा शक्ति की हैं सब शक्ति गुलाम।  
<a id="line-12"></a>श्यामा शक्ति बिनु नीरस ब्रह्म श्याम।  
<a id="line-13"></a>श्यामा ने बनाया ब्रह्म क्रियाशील श्याम।  
<a id="line-14"></a>श्यामा ने बनाया ब्रह्म सर्वज्ञ श्याम।  
<a id="line-15"></a>श्यामा ने बनाया ब्रह्म प्रेम छवि धाम।  
<a id="line-16"></a>श्यामा ने दिया ब्रह्म को रूप नाम।  
<a id="line-17"></a>श्यामा ने बनाया शक्तिमान ब्रह्म श्याम।  
<a id="line-18"></a>श्यामा शक्ति पाके करें सृष्टि घनश्याम।  
<a id="line-19"></a>श्यामा शक्ति पाके पालें सृष्टि घनश्याम।  
<a id="line-20"></a>श्यामा शक्ति ते प्रलय करें घनश्याम।  
<a id="line-21"></a>श्यामा की कृपा ते सर्वशक्तिमान श्याम।  
<a id="line-22"></a>श्यामा हैं स्वतंत्र परतंत्र घनश्याम।  
<a id="line-23"></a>श्यामा प्रेम मादन पावें नहिं श्याम।

<a id="line-24"></a>श्यामा प्रेम मादन वश घनश्याम।  
<a id="line-25"></a>श्यामा जू के भक्तों में सर्वश्रेष्ठ श्याम।  
<a id="line-26"></a>श्यामा जू की रुचि महँ रुचि राखें श्याम।  
<a id="line-27"></a>श्यामा जू को सुख मानेँ निज सुख श्याम।  
<a id="line-28"></a>श्यामा पार पायो ना मानी हार श्याम।  
<a id="line-29"></a>श्यामा शब्द सुनि मानेँ श्याम आ श्याम।  
<a id="line-30"></a>श्यामा तो हैं श्याम सेव्या जग सेव्य श्याम।  
<a id="line-31"></a>चलें श्यामा आगे पाछे पाछे श्याम।  
<a id="line-32"></a>श्यामा पाछे बामा बामा पाछे पाछे श्याम।  
<a id="line-33"></a>श्यामा जू की दासी ते माँगें कृपा श्याम।  
<a id="line-34"></a>धरें पिय सिर जहँ श्यामा धरें पाम।  
<a id="line-35"></a>श्यामा पद चिह्न चूमें मग घनश्याम।  
<a id="line-36"></a>श्यामा जू को चरण लगावें उर श्याम।  
<a id="line-37"></a>श्यामा बैठीं सिंहासन पग चापैं श्याम।  
<a id="line-38"></a>श्यामा जू को पग धोवें अँसुवन श्याम।  
<a id="line-39"></a>श्यामा पग मुकुट धरें घनश्याम।  
<a id="line-40"></a>श्यामा जू की डगर बुहारें घनश्याम।  
<a id="line-41"></a>श्यामा को श्रांत लखि पंखा झलें श्याम।  
<a id="line-42"></a>श्यामा को खिला के जूठन खायें श्याम।

<a id="line-43"></a>श्यामा के महल के हैं प्रहरी श्याम।  
<a id="line-44"></a>श्यामा जू को चँवर ढुरावें नित श्याम।  
<a id="line-45"></a>सखि नहलाये श्यामा ललचायें श्याम।  
<a id="line-46"></a>श्यामा सेवा हित चह श्याम तनु बाम।  
<a id="line-47"></a>श्यामा जू ते माँगें वर बामा बनूँ श्याम।  
<a id="line-48"></a>श्यामा की कृपा ते रास रस पायो श्याम।  
<a id="line-49"></a>श्यामा जू की आज्ञा ते करें रास श्याम।  
<a id="line-50"></a>श्यामा को प्रणाम करि रास करें श्याम।  
<a id="line-51"></a>श्यामा को सिंगार करें निज कर श्याम।  
<a id="line-52"></a>श्यामा जू की नज़र उतारें घनश्याम।  
<a id="line-53"></a>श्यामा जू पै राई नोन वारें नित श्याम।  
<a id="line-54"></a>श्यामा भाल काला टीका देयँ घनश्याम।  
<a id="line-55"></a>श्यामा तो बजावें वीणा गावें घनश्याम।  
<a id="line-56"></a>श्यामा झूलें झूला झुलावें घनश्याम।  
<a id="line-57"></a>श्यामा जू की सेज सजावें पिय श्याम।  
<a id="line-58"></a>श्यामा को सुला के पाछे सोयें घनश्याम।  
<a id="line-59"></a>श्यामा जू की माँगें कृपा बार बार श्याम।  
<a id="line-60"></a>श्यामा श्यामा गावें नित मुरलिहिं श्याम।  
<a id="line-61"></a>करें जय जयकार श्यामा जू की श्याम।

<a id="line-62"></a>करें अगवानी श्यामा जू की घनश्याम।  
<a id="line-63"></a>श्यामा जू की आरती उतारें घनश्याम।  
<a id="line-64"></a>श्यामा की बलैया लेंय पुनि पुनि श्याम।  
<a id="line-65"></a>श्यामा की सवारी की बलैया लेंय श्याम।  
<a id="line-66"></a>श्यामा की सवारी लखि “जय हो” कहें श्याम।  
<a id="line-67"></a>श्यामा-छवि-सिंधु बूड़े उतरायें श्याम।  
<a id="line-68"></a>श्यामा छवि लखि मुर्छित हों श्याम।  
<a id="line-69"></a>श्यामा नैन सैन लखि मुर्छित श्याम।  
<a id="line-70"></a>श्यामा लखि भूलेँ सुधि तन घनश्याम।  
<a id="line-71"></a>श्यामा छवि लखि बलिहार कहें श्याम।  
<a id="line-72"></a>श्यामा नृत्य लखि कह “जय हो जय हो” श्याम।  
<a id="line-73"></a>श्यामा गान सुनि कह “बलिहार” श्याम।  
<a id="line-74"></a>श्यामा संग होड़ महँ मानें हार श्याम।  
<a id="line-75"></a>श्यामा नृत्य गान सुनि भाजें घनश्याम।  
<a id="line-76"></a>श्यामा मुखचंद्र चकोर दृग श्याम।  
<a id="line-77"></a>श्यामा ने मोहे श्याम श्याम मोहे काम।  
<a id="line-78"></a>श्यामा पै निछावर कोटि कोटि श्याम।  
<a id="line-79"></a>श्यामा लखि रोम रोम दृग चह श्याम।  
<a id="line-80"></a>श्यामा लखि आनँद-जल दृग श्याम।

<a id="line-81"></a>श्यामा को देखे बिनु आँसू दृग श्याम।  
<a id="line-82"></a>श्यामा नाम श्या सुनि भाजेँ तहँ श्याम।  
<a id="line-83"></a>श्यामा को बुलावो भाजे भाजे आवें श्याम।  
<a id="line-84"></a>श्यामा की शरण गहु मिलेँ आपु श्याम।  
<a id="line-85"></a>श्यामा श्यामा बोले वाके पाछे चलें श्याम।  
<a id="line-86"></a>श्यामा लखि भूलें भगवत्ता श्याम।  
<a id="line-87"></a>श्यामा लखि भूलें चंचलता श्याम।  
<a id="line-88"></a>श्यामा आगे गले नहिं दाल घनश्याम।  
<a id="line-89"></a>श्यामा आगे नहिं चले छल बल श्याम।  
<a id="line-90"></a>श्यामा बनि गोरे ग्वाल छलें घनश्याम।  
<a id="line-91"></a>श्यामा जू के आगे भीगी बिल्ली जनु श्याम।  
<a id="line-92"></a>श्यामा करि देयँ सूधो टेढ़ो श्याम।  
<a id="line-93"></a>श्यामा भौंहें टेढ़ी लखि काँपे तनु श्याम।  
<a id="line-94"></a>श्यामा ने बनाया बुद्धू शुद्ध बुद्ध श्याम।  
<a id="line-95"></a>श्यामा ने रुलाया आनँदकंद श्याम।  
<a id="line-96"></a>श्यामा जू को ढूँढ़ेँ रोते रोते ब्रज श्याम।  
<a id="line-97"></a>श्यामा बिनु इक पल युग लगे श्याम।  
<a id="line-98"></a>श्यामा ने बनाया प्यासा नित्य तृप्त श्याम।  
<a id="line-99"></a>श्यामा करें मान मनावें घनश्याम।

<a id="line-100"></a>श्यामा को मनावें श्याम खड़े एक पाम।  
<a id="line-101"></a>श्यामा जू की गारी बड़ी मीठी लगे श्याम।  
<a id="line-102"></a>श्यामा जू की भृकुटि तकत नित श्याम।  
<a id="line-103"></a>श्यामा कर डोरी पतंग घनश्याम।  
<a id="line-104"></a>श्यामा जैसी चाहें नचावें नाच श्याम।  
<a id="line-105"></a>श्यामा मान करि बैठीं मानगिरि धाम।  
<a id="line-106"></a>श्यामा मान लखि छूटे स्वेद तनु श्याम।  
<a id="line-107"></a>श्यामा सुख हित क्या क्या बने नहिं श्याम।  
<a id="line-108"></a>श्यामा हित नाना छद्म रूप धरें श्याम।  
<a id="line-109"></a>श्यामा के मिलन हित श्यामा बने श्याम।  
<a id="line-110"></a>श्यामा जू को रिझवत श्याम आठु याम।  
<a id="line-111"></a>श्यामा को रिझावें धरि तनु बाम श्याम।  
<a id="line-112"></a>श्यामा को रिझावें बनि मालिनि श्याम।  
<a id="line-113"></a>श्यामा को रिझावें बनि योगिनि श्याम।  
<a id="line-114"></a>श्यामा को रिझावें बनि नायिनि श्याम।  
<a id="line-115"></a>श्यामा को रिझावें मनिहार बनि श्याम।  
<a id="line-116"></a>श्याम को रिझावें लिलिहार बनि श्याम।  
<a id="line-117"></a>श्यामा को रिझावें मोर बनि नाचें श्याम।  
<a id="line-118"></a>श्यामा जू को लाड़ लड़ावें पिय श्याम।

<a id="line-119"></a>श्यामा गोरी गौरी ते श्यामा कहें बाम।  
<a id="line-120"></a>श्यामा बिनु जल बिनु मीन जनु श्याम।  
<a id="line-121"></a>श्यामा बिनु नैन बिनु देह जनु श्याम।  
<a id="line-122"></a>श्यामा बिनु नीर बिनु कूप जनु श्याम।  
<a id="line-123"></a>श्यामा बिनु वेद बिनु विप्र जनु श्याम।  
<a id="line-124"></a>श्यामा बिनु दीप बिनु मन्दिर श्याम।  
<a id="line-125"></a>श्यामा बिनु चन्द्र बिनु रैन जनु श्याम।  
<a id="line-126"></a>श्यामा बिनु मेघ बिनु भूमि जनु श्याम।  
<a id="line-127"></a>श्यामा बिनु गंध बिनु फूल जनु श्याम।  
<a id="line-128"></a>श्यामा बिनु क्षीर बिनु धेनु जनु श्याम।  
<a id="line-129"></a>श्यामा प्रेम वारि-निधि वारिद श्याम।  
<a id="line-130"></a>श्यामा हैं सुगंधि मृगमद घनश्याम।  
<a id="line-131"></a>श्यामा बिनु श्याम का है दाम छदाम।  
<a id="line-132"></a>श्यामा को ही जन जानि मानें सब श्याम।  
<a id="line-133"></a>श्यामा बिनु वर्जित अर्चन श्याम।  
<a id="line-134"></a>गाओ पूर्व श्यामा नाम पाछे घनश्याम।  
<a id="line-135"></a>श्यामा महरानी ग्वारिया घनश्याम।  
<a id="line-136"></a>श्यामा जू सिखावें राजरीति घनश्याम।  
<a id="line-137"></a>श्यामा जू को गोरो तनु लखि लाजें श्याम।

<a id="line-138"></a>श्यामा बसें ब्रज नित्य भाजे फिरें श्याम।  
<a id="line-139"></a>श्यामा गर मणिमाल गुंजमाल श्याम।  
<a id="line-140"></a>कनक मुकुट श्यामा मोर पुच्छ श्याम।  
<a id="line-141"></a>सोरहों शृंगार श्यामा नटवेष श्याम।  
<a id="line-142"></a>श्यामा खेलें चौपड़ गुल्ली डंडा श्याम।  
<a id="line-143"></a>श्यामा आयीं महलन कारागार श्याम।  
<a id="line-144"></a>श्यामा आईं दिन महँ आधी रात श्याम।  
<a id="line-145"></a>श्यामा तो हैं भोरी भारी नटखट श्याम।  
<a id="line-146"></a>श्यामा तो हैं गम्भीरा चंचल श्याम।  
<a id="line-147"></a>श्यामा हैं सलज अति निर्लज्ज श्याम।  
<a id="line-148"></a>श्यामा हैं दयामयी निष्ठुर श्याम।  
<a id="line-149"></a>श्यामा प्रेम बाँटें करें मारधाड़ श्याम।  
<a id="line-150"></a>श्यामा तो कृपा करें न्याय करें श्याम।  
<a id="line-151"></a>श्यामा का स्वभाव माँ का पिता भाव श्याम।  
<a id="line-152"></a>श्यामा उर सरल कठोर उर श्याम।  
<a id="line-153"></a>श्यामा देना देना जानें लेना देना श्याम।  
<a id="line-154"></a>श्यामा क्षमा दान देयँ दण्ड देयँ श्याम।  
<a id="line-155"></a>श्यामा भायें पतितन भगतन श्याम।  
<a id="line-156"></a>श्यामा मानें बुरा जनि बुरा कहो श्याम।

<a id="line-157"></a>श्यामा जू को प्राण जान देह जान श्याम।  
<a id="line-158"></a>श्यामा गावें वीणा में नित श्याम श्याम।  
<a id="line-159"></a>श्यामा हैं “कृपालु” कृपा माँगें घनश्याम॥

Original Hindi songs from the supplied standalone Yugal Madhuri edition. This is distinct from Prem Ras Madira's similarly named chapter. Frontmatter retains its own source credits. Supplied edition: Fifth edition, Gita Jayanti, 28 November 2009.

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Unofficial source transcription. Roman transliteration is not an English translation. No missing meanings are generated.
